प्रिंसिपल की अभद्र टिप्पणी से नाराज बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के हॉस्टल के 13 छात्र बुधवार शाम भाग निकले और पूरी रात सेंट्रल स्टेशन पर गुजारी।
बुधवार रात इस घटना का पता चलने पर कॉलेज में हड़कंप मच गया और रात में ही खोजबीन शुरू हो गई। पता न चलने पर अभिभावकों को सूचना दी गई। अभिभावकों ने खोजबीन की तो सुबह पता चला कि बच्चे मोतीझील में है।
फिर सबको कॉलेज लाया गया और अभिभावकों ने वहां हंगामा किया। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के आदेश पर डीआईओएस मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी की टीम बीएनएसडी शिक्षा निकेतन जांच-पड़ताल करने पहुंची।
जांच रिपोर्ट गुरुवार रात ही माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को देनी है। हालांकि 12 छात्रों ने अनुशासनहीनता पर माफी मांग ली। एक छात्र को कॉलेज से निकाला जाना तय हो गया है।
जानें क्या बोले प्रिंसिपल
बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के हॉस्टल में रहने वाले 12वीं (सेक्शन ए) के छात्र सुधांशु सचान, पुष्पेंद्र, कौशलेंद्र सिंह, मयंक सिंह, माधव सिंह, अनुभव ओझा, सागर धनराज, अंकित यादव, आयुष कुमार, रजत सचान, शशिकांत, दिव्यांशु बाजपेई और पीयूष आनंद बुधवार को बगैर सूचना लापता हो गए।
वार्डेन विद्या सागर ने चौकीदार रजनीश सिंह से पूछा तो पता चला कि छात्र जबरन ताला खुलवाकर बाहर चले गए। स्कूल प्रबंधन ने बुधवार रात 12 बजे तक छात्रों की खोजबीन की लेकिन सुराग नहीं लग सका।
आरोप लगाया कि प्रिंसिपल अंगद सिंह की अभद्र टिप्पणी से आहत होकर बच्चों ने हॉस्टल छोड़ा है। वहीं बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के प्रिंसिपल का कहना है, 12वीं के छात्र सुधांशु सचान ने अनुशासनहीनता की, इसलिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया।
अब अनुशासनहीनता बढ़ गई है, जिससे स्कूल का माहौल खराब होगा। उन्हें जल्द ही स्कूल से बाहर किया जाएगा।