स्मार्ट कंट्रोल रूम के लिए कंपनी की तलाश शुरू हो गई है। दिसंबर के अंत तक इसका चयन कर कंट्रोल रूम बनाने और कैमरे लगाने का काम शुरू हो जाएगा, जिसे तीन महीने में पूरा करना है।
यह स्मार्ट कंट्रोल रूम वीमेन पावर लाइन 1090 के मौजूदा सिस्टम की जगह लेगा। वहीं, डायल 112 और स्मार्ट सिटी कमांड कंट्रोल से भी जुड़ा होगा। एडीजी वीमेन पावर लाइन इस प्रक्रिया को पूरा करा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी नजर
स्मार्ट कंट्रोल रूम कैमरों से मिलने वाली फोटो और वीडियो के अलावा सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट का भी आकलन करेगा। हर डाटा को खास सॉफ्टवेयर से जांचा जाएगा।
इसके विश्लेषण से मिले परिणाम से रीयल टाइम अलर्ट सॉफ्टवेयर तय करेगा। वहीं, यह आर्टिफि शियल इंटेलीजेंस बताएगी कि कहां अपराध संभावित है।
स्मार्ट कंट्रोल रूम में एनालिटिकल इंजन फोटो में मौजूद चेहरे की पहचान करेगा। डाटा, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तुरंत सर्च कर फोटो वाले व्यक्ति का पता किया जाएगा। अपराधी के बारे में जानकारी मिलते ही उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। शिकायत करने को खास कॉल सेंटर भी यहां बनेगा।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल सेफ सिटी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए खास तौर पर 1500 कैमरे लगाए जाने हैं। इनकी निगरानी और विश्लेषण का काम स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर से भी रहेगा। - एसएफए जैदी, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी