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केजीएमयू: 113 प्रोफेसरों को पदोन्नति, एसोसिएट प्रोफेसर बर्खास्त

Sun, 20 Oct 2019 02:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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केजीएमयू कार्यपरिषद की शुक्रवार को हुई बैठक अहम रही। बैठक में 113 संकाय सदस्यों को पदोन्नति दी गई। निलंबित चल रहे माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केपी सिंह को बर्खास्त कर दिया गया।

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केजीएमयू में वर्ष 2014 में राज्य की सीपीएमटी प्रवेश परीक्षा के दौरान चौक एवं नोएडा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने पर 17 अक्तूबर 2014 को डॉ. केपी सिंह को निलंबित कर दिया गया था। इन्हें शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया गया।

पीडियाट्रिक सर्जरी के प्रो. आशीष वाखलू को जांच कार्य में सहयोग नहीं करने के लिए अनुशासनिक समिति की संस्तुति पर निलंबित कर दिया गया। उधर, डॉ. आशीष वाखलू ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई करके कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। मुझे न्यायालय पर भरोसा है।
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इसी तरह सीएफआर की डॉ. नीतू सिंह का एक प्रोफेसर से विवाद हुआ था। इस मामले में डॉ. नीतू सिंह की अनुशासनहीनता मानी गई। उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है। पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर के विभागाध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश पर आय से अधिक संपत्ति का मामला राज्यपाल को भेजा गया। एक आरोप में तीन इंक्रीमेट रोकने के मामले में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के प्रो. ओपी सिंह के प्रत्यावेदन को परीक्षण के लिए रख लिया गया है।

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10 साल का अवकाश ले सकेंगे प्रोफेसर

केजीएमयू की पिछली कार्यसमिति की बैठक में प्रोफेसरों को अवकाश के संबंध में नियमावली परिवर्तन का फैसला लिया गया था। इस संबंध में तैयार रिपोर्ट में पांच-पांच साल का दो बार अवैतनिक अवकाश लेने को मंजूरी दी गई है।

यह प्रस्ताव कुलाधिपति (राज्यपाल) के पास भेजने का फैसला लिया गया है। इसी तरह दीक्षांत समारोह के मेडल, सरस्वती प्रतिमा लगाने, विभिन्न विभागों के 113 संकाय सदस्यों को प्रोन्नति देने पर फैसला लिया गया।

पदोन्नति होने वाले शिक्षकों में सर्वाधिक 13 पैथोलॉजी विभाग के हैं। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के सात, एनेस्थीसिया व सर्जरी के नौ, मेडिसिन के सात, एनाटॉमी के पांच संकाय सदस्य शामिल हैं।
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