आवास विकास व एलडीए में भी ओटीएस की तैयारी
- योजना लागू करने को मुख्य सचिव करेंगे 18 को बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। आवास विकास परिषद व एलडीए के उन आवंटियों के लिए राहत भरी खबर है, जो अधिक दंड-ब्याज होने के कारण अपने फ्लैट-प्लॉट का बकाया पैसा जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे आवंटियों के लिए सरकार एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) जल्द लाने जा रही है। इसके लिए 18 जून को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होगी। इस बाबत प्रमुख सचिव आवास ने आवास आयुक्त व एलडीए वीसी को 14 जून को आदेश भी जारी कर दिया है।
एलडीए व आवास विकास में बड़ी संख्या में ऐसे आवंटी हैं, जिन्होंने लंबे समय से बकाया पैसा जमा नहीं किया है। उन पर दंड ब्याज इतना ज्यादा हो गया है कि वह बकाया जमा करने से कतरा रहे हैं। इससे एलडीए के करीब 50 करोड़ और आवास विकास के एक हजार करोड़ रुपये आवंटियों के पास फंसे हैं। ऐसे आवंटियाें को एक मौका देने के लिए शासन ओटीएस योजना लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए बने प्रस्ताव के तहत योजना में आवेदन करने वालों को प्रोसेसिंग फीस और आवेदन पत्र के साथ संपत्ति के प्रकार आधार पर प्रारंभिक शुल्क जमा करना होगा। योजना को लेकर प्रस्तावित नियमों के तहत प्रोसेसिंग फीस तो बकाया राशि से नहीं घटेगी, लेकिन प्रारंभिक फीस घटा दी जाएगी।
ओटीएस के लिए प्रस्तावित प्रोसेसिंग व पंजीकरण फीस
संपत्ति का प्रकार प्रोसेसिंग फीस पंजीकरण फीस
ईडब्लूएस भवन/ भूखंड 100 5000
एलआईजी भवन/ भूखंड 500 10,000
अन्य आवासीय भवन, मिक्स 2000 50,000
लैंडयूज, दुकानें, व्यावसायिक भूखंड
ग्रुप हाउसिंग 10,000 5,00,000
संस्थागत संपत्ति 10,000 5,00,000
आवासीय व व्यावसायिक 10,000 5,00,000
के अलावा सभी संपत्तियां