भेड़ चाल... का मुहावरा यहां हकीकत में बदल गया। भेड़ चरा कर घर लौट रहा एक बुजुर्ग चरवाहा बुधवार की देर रात नहर के किनारे 15 फीट गहरी खाईं में गिर गया, तो उसके पीछे पीछे चल रहा लगभग 600 भेड़ों का झुंड भी गिरता चला गया।
किसी तरह बुजुर्ग चरवाहे ने साथियों की मदद से 457 भेड़ों को बचा लिया लेकिन उसकी 143 भेड़ों की मौत हो गई। मया के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विमल कुमार ने मृत भेड़ों का गुरुवार को पोस्टमार्टम किया है, इसके बाद जेसीबी से गड्ढा खोद सभी को दफन कर दिया गया है।
महराजगंज थाना क्षेत्र के तेलियाकुआं निवासी कन्हई पाल (62) अपने तीन अन्य साथियों के साथ बुधवार सुबह 600 भेड़ लेकर चराने गया था। वह देर रात्रि शारदा सहायक नहर की पटरी से लौट रहा था, कि लाला का पुरवा गांव के सामने नहर की तरफ गहरी खाईं में गिर पड़ा।
अपने मालिका का अनुसरण करते हुए पीछे आ रहा भेड़ों का झुंड भी उसी खाईं में गिरता चला गया। वृद्ध चरवाहे ने अन्य साथियों की मदद से लगभग 457 भेड़ों को बाहर निकाल लिया लेकिन उसकी 143 भेड़ें मर गईं।