विदेश से आने वाले यात्री अब स्वास्थ्य विभाग के राडार पर रहेंगे। एयरपोर्ट पर जांच पड़ताल के बाद वह करीब दस दिन तक घर पर आइसोलेट रहेंगे। इस दौरान कोई भी लक्षण नजर आने पर स्वास्थ्य विभाग उनकी जांच कराएगा। इसे लेकर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग व एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच बैठक हुई।
विदेश से आने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग व जांच होगी। जांच में यदि संक्रमण मिलता है तो मरीज को अस्पताल या फिर होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। मरीज के नमूने की जीन सिक्वेंसिंग भी कराई जाएगी। अफ्रीका में कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन मिलने के बाद यूपी में भी सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के बीच बैठक में यात्रियों की जांच की गाइडलाइन तय की गई है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया कि कई देशों में कोरोना का नया वैरिएंट पाया गया है। यह वैरिएंट प्रदेश में न आ जाए, इसलिए लखनऊ एयरपोर्ट पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ बैठक में यह तय किया गया कि जो भी यात्री कोरोना प्रभावित देशों से आते हैं उनपर खास नजर रखी जाए। सभी यात्रियों का आरटीपीसीआर जांच होगी। रिपोर्ट कुछ भी रहे यात्रियों को 10 दिनों तक सख्ती के साथ होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। इसके लिए टीम उसके घर की निगरानी करेगी। कोविड कंट्रोल रूम में रोजाना फोन पर स्वास्थ्य की जानकारी देनी होगी। जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को नियमानुसार अस्पताल में भर्ती कराने व होम आइसोलेशन में रखा जाए। वहीं नेगेटिव आने वाले यात्रियों को 10 दिन तक घर में रहने की सख्ती से हिदायत दी गई है। कोविड कमांड सेंटर इन लोगों को जोड़ा जाएगा। बैठक में क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में वरिष्ठ निदेशक डॉ. वीके चौधरी, सुरेश चन्द्र होता, टर्मिनल इंचार्ज विनम्र मेहरोत्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव मौजूद रहे।
पासपोर्ट की भी पड़ताल होगी
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है विदेश से आने वाले यात्रियों का पासपोर्ट की भी पड़ताल एयरपोर्ट अथॉरिटी करेगा। पासपोर्ट जांच के दौरान यह साफ हो सकेगा कि यात्री ने एक माह के दौरान संक्रमित देशों की यात्रा तो नहीं की है। पासपोर्ट से पुष्टि होने बाद उन यात्रियों को क्वारंटीन किया जाएगा। आठवें दिन उनकी दोबारा जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद यात्री को छोड़ा जाएगा।