लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के बीटेक-एमटेक के 10 हजार छात्र वीएसएलआई व सेमीकंडक्टर उद्योगों के लिए भी तैयार होंगे। उन्हें इन क्षेत्र की न सिर्फ बारीक जानकारी मिलेगी बल्कि प्रैक्टिकल अनुभव भी दिया जाएगा। इसके लिए जनभवन में बृहस्पतिवार को राज्यपाल की उपस्थिति में विवि ने जर्मन कंपनी सीमेंस ईडीए के साथ एमओयू किया।
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान मिलकर वीएलएसआई व सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन, वेरिफिकेशन व सिमुलेशन जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित करेंगे। इसमें पाठ्यक्रमों को बेहतर बनाने के साथ ही स्टार्टअप को विकसित व शिक्षकों को विशेषज्ञ बनाने के लिए काम किया जाएगा। इस क्षेत्र में सीमेंस सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के साथ ही स्टार्टअप आदि के लिए भी सहयोग करेगी।
एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पांडेय व सीमेंस के उपाध्यक्ष व भारत प्रमुख रुचिर दीक्षित ने कहा कि इस सेंटर में सात साॅफ्टवेयर होंगे। इसमें डिजाइन वेरीफिकेशन बीएनडी एसडब्ल्यू, आईसी नौनोमीटर डिजाइन, पीसीबी डिजाइन, क्यूस्टा एडवांस, वलर पीसीबी डिजाइन, एपरिसा पीएंडआर प्लेटफार्म, थ्रीडी आईसी डिजाइन शामिल है। छात्र वीएसएसआई डिजाइन, सर्किट सिमुलेशन व पीसीबी डिजाइन जैसी आधुनिक चीजें सीखेंगे।
प्रो. पांडेय ने बताया कि योजना के तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध व एकेटीयू के प्लेटफार्म से तकनीकी प्रवेश लेने वाले राज्य विश्वविद्यालयों के लगभग 300 शिक्षकों को सीमेंस मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देगी। ये शिक्षक अपने संस्थानों के कुल 500 शिक्षकों व 2000 छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे। दूसरे चरण में सेमीकंडक्टर के हार्डवेयर के बारे में भी बताएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश का ऐसा पहला सेंटर होगा।
एमओयू के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम्, क्षेत्र कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश वीरेंद्र जायसवाल, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशक आदि उपस्थित थे।
एआई से रोजगार के बढ़ रहे अवसर
रुचिर दीक्षित ने कहा कि हम विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिक्ल व इलेक्ट्रॉनिक्स के छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकी का प्रशिक्षण देंगे। मिलकर विश्वविद्यालय का कोर्स अपडेट करेंगे। एक सर्वे के मुताबिक 2030 तक इस क्षेत्र में काफी ट्रेंड युवाओं की जरूरत पड़ेगी। 2047 का विकसित भारत सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रानिक्स के दम पर बनेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई के आने से इस क्षेत्र में सात दिन का काम एक दिन में हो रहा है। रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
जनभवन में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की उपस्थिति में हुआ एमओयू। स्रोत ः जनभवन