फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को अच्छे संस्कार देना समय की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
खैराबाद (सीतापुर)। चरित्र मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी है। चरित्र के अभाव में इंसान की कोई कीमत नहीं। चरित्र उत्थान करना और नई पीढ़ी के बच्चों में अच्छे संस्कार डालना समय की सबसे बड़ी मांग है। यह बातेें नगर के कर्बलापुरवा में आयोजित सत्संग में बाबा जयगुरुदेव के वारिस पंकज महाराज ने कहीं। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार कोई डिग्री, डिप्लोमा, शिक्षा या तालीम से नहीं, बल्कि महात्मा-फकीरों के सत्संग से मिलते हैं। सत्संग में मानवता, अध्यात्मवाद, सांप्रदायिक सौहार्द की स्थापना, चरित्र उत्थान, अच्छे समाज के निर्माण आदि विषयों के साथ मानव शरीर की अनमोलता, पाने का मकसद, गुरु की महिमा, आत्म कल्याण, प्रभु-प्राप्ति आदि विषय पर प्रेरक व मार्गदर्शक संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि देश व दुनिया को बर्बादी से बचने के लिए शाकाहारी बनना जरूरी है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि संत महात्मा त्रिकालदर्शी होते हैं। उन्हें भूत, भविष्य, वर्तमान, सब कुछ मालूम रहता है। यदि हम सब लोग उनकी बातों को मानकर शुद्ध शाकाहारी बन जाएं और बुद्धिनाशक नशों को त्याग कर भगवान का भजन, खुदा की इबादत करने लगें तो देश-दुनियां के सारे रगड़े-झगड़े अपने आप समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने देश में बढ़ती हिंसा, अराजकता, नैतिक पतन पर चिंता जताई और अच्छे समाज के निर्माण हेतु शाकाहार की अहम भूमिका बताई। बुद्धिजीवियों, मनीषियों को शाकाहार के प्रचार में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भजन, इबादत या भक्ति के लिए सबसे पहले मानवतावादी, नशामुक्त और शाकाहारी बनना नितांत आवश्यक है। उन्होंने शाकाहार पर विशेष जोर दिया। इस मौके पर डॉ. रामकृष्ण यादव, जयगुरुदेव आश्रम के प्रबंधक संत राम चौधरी, बाबूराम, गया प्रसाद यादव, मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रद्युम्न कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

वार्षिक भंडारे में आने का दे गए न्यौता
पंकज महाराज ने बाबा जयगुरुदेव महाराज के छठवें वार्षिक भंडारा महापर्व में सम्मिलित होने का सबको निमंत्रण दिया। बताया कि 17 से 21 मई तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में वार्षिक भंडारा होगा।
विज्ञापन


तेज धूप पर भारी दिखी आस्था
बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज महाराज की एक झलक पाने को हर कोई आतुर नजर आया। सुबह 10:30 बजे उनका आगमन होते ही भीड़ पुष्प वर्षा करने लगी। मंच पर पुष्पहार व आरती-दीपों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। खचाखच भरे कर्बलापुरवा मैदान में चिलचिलाती धूप व गर्मी पर भक्तों की भक्ति, आस्था और श्रद्धा भारी दिखाई दे रही थी।

मुक्ति दिवस पर किया झंडारोहण
आपातकाल में बाबा जयगुरुदेव महाराज भी बंदी बनाए गए थे। बाद में 23 मार्च 1977 को दिल्ली की तिहाड़ जेल से मुक्त हुए थे। तब से इस दिन मुक्ति दिवस मनाया जाता है। पंकज महाराज ने 42वें मुक्ति दिवस पर जयगुरुदेव झंडारोहण किया। महान क्रान्तिकारी और देश भक्त सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें याद किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें