लखनऊ। शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर मुनाफे का झांसा देकर ठगों ने गोमतीनगर विस्तार स्थित शारदा अपार्टमेंट निवासी चतुरानन त्रिपाठी से 15 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित के मुताबिक मार्च में उनके पास प्रिया शर्मा नाम की युवती ने व्हाट्सएप कॉल की थी।
युवती ने खुद को शेयर मार्केट का जानकार बताया। फिर शेयर में निवेश करने के लिए कहा। पीड़ित ने मना कर दिया, पर युवती लगातार फोन करती रही। युवती ने चतुरानन को लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक कर ASKMIN नाम का एप डाउनलोड कराया। झांसे में आकर पीड़ित ने एप के जरिए पहले पांच हजार रुपये लगाए। 991 रुपये का मुनाफा दिखाया गया। ठगों के चंगुल में फंस चुके पीड़ित ने कई बार में कुल 15.67 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में रकम निकालनी चाही तो ठगों ने खाता ब्लॉक कर दिया। साइबर थाना प्रभारी ब्रजेश यादव के मुताबिक केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
जानिए आखिर ठग आपको कैसे लेते हैं झांसे में
ठग पहले व्हाट्सएप कॉल या मैसेज से संपर्क करते हैं। खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताकर भरोसा दिलाते हैं। आकर्षक लिंक भेजकर नकली एप डाउनलोड करवाते हैं। शुरुआती निवेश पर मुनाफा दिखाकर झांसे में लेते हैं। जब रकम बड़ी हो जाती है, तो पैसे निकालने पर कमीशन या टैक्स के नाम पर और पैसा मांगते हैं। अंत में खाता या एप ब्लॉक कर देते हैं और फोन बंद कर लेते हैं।
ऐसे पहचानिए कि कोई अंजान कॉल ठग की है या नहीं
अज्ञात नंबर से आया व्हाट्सएप कॉल। जल्दी अमीर बनने का वादा या ''गारंटीड रिटर्न''। निवेश से पहले कोई आधिकारिक दस्तावेज या पहचान न देना। ऐप्स जो प्ले स्टोर पर मौजूद नहीं हैं या संदिग्ध लिंक से डाउनलोड होते हैं। ईमेल या चैट में केवल टेक्स्ट आधारित संवाद, बिना वीडियो कॉल या वास्तविक आईडी वेरिफिकेशन के।
निवेश से पहले जांचें, सतर्क रहें और ठगी से बचें
किसी भी अनजान लिंक या ऐप को क्लिक या डाउनलोड न करें। व्हाट्सएप पर आए निवेश प्रस्तावों को तुरंत नजरअंदाज करें। किसी भी वित्तीय सलाह या निवेश से पहले संबंधित व्यक्ति या कंपनी का पंजीकरण व इतिहास जरूर जांचें। हमेशा SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर से ही निवेश करें। ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट और रिकॉर्ड रखें। संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।