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Lucknow News: मनी लॉन्डि्रंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर कारोबारी से 10 लाख ठगे

Wed, 07 May 2025 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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मनी लॉन्डि्रंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर कारोबारी से 10 लाख ठगे
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लखनऊ। मनी लॉन्डि्रंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगों ने इंदिरानगर के पटेल नगर निवासी कारोबारी मुक्तेश्वर त्रिपाठी से 10 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को साइबर क्राइम का अफसर बताकर पीड़ित के नाम पर लोन लिया। फिर वही रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मुक्तेश्वर ने बताया कि 19 मार्च 2024 को दोपहर 2:20 बजे अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को फेडेक्स कूरियर कंपनी का कर्मी बताया। कहा कि उनके आधार व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर 10 मार्च 2024 को पार्सल मुंबई से ईरान के लिए बुक किया गया है। पार्सल में आईसीआईसीआई के क्रेडिट कार्ड, ड्रग्स और कुछ अन्य सामान मिले हैं। मना करने पर ठग ने उनकी कॉल कथित साइबर क्राइम दफ्तर में ट्रांसफर कर दी। फिर दूसरे ठग ने अपना नाम इंस्पेक्टर प्रमोद सावंत बताया और कहा कि तुम्हारी आईडी से कई शहरों में बैंक अफसरों की मिलीभगत से खाते खोले गए हैं। बातों-बातों में मुक्तेश्वर से स्काइप एप डाउनलोड करा लिया। इसके बाद कहा कि मनी लॉन्डि्रंग मामले में देशभर से तीन सौ आईसीआईसीआई बैंक कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अब तुम्हें भी पकड़ा जाएगा।

ठग ने कहा कि यह केस डीएसपी मिलिंद भारवे के पास है। इसके बाद मिलिंद ने व्यापारी से कहा कि आरबीआई तुम्हारे बैंक खाते की निगरानी कर रहा है। जांच के लिए खाते में रकम ट्रांसफर करेगा। वही रकम साइबर क्राइम के खाते में भेजनी होगी। अगर खाते में रकम नहीं आती है तो सिद्ध हो जाएगा कि तुम मनी लॉन्डि्रंग मामले में दोषी हो।
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एक घंटे में एफआईआर की कॉपी देने का दिया झांसा

थोड़ी देर में पीड़ित के आईसीआईसीआई बैंक खाते में उनके नाम पर प्री अप्रूव्ड पर्सनल लोन के दस लाख रुपये आ गए। उन्होंने ठग के दिए गए दिल्ली के इंडसइंड बैंक खाते में दस लाख रुपये जमा कर दिए। इस पर ठग ने उन्हें दोबारा कॉल की और जांच होने पर एक घंटे में उनका नाम हटाकर एफआईआर कॉपी भेजने की बात कही। काफी समय बीतने पर ठग ने काॅपी नहीं भेजी तो मुक्तेश्वर ने सीए को घटना के बारे में बताया, तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक मुक्तेश्वर ने ठगी होने पर बैंक में शिकायत की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने दो मई को साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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