100 बेड का अस्पताल बनकर तैयार, 30 से होगी भर्ती
बहराइच। आदर्श जिला अस्पताल का दायरा 30 जून से बढ़ जाएगा। अस्पताल के उच्चीकरण के तहत 100 बेड का अतिरिक्त अस्पताल भवन 30 करोड़ रुपये लागत से बनकर तैयार हो गया है। ये नवीन अस्पताल भवन चार मंजिला है।
ऐसे में अब मरीजों को भर्ती होने के लिए बेड खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नए अस्पताल भवन में पंजीकरण केंद्र, औषधि वितरण केंद्र के साथ ही रेडियोलॉजी की भी सुविधा रहेगी। चार मंजिल तक आने-जाने के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है।
जिला अस्पताल में अब तक महज 201 बेड हैं। जबकि बहराइच जिला अस्पताल में गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर एवं नेपाल के मरीजों का भी दबाव रहता है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 2800 से 2900 मरीजों का परीक्षण होता है।
इनमें आठ से दस फीसदी मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें भर्ती करने की आवश्यकता होती है। मगर बेड कम होने के चलते अक्सर मरीजों को बेड खाली होने तक इंतजार करना पड़ता था।
इस समस्या के चलते अस्पताल प्रशासन की संस्तुति पर शासन ने जिला अस्पताल के उच्चीकरण को हरी झंडी दी थी। इसी के तहत जिला अस्पताल परिसर में 30 करोड़ रुपये लागत से 100 बेड का चार मंजिला अस्पताल भवन बनवाया गया है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि, भवन बनकर तैयार है। बीते माह निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दौरा कर भवन हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे में प्रयास चल रहा है कि आगामी 30 जून को भवन हैंडओवर कर लिया जाए। इसके साथ ही मरीजों को नवीन भवन में भर्ती किया जाएगा। संसाधनों व मैन पावर के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि, नवीन भवन में रोगी पंजीकरण केंद्र, औषधि वितरण केंद्र, रेडियोलॉजी विभाग व एक्सरे की सुविधा होगी। जिससे मरीजों को नए भवन से पुराने भवन की ओर दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी। सीएमएस ने कहा कि, चार मंजिला होने के चलते प्रत्येक मंजिल पर पहुंचने के लिए लिफ्ट की भी व्यवस्था है।
सीएमएस ने कहा कि, 201 बेड के अस्पताल में विभिन्न रोगों के 19 विशेषज्ञों व औषधि भंडार प्रभारी और अधीक्षक समेत 28 चिकित्सक की तैनाती है। मगर 100 बेड बढ़ने पर विभिन्न रोगों के 14 और विशेषज्ञों की जरूरत होगी।
इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि, इस समय 30 उपचारिकाओं की तैनाती है। मगर 301 बेड का अस्पताल होने के चलते अब इनकी संख्या बढ़ाकर 70 होगी। जबकि पैरामेडिकल स्टाफ इस समय 15 का है।
नवीन भवन में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने पर 15 और पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी। जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 79 पद बढ़ेंगे। इसको लेकर शासन को पत्र लिखा गया है। 30 जून तक व्यवस्थाएं हो जाएंगी।