लखनऊ। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी विवेक चंद्र त्रिवेदी को दोषी ठहराकर एडीजे उमाकांत जिंदल ने 10 साल की कैद और 60 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए सुभाष चंद्र त्रिवेदी को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादिनी ने विभूतिखंड थाने में 19 सितंबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादिनी गोमतीनगर में किराये पर रहती है और उसने विवाह के लिए शादी डॉट कॉम पर आईडी बनाई थी। 27 अप्रैल 2020 को शाहजहांपुर निवासी विवेक चंद्र त्रिवेदी ने वैवाहिक साइट पर वादिनी से बात करनी शुरू की। 13 जून को वादिनी को मिलने सिनेपोलिस माॅल में मिलने के लिए बुलाया। चार जुलाई को आरोपी दोबारा लखनऊ आया और वादिनी को होटल में ले गया। वहां उसने शादी की बात की और उसकी मांग में सिंदूर भरकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने बातचीत कम कर दी। वादिनी ने कारण पूछा तो उसने शादी से इन्कार कर दिया और फोन नंबर ब्लॉक कर दिया। वादिनी ने ये बात आरोपी विवेक के पिता सुभाष चंद्र त्रिवेदी को बताई तो उन्होंने गालियां और आत्महत्या करने की सलाह दी।