मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एग्रेसिव ट्रेसिंग और टेस्टिंग, त्वरित ट्रीटमेंट और तेज टीकाकरण कोविड के प्रसार को रोकने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। 31 जनवरी तक 100 फीसदी लोगों को टीके की पहली डोज और 75 फीसदी पात्र नागरिकों को दूसरी डोज लगाने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि इसे प्रत्येक दशा में पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 25 करोड़ से अधिक कोविड टीके का सुरक्षा कवच नागरिकों को प्रदान किया जा चुका है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के 98.14 फीसदी से अधिक लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है, जबकि 66 फीसदी से अधिक लोग कोविड टीके की दोनों डोज ले चुके हैं। विगत दिवस तक 15-17 आयु वर्ग के लगभग 58.71 फीसदी किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है और 31 जनवरी तक के लक्ष्य के अनुसार पात्र 65 फीसदी से अधिक लोगों को प्री-कॉशन डोज भी मिल चुकी है। टीकाकरण को और तेज किए जाने की जरूरत है।
बीते 24 घंटों में 01 लाख 99 हजार 290 कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 11,583 नए कोरोना पॉजिविट पाए गए। इसी अवधि में 18,875 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। वर्तमान में कुल एक्टिव केस की 86 हजार 563 है। इनमें से 84 हजार 141 घर पर ही उपचाराधीन हैं। स्पष्ट है कि बहुत कम संख्या में लोगों को अस्पताल की जरूरत पड़ रही है। यह संक्रमण वायरल फीवर की तरह है। अतः इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सभी एहतियात अवश्य बरते जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि कोरोना की रोकथाम के उद्देश्य से जारी विशेष सर्विलांस अभियान को प्रभावी बनाया जाए। निगरानी समितियां, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की टीम घर-घर जाएं। लक्षणयुक्त व संदिग्ध मरीजों को निःशुल्क मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। टीकाकरण से वंचित लोगों को चिन्हित कर तत्काल उन्हें टीकाकवर दिया जाए। नियमित टीकाकरण से छूट गए नवजात बच्चों की लाइन लिस्टिंग भी की जाए। यह टीम जनपदीय आईसीसीसी से सतत संपर्क में रहे। डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ का भी सहयोग लिया जाना चाहिए।
कोविड की तीसरी लहर के बीच प्रयागराज में पारंपरिक माघ मेले का सुव्यवस्थित आयोजन जारी है। कोविड सम्बन्धी एहतियात को ध्यान में रखते हुयेबलाखों कल्पवासी अपने व्रत-संकल्प की पूर्ति कर रहे हैं। यह आत्मिक संतोषदायक है।मेला क्षेत्र के समीप जलस्तर बढ़ने की सूचना प्राप्त हुई है। इस सम्बंध में तत्काल कार्यवाही अपेक्षित है। साधु-संतों और कल्पवासियों से निरंतर संवाद बनाये रखा जाए।
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से अस्पताल में उपचाराधीन कोविड पॉजिटिव लोगों के परिजनों से नियमित अंतराल पर संवाद किया जाए। होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे लोगों से संवाद कर उन्हें मेडिकल परामर्श, दवाएं आदि मुहैया कराई जाए।