लखनऊ। युवती को नौकरी दिलाने के नाम पर बहला-फुसला कर अपहरण कर दुराचार करने के आरोपी योगेश उर्फ तरुण को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद मिश्र ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
कोर्ट में सरकारी वकील अभिषेक उपाध्याय और सुखेन्द्र प्रताप सिंह ने तर्क दिया कि वादी और पीड़िता के पिता ने ठाकुरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 जनवरी 2016 की शाम वादी की पुत्री बिना कुछ बताए कहीं चली गई है। काफी खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने विवेचना के दौरान पीड़िता को बरामद करके उसका बयान दर्ज किया तो पता चला कि फेसबुक पर दोस्ती के बाद आरोपी पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसला कर दिल्ली ले गया उसके बाद हरियाणा ले गया। कहा गया कि आरोपी ने पीड़िता की इच्छा के खिलाफ विवाह किया और दुराचार किया।