हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सूबे में कानून-व्यवस्था बरकरार रखने व आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के आग्रह वाली पीआईएल पर सुनवाई अगले हफ्ते नियत की है।
इस पीआईएल में कहा गया है कि आम आदमी की सुरक्षा का हर दिन का खर्च मात्र 1.42 रुपये है तो विशिष्टों की हिफाजत यह खर्च 3,709 रुपये प्रतिदिन प्रति व्यक्ति है।
कोर्ट ने इस जनहित याचिका को पहले से लंबित, सांसदों, विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों को सरकारी सुरक्षा मुहैया कराए जाने के मामले से संबंधित पीआईएल के साथ सूचीबद्ध किए जाने को कहा है।
जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा व जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की पीआईएल पर दिया।
याची ने इसमें विशिष्ट व अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा पर हर साल दोगुनी दर से बढ़ रहे सरकारी खर्च को नियंत्रित किए जाने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया है।
याची ने इसमें विशिष्ट लोगों व आम आदमी की सुरक्षा पर सरकारी खर्च के बड़े अंतर का मुद्दा भी उठाया है।
अखबारों में छपी खबरों को पीआईएल के साथ लगाकर याची ने कहा है कि जहां आम आदमी की सुरक्षा का हर दिन का खर्च मात्र 1.42 रुपये है वहीं विशिष्ट लोगों की हिफाजत केलिए यह खर्च 3,709 रुपये प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति आ रहा है।
पीआईएल में राज्य सरकार, डीजीपी और लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पक्षकार बनाया गया है।