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यूकेलिप्टस की लकड़ी को जलौनी दिखाकर 150 करोड़ की जीएसटी की लगाई चपत, ऐसे करते थे खेल

Wed, 21 Mar 2018 06:37 PM IST
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
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कागज बनाने वाली मिलों को यूकेलिप्टस की लकड़ी को जलौनी (वुड वेस्ट) दिखाकर सप्लाई करने की आड़ में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी का खुलासा हुआ है। धंधेबाज यूकेल्पिटस की लकड़ी पर 18 फीसदी जीएसटी चुकाने के बजाय जलौनी दिखाकर 5 फीसदी ही जीएसटी देकर उसे दूसरे राज्यों में भेज रहे है। इस तरह 13 फीसदी जीएसटी की चोरी कर रहे हैं।

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जॉइंट कमिश्नर अजय कुमार वर्मा एवं डिप्टी कमिश्नर श्रीराम गौड़ ने 20 दिन तक लखनऊ, सीतापुर, हरदोई व अमेठी जिलों में जांच के बाद प्रदेश का पहला 150 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला और आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) पेमेंट का फर्जीवाड़ा उजागर किया है। इस पर लखनऊ के एडिशनल कमिश्नर (एसआईबी) के गोपनीय पत्र पर वाणिज्य कर मुख्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि यूकेलिप्टस की लकड़ी पर 18 फीसदी और जलौनी लकड़ी पर 5 फीसदी जीएसटी का प्रावधान है।

एडिशनल कमिश्नर (एसआईबी) केके उपाध्याय ने वाणिज्य कर आयुक्त कामिनी रतन चौहान को भेजे पत्र में कहा है कि मूलरूप से कोलकाता एवं लखनऊ के 2/517 विजय खंड गोमतीनगर के पते पर रजिस्टर्ड फर्म एआईई वैली ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड की जांच की गई। पता चला कि 26 करोड़ की यूकेलिप्टस लकड़ी को जलौनी दिखाकर कई राज्यों में भेजने के लिए 5 फीसदी ही जीएसटी चुकाई गई। कर चोरी की यह रकम 3.25 करोड़ रुपये है। यह सप्लाई कुछ महीनों की है। फर्म प्रबंधक ने कारोबारी दस्तावेज कोलकाता में होने की बात कही है।
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इसी तर्ज पर कानपुर, इटावा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर सहित पूरे प्रदेश में सैकड़ों फर्में जीएसटी की चोरी कर रही हैं। एआईई वैली ट्रेडर्स को नोटिस जारी करके ई-संचरण की सुविधा ब्लॉक कर दी गई है। वहीं लखनऊ, सीतापुर, हरदोई एवं अमेठी के असेसमेंट सेल से दाखिल जीएसटी रिटर्न के रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। अनुमान है कि प्रदेश भर के कारोबारियों ने 750 करोड़ से अधिक की लकड़ी सप्लाई करके 150 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया है।

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यूं खुली घोटाले की पोल

प्रतीकात्मक तस्वीर
सीतापुर एवं लखनऊ के सचल दस्ते के डिप्टी कमिश्नर राम सुमिरन, असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद कुमार सिंह व अनुरुद्ध सिंह की टीम ने 6 फरवरी 2018 को यूकेलिप्टस की लकड़ी से लदे ट्रक को कब्जे में लेकर जांच की। ड्राइवर ने जो दस्तावेज दिखाया उसमें यूकेलिप्टस लकड़ी पर 5 फीसदी जीएसटी का उल्लेख था। टीम ने फर्म एआईई वैली ट्रेडर्स को नोटिस जारी किया तो जीएसटी का डिफरेंस 36 हजार रुपये जमा कराकर लकड़ी सहित ट्रक को छोड़ दिया गया। इसके बाद प्रकरण की गुपचुप जांच कराने पर घोटाले की पोल खुली।

इन फर्मों ने डकारा जीएसटी
रुचि इंटरप्राइजेज अमेठी, अमन ट्रेडर्स सिंह धर्मकांटा दुर्गापुर रोड अमेठी, केएस ट्रेडर्स खैराबाद सीतापुर व हनुमान ट्रेडर्स सीतापुर की फर्में उत्तराखंड की सेंचुरी पेपर मिल को यूकेलिप्टस की लकड़ी सप्लाई कर रही हैं। यह लकड़ी ट्रक केबजाय रेल द्वारा भेजी जाती है। इसके सेंटर सीतापुर में खैराबाद, हरदोई में संडीला, रायबरेली में ऊंचाहार हैं।

एडिशनल कमिश्नर वाणिज्य कर उप्र अनंजय कुमार सिंह का कहना है कि यूकेलिप्टस लकड़ी पर नियोजित तरीके से जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। इस सिलसिले में प्रदेश भर के जोनल एडिशनल कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी गई है। जहां से रिपोर्ट मिल चुकी है उसका परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद रिकवरी और एसआईबी जांच कराई जाएगी।
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