लखनऊ। खुद को डिप्टी सीएम का परिचित बताकर दंपती विवेक मिश्र और सीमा मिश्र ने पारा के मोनार्क सिटी निवासी आलोक गुप्ता से दस लाख रुपये ऐंठ लिए। उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा दिया। फर्जीवाड़े का पता चलने पर आलोक ने रुपये वापस मांगे तो दंपती ने धमकी दी। पीड़ित ने हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है।
आलोक के मुताबिक वर्ष 2021 में सचिवालय के गेट-5 के पास उनकी पहली मुलाकात गोमतीनगर विशेषखंड निवासी विवेक व उनकी पत्नी सीमा से हुई थी। 28 फरवरी को विवेक ने बताया कि सीमा की डिप्टी सीएम से बात हो गई है और सचिवालय में समीक्षा अधिकारी की नौकरी निकली है। बिना परीक्षा के ही नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ऐंठ लिए और 26 मार्च 2024 को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। अगले दिन आलोक नियुक्ति पत्र लेकर सचिवालय पहुंचे तो फर्जीवाड़े का पता चला। आलोक को यह भी पता चला कि आरोपी दंपती के खिलाफ पहले से हरदोई, गुजरात और लखनऊ में धोखाधड़ी व जालसाजी के कई केस दर्ज हैं।