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2800 स्कूलों में ठप हो जाएगा एमडीएम

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रायबरेली। परिषदीय स्कूलों में नया शिक्षा सत्र तो शुरू हो गया, लेकिन एमडीएम के लिए पिछले तीन महीने से कन्वर्जन कॉस्ट और खाद्यान्न नहीं मिला है। ऐसे में जिले के 2800 स्कूलों में मध्याह्न भोजन ठप हो सकता है। दो करोड़ रुपये कन्वर्जन कॉस्ट और 9512 क्विंटल खाद्यान्न जून में ही आ जाना चाहिए था, लेकिन अब तक शासन से उपलब्ध नहीं कराया गया है। किसी तरह हेडमास्टर और प्रधानों ने एमडीएम शुरू कराया है।
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जिले के 2800 परिषदीय स्कूलों में एमडीएम के लिए पिछले मार्च महीने में कन्वर्जन कास्ट और खाद्यान्न मिला था। हर तीन-तीन महीने का राशन व कन्वर्जन कॉस्ट शासन से मिलती है। नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन ज्यादातार स्कूलों में खाद्यान्न खत्म हो गया है। कन्वर्जन कॉस्ट भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्कूलों में एमडीएम का संचालन प्रभावित होने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रधान व हेडमास्टरों ने किसी तरह एमडीएम शुरू तो करा दिया है, लेकिन जल्द ही कन्वर्जन कॅास्ट और खाद्यान्न नहीं आया तो एमडीएम ठप हो जाएगा। हालांकि यह समस्या हर हाल आती है। इसी कारण स्कूलों में एमडीएम प्रभावित रहता है। ऐसे में बच्चों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है और मेन्यू के हिसाब से बच्चों को एमडीएम का लाभ नहीं मिल पाता है।

ड्रेस के लिए भी आधी राशि स्कूलों में पहुंची
स्कूलों में बच्चों में ड्रेस का वितरण होना है। इसके लिए अब तक 50 प्रतिशत धनराशि ही स्कूलों में पहुंच सकी है। करीब 5.20 करोड़ रुपये स्कूलों को दिए गए हैं। ऐसे में ड्रेस का वितरण भी समय से पूरा होने की उम्मीद नहीं लग रही है। सभी कक्षाओं के लिए पुस्तकें भी अब तक ब्लॉकों में नहीं पहुंची हैं। इससे बेसिक शिक्षा की लापरवाह व्यवस्था उजागर हो रही है।
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इनसेट
एमडीएम के लिए यह चाहिए
कुल कन्वर्जन कास्ट दो करोड़
पूर्व माध्यमिक स्कूल में खाद्यान्न 3874 क्विंटल
प्राथमिक स्कूलों मेें खाद्यान्न 5638 क्विंटल

जिले में कुछ स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों में एमडीएम बनवाया जा रहा है। प्रधानों व हेडमास्टरों से अनुरोध किया गया है कि वे एमडीएम को बंद नहीं कराएंगे। जल्द ही शासन से कन्वर्जन कॅास्ट और खाद्यान्न मिलते ही स्कूलों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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- विनय तिवारी, जिला समन्वयक एमडीएम
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