यूपी में सोमवार को 1018 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। वहीं 1397 को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक प्रदेश में 550587 व्यक्ति संक्रमण के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। इस तरह प्रदेश में मरीजों के ठीक होने की दर 95.65 प्रतिशत हो गई है। इसी के साथ प्रदेश में 2.25 करोड़ से अधिक जांच की जा चुकी है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश रविवार को कल 125063 नमूनों की जांच की गई। अब तक कुल 22564828 नमूनों की जांच की जा चुकी है। जो लगभग 10 प्रतिशत आबादी के नमूनों की संख्या है। वर्तमान में मरीजों की 16822 एक्टिव मरीज हैं। इनमें से 7192 होम आइसोलेशन में हैं। जबकि 1781 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। अन्य मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। प्रदेश में अब तक संक्रमति व्यक्तियों में से 8212 की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब तक दवा और वैक्सीन नहीं आती है कोरोना संक्रमण से बचें। केस कम आने का मतलब संक्रमण कम होना नहीं है। संक्रमण अभी भी है, लेकिन सावधानी बरतने के कारण वह नियंत्रण में है।
संक्रमति मां करा सकती है बच्चे को स्तनपान
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि समाज में एक भ्रांति है कि कोरोना वायरस से संक्रमति मां अपने नवजात बच्चे को दूध नहीं पिला सकती है। यह पूरी तरह से गलत धारणा है। संक्रमति मां बच्चे को स्तनपानकरा सकती है। लेकिन जरूरी है कि वह स्वयं मास्क लगाकर रखे और हाथों को साबुन से धो ले या फिर सैनिटाइजर से साफ करे। मां का चाहिए कि वह बच्चे को अपने दूध से अलग मत करे। इसके अलावा बच्चों का टीकाकरण जरूर कराना चाहिए। इससे बच्चे की जान सुरक्षित रहती है और उसे जानलेवा बीमारियां नहीं होती हैं।