अमेरिकी चुनाव में जीत पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि ट्रंप की जीत से विश्व में भारत-अमेरिका के रिश्तों को नया आयाम मिलेगा। महंत हरि गिरि ने बताया कि महाकुंभ में ट्रंप को जूना अखाड़े की ओर से आमंत्रित किया जाएगा। आइए जानते हैं जूना अखाड़ा ने क्या कहा...
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप जीतकर इतिहास रच चुके हैं। हालांकि ये ट्रंप की सिर्फ निजी जीत नहीं हैं बल्कि एक एक टीम की जीत है, जिसकी रणनीति और प्रचार नीतियों की वजह से ट्रंप ने कमला हैरिस के खिलाफ कांटे के मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ट्रंप की इस टीम में चुनावी रणनीतिकार, तकनीकी दिग्गज, खेल जगत की शख्सीयत आदि कई बड़े नाम हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी नाम हैं, जो चर्चा से पूरी तरह दूर रहे उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर अपने काम को अंजाम दिया और चुनाव नतीजों पर बड़ा असर डाला। तो आइए जानते हैं कि ट्रंप की टीम में कौन-कौन से नाम शामिल हैं...
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब देश के नए राष्ट्रपति होंगे। उन्होंने चुनाव में अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी और मौजूदा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को हरा दिया है। एक बार फिर चार साल के अंतराल के बाद व्हाइट हाउस में प्रवेश करने को तैयार हैं। बताया जा रहा है कि ट्रंप और उनकी टीम आने वाले हफ्तों में अपने नए मंत्रिमंडल और प्रशासन के अन्य उच्च अधिकारियों को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। इनमें कश्यप 'काश' पटेल का नाम खासा चर्चा में है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका ही नहीं बल्कि भारत के एक छोटे गांव में भी रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी जीत का जश्न मनाया जा रहा है। यहां जश्न कोई हू हल्ला वाला नहीं है, बल्कि यहां चमक है चेहरों पर। इस खुशी का राज ये है कि इस गांव के लोगों को पता चल गया कि उनकी वंशज अमेरिका की अगली अगली 'सेकंड लेडी' होंगी। यानी की अमेरिका के अगले उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की पत्नी उषा चिलुकुरी वैंस भारतवंशी हैं। उषा भारतीय मूल्यों और संस्कृति से काफी जुड़ी हुई हैं। उनकी रिश्ते में लगने वाली दादी शांतम्मा ने भी नतीजों पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, मेरा खुश होना बनता है क्योंकि उषा हमारी परिवार की हैं। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका में अबकी बार ट्रंप सरकार। नतीजों ने न सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस पहुंचा दिया, बल्कि नए रिकॉर्ड भी बना दिए। उन्होंने न केवल व्हाइट हाउस की रेस जीती, बल्कि सीनेट व निचले सदन में भी बहुमत जुटाया। 132 साल में वह पहले ऐसे नेता बन गए, जिन्होंने निरंतरता टूटने के बावजूद चुनाव जीता। अब सवाल उठ रहा है कि ट्रंप के सत्ता में आने पर भारत-अमेरिका के संबंधों पर क्या कुछ असर पड़ेगा। ऐसे ही सवालों का 'इंडियन-अमेरिकन्स फॉर ट्रंप 2016' समिति के सदस्य डॉ. सुधीर पारिख ने जवाब दिया। पढ़ें पूरी खबर...
