विवि ने इस साल मान्यता स्थायीकरण या फिर विस्तारण के लिए अंतिम तारीख 30 जून तय की थी। 11 कॉलेज ऐसे थे जिन्होंने अस्थायी मान्यता समाप्त होने के बावजूद स्थायी सहयुक्तता नहीं ली। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों में दाखिले पर रोक लगा दी गई है।
इन पाठ्यक्रमों में करीब 800 सीटें हैं। हालांकि द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों पर इसका कोई असर नहीं होगा। उनकी परीक्षा लविवि पहले की तरह कराएगा।
लविवि ने इन कॉलेजों के दाखिले पर रोक का पत्र भले ही 17 जुलाई को जारी किया है, लेकिन इसकी चेतावनी इन्हें बराबर दी जा रही थी। मान्यता स्थायीकरण के लिए इस साल पहला नोटिस 22 जनवरी को जारी किया गया गया था। दूसरा नोटिस 15 फरवरी, तीसरा 7 मार्च, चौथा 8 मई, पांचवां 20 मई और छठा तथा अंतिम नोटिस सात जून को जारी किया गया था। इसके बावजूद ये कॉलेज स्थायी मान्यता लेने में असफल रहे।
दाखिले लिए तो खुद उत्तरदायी होंगे कॉलेज
जिन कॉलेजों ने निर्धारित अवधि में अपनी मान्यता विस्तारित नहीं कराई है उनके दाखिलों पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। अगर इन कॉलेजों ने दाखिले लिए तो इसके लिए वे स्वयं उत्तरदायी होंगे। लविवि उनकी परीक्षा नहीं कराएगा।
- प्रो. एसपी सिंह,कुलपति, लविवि