फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजाज मिल का चीनी, शीरा, बगास कब्जे में लेगा प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। किसानों के गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न करने पर डिफाल्टर बजाज कुंदुरखी चीनी मिल पर इस बार प्रशासन ने पहले से ही शिकंजा कस दिया है। जिला प्रशासन बजाज चीनी मिल के पेराई शुरू करने के तीसरे दिन मिल की चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड को कब्जे में लेगा। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बजाज चीनी मिल के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए गन्ना विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित कर कार्रवाई का आदेश दिया है।
विज्ञापन

बजाज कुंदुरखी चीनी मिल की ओर से न तो अभी तक कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराई गई है और न ही और न किसानों के पहले के गन्ना मूल्य का पूरा मूल्य का भुगतान किया है। बजाज चीनी मिल प्रबंधन की इस मनमानी को देखते हुए डीएम जेबी सिंह ने मिल प्रबंधन पर कड़ा रुख अपनाते हुए बजाज चीनी मिल के इस सत्र में उत्पादित चीनी, शीरे, बगास व प्रेसमड को अभिरक्षा में लेकर उससे 85 प्रतिशत धन से किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने का आदेश दिया है। यही नहीं चीनी मिल के इन उत्पादों से प्राप्त धन को निर्धारित बैंक खाते में ही हस्तांतरित किया जाएगा। एस्क्रो अकाउंट का संचालन विभागीय अधिकारियों व मिल के अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। बजाज चीनी मिल की चीनी, बगास, शीरा व प्रेसमड को चीनी मिल के अध्यासी, जिला गन्ना अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक की संयुक्त अभिरक्षा में रखा जाएगा। इससे प्राप्त धनराशि को आरटीजीएस व एनईएफटी के जरिये किसानों के खाते में भेजी जाएगा। कोई भी बैंक चीनी मिल के इस खाते का संचालन करने को स्वतंत्र नहीं होगा। जिसे डीएम की ओर से अधिकृत किया जाएगा, वहीं पर इसका संचालन होगा। जिलाधिकारी ने बजाज चीनी मिल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि नियम व आदेश का उल्लंघन व अनियमितता करने पर मिल के अध्यासी व निदेशक मंडल के विरुद्ध यूपी वैक्यूम पैन शुगर फैक्ट्रीज लाइसेंसिंग आर्डर के अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि डीएम के इस आदेश के पालन के लिए मिल व संबधित विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए अवगत करा दिया गया है।

चीनी बिक्री से प्राप्त धन एस्क्रो अकाउंट में जमा होगा
डीएम ने इस बार चीनी मिलों पर किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कड़ा शिकंजा कसा है। चीनी मिलों को चीनी बिक्री का पैसा सीधे नहीं मिलेगा। चीनी से प्राप्त होने वाली रकम चीनी मिलों की ओर से सबसे पहले किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए विभागीय अधिकारियों व चीनी मिल के अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर वाले एस्क्रो अकाउंट में जमा होगी। प्रशासन की अभिरक्षा में रहने वाली चीनी को किसी भी मिल प्रशासन की ओर से तभी बेचकर गोदाम से निकासी करा सकेगा, जब वह बिक्री की गई चीनी से प्राप्त कुल धन को एस्क्रो अकाउंट में जमा करेगा। डीएम ने सभी चीनी मिलों को आदेश दिया है कि वे अपने मिल का नया एस्क्रो अकाउंट खुलवा लें। जिनके पुराने खाते हैं, उन्हें एस्क्रो अकाउंट में परिवर्तित करा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें