ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) का पहला तोहफा पूर्वांचल के इलाहाबाद को मिलेगा, यह तो पहले से तय है।
मगर इस तोहफे की खासियत ये होगी कि इससे इलाहाबाद को एक और विश्वविद्यालय तथा स्पोर्ट्स कॉलेज व मेडिकल कॉलेज भी मिलेंगे।
कॉरिडोर के पहले अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट (शुरुआती विकास योजना) के लिए जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें इन्हें भी स्थान दिया गया है।
पंजाब के लुधियाना से शुरू होकर यूपी के खुर्जा होते हुए पश्चिम बंगाल में दानकुनी तक जाने वाले इस फ्रेट कॉरिडोर का 57 फीसदी हिस्सा यूपी में पड़ता है।
प्रदेश सरकार ने सूबे के 1049 किमी इस गलियारे का पहला प्रोजेक्ट इलाहाबाद में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत वहां 2500 एकड़ में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का प्रस्ताव है।
इसमें उद्योगों के लिए जमीन की व्यवस्था तो होगी ही, आवास व सर्विस सेक्टर की अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल ग्रुप हाउसिंग के लिए पर्याप्त जमीन आरक्षित की जा रही है।
इस प्रोजेक्ट की खूबी ये होगी कि सरकार उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित इलाहाबाद को बड़े औद्योगिक हब के रूप में तो बढ़ाना चाह रही है लेकिन उसकी पहचान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं चाहती।
शायद यही वजह है कि अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट में उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए एक राज्य विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉलेज व स्पोर्ट्स हॉस्टल भी स्थापित करने का प्रस्ताव है।
यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को ग्रेटर नोएडा की तरह विकसित करने की योजना है।
ग्रेटर नोएडा की आज न सिर्फ इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में पहचान है बल्कि एजुकेशनल डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचान बनी है। वहां गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी व अन्य शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की गई है।
राज्य विश्वविद्यालय की खल रही थी कमी
इलाहाबाद में सेंट्रल यूनिवर्सिर्टी, मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आईआईआईटी, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीयिरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी, निजी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यलाय व मेडिकल कॉलेज तो है। लेकिन राज्य सरकार का कोई आवासीय विश्वविद्यालय नहीं है। इसके लिए समय-समय पर मांग उठती रही है।
अखिलेश सरकार का पूर्वांचल को दूसरा तोहफा
अखिलेश यादव सरकार ने एक अहम फैसला करते हुए पूर्वांचल के सिद्धार्थनगर में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की स्थापना की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं। इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अब ईडीएफसी के जरिये इलाहाबाद को मिलने वाला राज्य विश्वविद्यालय इस सरकार का पूर्वांचल को दूसरा तोहफा होगा।