मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली राज्य उच्चाधिकार संचालन समिति की बैठक में स्मार्ट सिटी के लिए तेरहवें शहर के नाम पर मुहर लग सकती है।
तेरहवें शहर के लिए रायबरेली और मेरठ दौड़ में हैं। जानकारों की मानें तो रायबरेली का पलड़ा भारी लग रहा है। इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
पहला यह कि नगर विकास मंत्री आजम खां के धुर राजनीतिक विरोधी मेरठ से ही हैं। इसी के चलते मेरठ की पहले भी उपेक्षा होती रहती है। दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते रायबरेली की उम्मीद ज्यादा है।