प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एमबीबीएस छात्र की मौत के मामले में जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। उस रात शराब पार्टी में शामिल 16 एमबीबीएस छात्रों दो माह के लिए निलंबित किया गया है। अनुशासनहीनता बरतने वाले छात्रों के अभिभावकों को भी सूचना दी गई है। 18 छात्रों से पूछताछ हुई थी।
राजधानी लखनऊ के बंथरा स्थित प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के तृतीय वर्ष के छात्र विपुल बाजवा (21) की मौत के मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित कमेटी की जांच पूरी हो गई है। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात हॉस्टल में शराब पार्टी हुई थी। कॉलेज प्रशासन ने शराब पार्टी में शामिल 16 एमबीबीएस छात्रों को दो माह के लिए निलंबित कर दिया है।
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प्रिंसिपल डॉ. शैलेंद्र यादव के मुताबिक जांच कमेटी ने 18 छात्रों से पूछताछ की। इसमें 16 अनुशासनहीनता और कॉलेज के नियमों के विरुद्ध कार्यों में संलिप्त पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी उनके अभिभावकों को भी दी गई है।
परिवार ने की थी जांच की मांग
विपुल के पिता मुकेश ने पूरे मामले की जांच की मांग की थी। परिजनों ने कॉलेज के हॉस्टल में मादक पदार्थ के सेवन पर गंभीर सवाल उठाए थे। परिजनों की मांग पर कॉलेज प्रशासन ने कमेटी गठित कर जांच की। सभी छात्रों के बयान की वीडियोग्राफी कराई गई।
बताया जा रहा है कि छात्रों से माफीनामा भी लिया जाएगा। उन्हें दो माह बाद कॉलेज में वापस प्रवेश दिया जाएगा। इस घटना के बाद से हॉस्टल में सख्ती बढ़ा दी गई है। वार्डेन को हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यह है पूरा मामला
बृहस्पतिवार रात हरियाणा के विकासनगर सोनीपत निवासी तृतीय वर्ष के छात्र विपुल बाजवा के साथी फैजल का जन्म दिन था। विपुल और उनके साथियों ने हॉस्टल के कमरे में ही केक काटकर पार्टी मनाई थी। रात में छात्रों ने जमकर शराब पी थी। देर रात विपुल की पल्स काफी धीमी पाए जाने पर परिसर स्थित अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।