गोंडा। विकास विभाग का हाल गजब है। यहां अफसर ही अफसर का आदेश नहीं मान रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बभनजोत विकास खंड का सामने आया है। यहां पंचायत सचिवों की तैनाती को लेकर तैयार किए गए परियोजना निदेशक के प्रस्ताव को अनदेखा कर डीपीआरओ ने मनमाने ढंग से सचिवों को ग्राम पंचायतों का आवंटन कर दिया। समीक्षा के दौरान इसका खुलासा हुआ। इस अनदेखी से नाराज सीडीओ ने डीपीआरओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
बभनजोत ब्लॉक में पंचायत सचिवों को ग्राम पंचायतों का आवंटन किए जाने को लेकर परियोजना निदेशक वीरपाल ने प्रस्ताव तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजा था। इसी प्रस्ताव के मुताबिक ब्लॉक में कार्यरत पंचायत सचिवों को गांव का आवंटन किया जाना था। इस क्रम में पंचायत सचिव हनुमंत प्रसाद मिश्रा को कूकनगर ग्रंट, महुआ पाकड़, ढोढ़ेपुर, गाजीपुर, औराडीहा, इस्लामपुर व खम्हरिया गांव का आवंटन किए जाने का प्रस्ताव था, मगर डीपीआरओ ने पीडी के प्रस्ताव को दरकिनार कर हनुमंत मिश्रा को मन्नीजोत, बढय़ा, इस्लामपुर, गाजीपुर व औराडीहा गांव आवंटित कर दिया। कूकनगर ग्रंट गांव संजय कुमार जायसवाल को आवंटित किया गया, मगर हनुमंत प्रसाद अनाधिकृत रूप से वहां भी कार्य करते रहे। इसकी सूचना खंड विकास अधिकारी को भी नहीं दी गई। सीडीओ की समीक्षा में डीपीआरओ की इस मनमानी का खुलासा हुआ। इससे नाराज सीडीओ दिव्या मित्तल ने डीपीआरओ से स्पष्टीकरण मांगा है।