33 केवी भूमिगत केबल में आई तकनीकी खराबी के कारण फतेहगंज और डॉ. शकुंतला मिश्रा उपकेंद्र की बिजली 14 घंटे गुल रही।
खराब गुणवत्ता की सामग्री से राजधानी की बिजली व्यवस्था खतरे में पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को दो उपकेंद्र से हो चुकी है।
33 केवी भूमिगत केबल में आई तकनीकी खराबी के कारण फतेहगंज और डॉ. शकुंतला मिश्रा उपकेंद्र की बिजली 14 घंटे गुल रही। इससे 11 हजार से अधिक लोग सुबह से शाम तक बिजली को तरस गए।
बिजली संकट से आजिज लोगों ने फतेहगंज उपकेंद्र पर हंगामा कर नाराजगी का इजहार किया।
उपकेंद्र कर्मियों ने बताया कि 220 केवी हरदोई रोड उपकेंद्र से जाने वाली भूमिगत 33 केवी केबल में सुबह 6:30 बजे खराबी आ गई।
इससे दोनों उपकेंद्रों की बिजली रात 8:30 बजे तक बंद रही। इलाकाई इंजीनियरों ने केबल खराबी को स्वीकार किया है।
जबकि उपकेंद्र कर्मियों का दावा है कि पिछली गर्मी में इस केबल से एक दर्जन बार बिजली आपूर्ति खतरे में पड़ चुकी है।
सूत्रों की मानें तो फॉल्ट की जगहों पर जो केबल बॉक्स लगाए गए हैं उनमें आए दिन गड़बड़ी आ रही है। कर्मियों ने बताया कि शुक्रवार को 33 केवी केबल में कई जगहों पर खराबी आई है।
इसके कारण लोगों को पानी संकट से जूझना पड़ा है। वहीं राजाजीपुरम में मरम्मत कार्य के चलते छह घंटे तक बिजली संकट उत्पन्न हुआ।
जबकि मिनी एलआईजी के पास तार टूटने के कारण शाम सात बजे एक घंटे तक बिजली बंद रही।
33 केवी भूमिगत केबल में आई खराबी के कारण पारा, डिप्टीखेड़ा, हंसखेड़ा, भपटामऊ, बुद्धेश्वर, बादशाहखेड़ा, आलमविहार, सोना विहार, बुद्धेश्वर विहार, पिंकसिटी, मॉडलसिटी, आलमनगर रोड, मोहान रोड, हरदोई रिंग रोड और नरायनपुर, इब्राहिमगंज फीडर से चालू 50 से अधिक गांवों को बिजली नहीं मिली।