काकोरी क्षेत्र में सराफा व्यवसायी शुभम रस्तोगी (27) ने शुक्रवार देर रात पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पत्नी से अनबन के चलते ससुराल से लौटे युवक ने रात 3:17 बजे अपनी सास को व्हॉट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा और पत्नी से बातचीत के दौरान खुदकुशी की। महीनाभर पहले उसकी शादी हुई थी।
वह माता-पिता के साथ पत्नी को विदा कराने सीतापुर गया था और अकेले घर लौट आया था। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि गांव सैंथा में कमलेश यादव के मकान में किराए पर रहने वाले सराफा व्यापारी शुभम रस्तोगी ने रात 3:17 से 3:19 बजे के बीच पिता संजय रस्तोगी की लाइसेंसी बंदूक की नाल ठुड्डी से सटाकर खुद को गोली मार ली।
इसकी भनक लगने पर संजय पत्नी कंचन के साथ सीतापुर के आलमनगर से आननफानन में मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच करके बंदूक कब्जे में लेने के साथ शव मॉर्च्युरी भेजा गया। संजय ने पुलिस को जानकारी दी कि महीनाभर पहले शुभम की शादी सीतापुर के मोहल्ला नईबस्ती निवासी सोनम से हुई थी।
उसे विदा कराने बृहस्पतिवार को संजय, कंचन और शुभम सीतापुर गए थे। आलमनगर स्थित मूलनिवास से शुक्रवार को सोनम के घर पहुंचे। किसी बात को लेकर शुभम व सोनम में तकरार हो गई। इससे नाराज शुभम रात को काकोरी लौट आया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कमरे से सुसाइड नोट मिला है। उस पर शुभम ने लिखा कि वह पूर्ण होशोहवास में सुसाइड कर रहा है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। छानबीन में पता चला कि उसने रात 3:17 बजे अपनी सास को व्हॉट्सएप पर सुसाइड नोट भेजने के साथ कॉल की थी और उनके मोबाइल से सोनम से बातचीत के दौरान कहा कि उससे अत्यधिक प्यार करता है और अब दुनिया छोड़कर जा रहा है। बातचीत के दौरान उसने खुद को गोली मार ली।
धमाका सुनकर कांप गई पत्नी
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि देर रात मां के मोबाइल फोन से बात कर रही सोनम ने धमाके की आवाज सुनी। दुनिया छोड़कर जाने की बात कह रहे पति को आवाज देते हुए चीखने लगी। जवाब न मिलने पर मां को जानकारी दी। व्हॉट्सएप पर सुसाइड नोट देखते ही अनहोनी का शक हुआ। सोनम के परिवारीजनों ने संजय रस्तोगी को जानकारी दी। वह घर पहुंचे तो कमरे में खून से लथपथ शुभम के शव के पास बंदूक पड़ी थी।
बेटे की मौत पर बिलखते रहे माता-पिता
सीतापुर से तड़के लौटे संजय रस्तोगी और कंचन अपने बेटे का शव देखकर बिलख पड़े। संजय ने बताया कि शुभम उनके साथ आभूषण की दुकान का काम संभालता था। उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी।