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दूसरे दिन बंद रहीं ग्रामीण बैंक की 45 शाखाएं

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दूसरे दिन बंद रहीं ग्रामीण बैंक की 45 शाखाएं
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अंबेडकरनगर। ग्रामीण बैंकों की प्रदेशव्यापी हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। यूनाइटेड फोरम ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियन के आह्वान पर बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की सभी शाखाएं मंगलवार को भी बंद रहीं।

तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बैंक अधिकारी व कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। संगठन का कहना है कि, जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच हड़ताल के चलते मंगलवार को सैकड़ों उपभोक्ताओं को संबंधित शाखाओं से निराश लौटना पड़ा।
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उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियन ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान कर रखा है। सोमवार को पहले दिन जिले की 48 शाखाओं में से 44 शाखाओं में पूर्णतया तालाबंदी रही।

इससे उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। 45 शाखाओं में कोई लेनदेन नहीं हुआ।

नतीजा ये हुआ कि जरूरी काम से आए उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा। जिला मुख्यालय स्थित शाखा पर संगठन के जिला प्रवक्ता अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि, ग्रामीण बैंक कर्मचारियों की समस्याओं की जिस तरह अनदेखी की जा रही है वह अनुचित है।

निजीकरण का प्रयास रोकने की जरूरत है। बैंकिंग पेंशन समानता लागू करने की भी जरूरत है। बीते दिनों सरकार से हुई वार्ता के आधार पर मांगों को लागू नहीं करने के चलते ही संगठन को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है।

संगठन मंत्री विजय कुमार शुक्ल व गौरव अग्रहरि ने कहा कि, जिस तरह कर्मचारी हितों की अनदेखी की जा रही है वह कतई उचित नहीं है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि, जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
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इस मौके पर हितेश पांडेय, वीरेंद्र कुशवाहा, एसएन पांडेय, आरके त्रिपाठी, अनुराग पांडेय, अशोक उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

संगठन प्रवक्ता अनिल ने मंगलवार शाम बताया कि, पहले दिन 44 तो दूसरे दिन 45 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। तीन अन्य शाखाओं में भी लेनदेन नहीं हुआ, लेकिन तकनीकी कारणों से थोड़ा बहुत काम हुआ। उन्होंने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया।


उधर दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रहने से लगभग 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा।
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