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लखनऊ में लगेगा प्लास्टिक वेस्ट से क्रूड आयल बनाने का पहला प्लांट

Fri, 16 Nov 2018 12:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट - फोटो : file photo
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प्लास्टिक जनित कूड़े से क्रूड आयल व फ्यूल तैयार करने के लिए 17 प्लांट लगाने के संबंध में हुए एमओयू पर आगे का काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत सबसे पहला प्लांट लखनऊ में लगाने के लिए मोहान रोड पर जमीन की तलाश पूरी कर ली गई है।

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वही, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर और शाहजहांपुर में भी चरणबद्ध तरीके प्लांट लगाने का काम होगा। हालांकि सबसे बड़ा प्लांट वाराणसी में लगेगा।

फरवरी में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में विभिन्न कंपनियों ने सरकार के साथ ‘प्लास्टिक वेस्ट’ से क्रूड आयल व फ्यूल तैयार करने के लिए करीब 5000 करोड़ की लागत से कुल 17 प्लांट लगाने के लिए एमओयू किया था। 

इसमें चेन्नई की कंपनी ‘एमके एरोमैटिक लिमिटेड’ ने 1000 करोड़ की लागत से लखनऊ सहित नगर निगम वाले 17 शहरों में ‘वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट’ लगाने का करार किया था। जबकि 3000 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में और 1000 करोड़ की लागत से नोएडा या गाजियाबाद के आसपास ‘इंटीग्रेटेट ऑयल रिफाइनरी’ लगाने का फैसला किया गया था।
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एमओयू के मुताबिक प्लांट लगाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत नगर विकास विभाग व कंपनी ने सबसे पहला प्लांट लखनऊ में लगाने का फैसला किया। मोहान रोड पर जमीन का चयन कर वहां पर अवस्थापना विकास से संबंधित काम भी शुरू कर दिया गया है।

इसके अगले चरण में क्रमश: गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और शाहजहांपुर प्लांट लगाने का काम शुरू होगा। इन प्लांटों के शुरू हो जाने पर पर 60 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। जबकि लखनऊ वाले प्लांट में करीब 2200 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी में लगेगी प्रदेश की पहली बड़ी रिफाइनरी
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी 3000 करोड़ की लागत से ‘इंटीग्रेटेट ऑयल रिफाइनरी’ लगाने का काम भी जल्द शुरू होगा। रिफाइनरी के लिए वाराणसी-चंदौली या वाराणसी-मिर्जापुर मार्ग पर जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। इस रिफाइनरी में वाराणसी समेत पूर्वांचल के सभी शहरों के कूड़ा खपाया जाएगा। कूड़ा एकत्र करने के लिए पूर्वांचल में करीब 350 स्थानों पर भी छोटे प्लांट भी लगाएं जाएंगे। जिनके माध्यम से कूड़ा एकत्र करके रिफाइनरी को उपलब्ध कराया जाएगा। इस कूड़े से बायो डीजल, जेट फ्यूल के साथ ही बिजली और पेयजल भी तैयार होगा। इसके अलावा कृषि उपज से निकलने वाले कूड़े का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रयागराज व वाराणसी में लगेगा ‘वाटर व्हील प्रोजेक्ट’
प्रयागराज में लगने वाले कुंभ को देखते हुए कंपनी ने संगम तट पर और वाराणसी में ‘वॉटर व्हील’ प्रोजेक्ट लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई है। इस प्रोजेक्ट केजरिए गंगा व यमुना नदी में बहने वाली गंदगी (वेस्ट) को जगह-जगह एकत्र कर लिया जाएगा। इसके बाद सभी स्थानों को वेस्ट को एकत्र करके प्रोसेसिंग प्लांट पर पहुंचा दिया जाएगा। जिससे फ्यूल तैयार किया जाएगा।

जल्द क्रियाशील होगा प्लांट
लखनऊ में प्लांट लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए मोहान रोड पर जमीन चिह्नित कर ली गई है। काफी काम हो भी चुका है। उम्मीद है जल्द ही यह प्लांट क्रियाशील हो जाएगा। इसी तरह अन्य प्लांट को लगाने को लेकर भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
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- मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग

 

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