बहराइच। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ अघोषित विद्युत कटौती शुरू हो गई है। ओवरलोडिंग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों के जलने का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। वहीं, आंकड़ों में व्यवस्था चाक चौबंद है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बहराइच को मांग के सापेक्ष 25 मेगावाट बिजली कम मिल रही।
इससे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर भी गड़बड़ है। पड़ोसी जनपद गोंडा में कटौती होने पर जिले की विद्युत व्यवस्था अक्सर चरमरा जाती है। गर्मी की तपिश में ट्रांसफार्मरों के जलने का सिलसिला भी तेज होने लगा है। जनपद में 225 मेगावाट बिजली की जरूरत है।
इसके सापेक्ष दो सौ मेगावाट के आसपास ही विद्युत आपूर्ति हो रही है। कभी-कभी पड़ोसी जनपद गोंडा से विद्युत कटौती के कारण जिले को भी विद्युत समस्या से जूझना पड़ता है। जनपद के नगर क्षेत्र में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर प्लान पावर कॉर्पोरेशन ने जारी कर रखा है।
लेकिन यह रोस्टर प्रतिदिन तार-तार होता दिख रहा। गर्मी बढ़ने के साथ नगर क्षेत्र स्थित जेल रोड, रायपुरराजा, सिविल लाइंस, मेवातीपुरा, बड़ीहाट, बरहियापुरा, स्टीलगंज, नाजिरपुरा आदि मोहल्लों में अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। तहसील व ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आने और जाने का समय नहीं है।
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से पयागपुर, नानपारा, कैसरगंज व नगर क्षेत्र में नए 132 विद्युत सब स्टेशनों को स्थापित कर व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है।
हर बार अघोषित कटौती का करना पड़ता सामना
नागरिकों ने बदहाल विद्युत व्यवस्था को कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की लापरवाही बताया। सराफा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राकेश वर्मा व अधिवक्ता संघ के पूर्व उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव का कहना है कि गर्मी शुरू होने से पूर्व अगर कॉर्पोरेशन व्यवस्था चाक चौबंद कर ले, तो शायद गर्मी के मौसम में नागरिकों को व्यवस्था से न जूझना पड़े।
हर बार गर्मी शुरू होने के साथ अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता है। व्यवसायी फिरोज अहमद व पवन गोयल ने भी गर्मी में विद्युत कटौती को पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही बताया।
वर्कशॉप में पर्याप्त संख्या में हैं ट्रांसफार्मर
उपखंड अधिकारी विद्युत मोहित दीक्षित का कहना है कि मौजूदा समय में कॉर्पोरेशन के वर्कशॉप में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर हैं। एसडीओ ने बताया कि उनकी जानकारी में कहीं भी कोई ट्रांसफार्मर खराब नहीं है।
उन्होंने स्वीकार किया कि जनपद में 225 के सापेक्ष दो सौ मेगावाट की विद्युत आपूर्ति हो रही है। इससे कभी-कभी दिक्कत होती है।