केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) विधानभवन और सचिवालय की सुरक्षा का खाका तैयार कर रहा है। एक कमांडेंट के नेतृत्व में सीआईएसएफ का आठ सदस्यीय दल सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट शासन को देगा।
गृह विभाग ने सीआईएसएफ को विधानभवन और सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था के ऑडिट के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी नामित किया था। इसके लिए गृह विभाग ने 16.25 लाख रुपये का बजट भी रखा था। इसी क्रम में सीआईएसएफ की टीम ने भवनों का निरीक्षण किया। सूत्रों का कहना है कि टीम को कई खामियां नजर आई हैं। विधान भवन और सचिवालय के प्रवेश और निकास द्वार पर कर्मियों की लापरवाही और किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अक्षम पाया गया है।
इसके लिए दल सभी द्वारों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) लगाने पर विचार करने को कह सकती है। सीआईएसएफ की टीम में तकनीकी विशेषज्ञों को भी रखा गया है, जो भवनों में लगे कैमरों के डायरेक्शन और उनकी वर्किंग को बेहतर करने पर अपनी रिपोर्ट देंगे।
विधानसभा सुरक्षा के एसपी राहुल मिठास ने बताया कि लोकभवन जब बन रहा था, उसी समय पुलिस प्रबंध और सुरक्षा योजना का एक प्लान दिया गया था। इसकी दो-तीन बार समीक्षा करने के बाद उसे लागू कर दिया गया। इसके लिए एक दल ने चंडीगढ़ विधानभवन और सचिवालय की सुरक्षा प्रबंधन का अध्ययन किया था। इसी टीम ने सुरक्षा का ऑडिट कराने के लिए सरकार से आग्रह किया था। इसी क्रम में सीआईएसएफ टीम निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। सरकार पूर्व में सचिवालय सुरक्षा के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट और सीआईएसएफ की रिपोर्ट देखने के बाद निर्णय लेगी।