लखनऊ। मंगलवार को भीषण गर्मी व उमस के बीच राजधानी के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के करीब 1.26 लाख उपभोक्ताओं ने बिजली संकट का सामना किया। एफसीआई उपकेंद्र के अंतर्गत शांतिनगर कॉलोनी, एवन सिटी, सलेमपुर पतौरा और जनता विहार कॉलोनी में छह घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। यहां 250 केवी ट्रांसफर और एबीसी लाइन में तकनीकी खराबी आने से सोमवार देर रात अचानक हाई वोल्टेज आ गया। इससे कई उपभोक्ताओं के घरों में लगे इंडक्शन चूल्हे खराब हो गए।
वहीं, कठिंगरा में 63 केवी ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी से करीब 150 घरों की बिजली रातभर गुल रही। शांतिनगर कॉलोनी निवासी बद्री शर्मा, अंकित मिश्रा, प्रवीण त्रिवेदी और संतोष यादव ने बताया कि सोमवार रात करीब 11:30 बजे अचानक वोल्टेज तेज हो गया, जिससे घरों के उपकरण खराब हो गए। इसके बाद मंगलवार सुबह 11 बजे के बाद बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी। लगभग 12 घंटे बिजली गुल रहने से दुकानदारों और बेकरी संचालकों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
उपभोक्ताओं ने किया हंगामा
लखनऊ। राजाजीपुरम न्यू उपकेंद्र की 11 केवी की लाइन में फॉल्ट आने के कारण सोमवार रात करीब 11:30 कनक सिटी, सरीपुरा और शीला गार्डन के करीब एक हजार घरों की सप्लाई अचानक ठप हो गई। लगभग एक घंटे तक इंतजार के बाद बाद गर्मी से बेहाल उपभोक्ता उपकेंद्र पहुंच गए। वहां कोई कर्मचारी न पाकर हंगामा शुरू कर दिया। मरम्मत के बाद एक बजे आपूर्ति बहाल हुई। उसके आधे घंटे बाद सरीपुरा की पेंट फैक्टरी के पास 630 केवी के ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ, जिससे पूरा इलाका फिर अंधेरे में डूब गया। मरम्मत होने पर करीब दो बजे सप्लाई चालू हुई। वहीं, मंगलवार को बिजली की बार-बार आवाजाही बनी रही। दूसरी ओर, जगत नारायण रोड के आसपास मंगलवार को दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। (संवाद)
24 घंटे में तीन बार फॉल्ट, साढ़े तेरह घंटे एक लाख आबादी रही परेशान
मलिहाबाद में क्षेत्र की 33 केवी बिजली लाइन में सोमवार शाम सात बजे आया फॉल्ट देर रात डेढ़ बजे दुरुस्त हो सका। इस दौरान एक लाख लोग परेशान रहे। बिजली ने होने से पानी की भी समस्या हो गई। वहीं, आपूर्ति चालू होने के छह घंटे के बाद मंगलवार सुबह आठ बजे 33 केवी लाइन में कबूतर के चिपक जाने से तीनों फीडर फिर ठप हो गए। कर्मियों ने लाइन चेक कर डेढ़ घंटे बाद लाइन चालू कराई। इसके बाद मंगलवार सुबह 10:30 बजे फिर अचानक 33 केवी हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट आने से आपूर्ति ठप हो गई, जिसमें चांदपुर, मिर्जागंज तहसील सहित तीनों फीडरों के दर्जनों गांव के एक लाख आबादी के सामने बिजली संकट रहा। हालांकि, ओल्ड फीडर अमानीगंज से मिर्जागंज, तहसील फीडरों की बिजली चालू कराई गई। इस संबंध में जेई त्रिभुवन सिंह ने बताया कि भूमिगत केबल में फॉल्ट की जांच करने के बाद दुरुस्त किया गया।
यहां रहने उपभोक्ताओं ने बताया कि पिछले वर्ष रहीमाबाद उपकेंद्र से आई 33 केवी की लाइन के साथ एक वैकल्पिक केबिल व्यवस्था की गई थी, जिससे फॉल्ट आने से उसमें लाइन जोड़ी जा सके, लेकिन केबल किस तरह का पड़ा कि आए दिन फॉल्ट से कई घंटे सप्लाई बाधित रहती है।
गोसाईंगंज में ट्रक की टक्कर से टूटा खंभा, ट्रांसफार्मर गिरा
गोसाईंगंज के नूरपुर बेहटा गांव में ट्रक की टक्कर से खंभे टूट गए और ट्रांसफार्मर नीचे गिर गया। इसके तीन दिनों से गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले गांव के पास से गुजर रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर में टक्कर मार दी थी। उपभोक्ता आरिफ, यूसुफ, अजमेरी ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, अधिशासी अभियंता श्रवण कुमार सिंह का कहना है कि सप्लाई पास की दूसरी लाइन से चालू करा दी गई थी। शाम को सूचना मिलने पर पोल और ट्रांसफार्मर भी हटवा दिया गया है।