रायबरेली। पाॅक्सो अदालत ने बछरावां थाना क्षेत्र में करीब नौ साल पहले हुए नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के एक मामले में दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को पाॅक्सो एक्ट में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पाॅक्सो कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पाॅक्सो) लक्ष्मीशंकर श्रीवास्तव, वेदपाल सिंह, योगेश चंद्र मिश्रा व आलोक त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता की मां ने थाना बछरावां में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 15 जून 2014 की शाम करीब आठ बजे वादिनी की करीब 14 वर्षीय बेटी को श्रवण कुमार फुसलाकर अपहृत कर ले गया।
विवेचना के बाद पुलिस ने बछरावां थाना क्षेत्र के शिवपुरी निवासी श्रवण कुमार के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि पीड़िता को देने का भी निर्देश दिया है।