प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षकों की कमी से उबरने के लिए उप्र राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अध्यापकों की सेवा नियमावली में पांचवा संशोधन किया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के लिए आयुसीमा 55 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है। इसके लिए न्यूनतम आयु 55 वर्ष होगी। वहीं, प्रोफेसर पद के लिए आयुसीमा 45 से बढ़ाकर 55 वर्ष कर दी गई है। इसके लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष होगी।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने इस संबंध में सेवा नियमावली जारी कर दी है। सहायक आचार्य पद पर भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 26 और अधिकतम आयु 40 वर्ष कर दी गई है। पहले न्यूनतम आयु 21 और अधिकतम 35 वर्ष थी। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि संशोधन से चिकित्सा शिक्षक मिलने में आसानी होगी और डॉक्टर भी इस सेवा के लिए आकर्षित होंगे।