बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित जिलों में फरवरी से अप्रैल के बीच दैवी आपदा से जुड़े कारणों से हटकर आत्महत्या, हार्ट अटैक सहित विभिन्न वजहों से मरने वाले किसानों की तादाद 1153 पहुंच गई है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जिलाधिकारियों को ऐसी सभी मौतों से जुड़े कारणों का परीक्षण कर सीएम राहत कोष से आर्थिक सहायता की सिफारिश करने को कहा है।
बताते चलें, बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित 23 जिलों में फरवरी से अप्रैल के बीच 80 लोगों की मौत दैवी आपदा से जुड़े कारणों जैसे आकाशीय बिजली गिरने, घर व दीवाल गिरने, पेड़ से दबने से हुई थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऐसे हर पीड़ित परिवार को सात लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा फसलें बर्बाद होने से सदमे व आत्महत्या जैसे विभिन्न कारणों से बड़े पैमाने पर किसानों की मौतों की बात सामने आई। शासन ने ऐसी सूचनाओं की जानकारी जुटाई तो 57 जिलों में 1153 जनहानि की सूचनाएं मिलीं।