इसी तरह उत्तर कोरिया का मामला देखा जाए तो ट्रंप अपने पुराने कार्यकाल की नीति पर ही चल सकते हैं। पहली बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने कई बार उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच विवाद खत्म कराने के लिए किम जोंग-उन के साथ बैठक भी की। माना जाता है कि उत्तर कोरिया के बर्ताव में अनिश्चितता की वजह से आने वाले समय में ट्रंप को भी उसको साथ लाने में दिक्कत हो सकती है।
खासकर उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों के मामले में बातचीत की मेज पर लाना कठिन काम होगा। हालांकि, अगर ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करवाने और पुतिन के साथ बेहतर रिश्ते स्थापित करते हैं तो तानाशाह किम जोंग-उन के साथ उनकी बातचीत का रास्ता आसान हो सकता है, क्योंकि रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंध काफी अच्छे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि दोनों नेताओं के बीच बुधवार को फोन पर बातचीत हुई थी। विदेश मंत्रालय ने दोनों नेताओं के बीच बातचीत पर एक बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिकी नेता की शानदार जीत की बधाई दी। पीएम ने ट्रंप से कहा कि यह जीत उनके नेतृत्व और दृष्टिकोण में अमेरिकी लोगों के गहरे भरोसे को दर्शाती है बयान में कहा गया, ‘‘ उन्होंने प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कई अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।’’
दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर ट्रंप का रुख रूस-यूक्रेन संघर्ष के मुकाबले पूरी तरह अलग रह सकता है। ट्रंप इस्राइल और सऊदी अरब के कट्टर समर्थक रहे हैं। ऐसे में ईरान के मामले में उनका रुख और भी कड़ा हो सकता है।
माना जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने के वादे पर टिके रहेंगे। वह इसके लिए दोनों देशों को उन्हीं जगहों पर रुकने का प्रस्ताव दे सकते हैं, जहां उनकी सेनाएं अभी मौजूद हैं। हालांकि, ट्रंप की इस कोशिश से रूस को यूक्रेन के क्षेत्र में कब्जा करने में मदद मिलेगी, क्योंकि रूसी सेना फरवरी 2022 में हमले के बाद से अब तक यूक्रेन का काफी इलाका घेर चुकी है। इतना ही नहीं ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उस मांग को भी मान सकते हैं, जिससे यूक्रेन को नाटो की सदस्यता नही मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर...
उद्यमी से राजनेता बने विवेक रामास्वामी ने राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप की वापसी को अमेरिका की वापसी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस समय एक कठोर निर्णय लेने वाले ‘कमांडर-इन-चीफ’ की जरूरत है। राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल रहे रिपब्लिकन नेता रामास्वामी ने कहा, ‘‘यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप आधुनिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति के मुकाबले सबसे बड़े अंतर से जीते। वह कोई विचारक या नीति विशेषज्ञ नहीं हैं। वह समझौता नहीं करने वाले एक अमेरिकी है। उन्हें अयोग्य ठहराया गया, दो बार मारने की कोशिश की गई। मीडिया में हमारे स्व-नियुक्त ‘श्रेष्ठ’ लोगों ने उन्हें गलत समझा, उन्हें कम आंका और संदेह किया। लेकिन यह सब बेअसर रहा। ’’
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस की हार के बाद भारतीय अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि उन्हें उपराष्ट्रपति पर गर्व है और एक दिन अमेरिका के लोग उनकी क्षमताओं का लोहा जरूर मानेंगे। रो खन्ना (48) ने कहा, ‘‘आज मैं कहना चाहता हूं कि मुझे कमला हैरिस पर गर्व है।’’
खन्ना ने कहा, ‘‘बक्स काउंटी में पले-बढ़े एक बच्चे के रूप में मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक अफ्रीकी और भारतीय अमेरिकी महिला उम्मीदवार बनेगी और पेंसिल्वेनिया में 48 प्रतिशत वोट प्राप्त करेगी। रास्ता कठिन है, लेकिन एक दिन अमेरिका के लोग उनसे प्रेरणा लेंगे और उनका लोहा मानेंगे।’’
इस बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का चुनाव जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अमेरिका-चीन के रिश्ते बेहतर होंगे। उन्होंने मतभेदों को खत्म करने के लिए बातचीत को बेहतर ढंग से करने की बात कही।
अमेरिकी व्यापार समर्थक एक प्रमुख समूह ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी और विश्वास जताया कि ट्रंप प्रशासन भारत-अमेरिका संबंधों की सकारात्मक गति बरकरार रखेगा। ‘यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) ने एक बयान में कहा, ‘‘ राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान देश की विदेश नीति में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को अहम स्थान दिया जिसका उद्देश्य एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना था।’’
यूएसआईएसपीएफ ने कहा, ‘‘उस शुरुआत के बाद से ये संबंध महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में गहराती साझेदारी, स्वच्छ ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्निर्माण, हमारी सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़े हैं।’’ यूएसआईएसपीएफ ने कहा, "हमें विश्वास है कि नया ट्रंप प्रशासन इस सकारात्मक गति को बरकरार रखेगा।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस को बड़े अंतर से हरा दिया है। सिर्फ इलेक्टोरल कॉलेज ही नहीं, पॉपुलर वोट में भी ट्रंप ने हैरिस के खिलाफ बाजी मार ली। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नास्त्रेदमस कहे जाने वाले एलन लिक्टमैन की भविष्यवाणी नतीजों के बाद फिर चर्चा में है। इतना ही नहीं लिक्टमैन ने जो संभावनाएं जताई थीं, अब उस पर प्रतिक्रिया भी दी है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अब जल्द ही अपने कैबिनेट गठन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। माना जा रहा है कि जनवरी में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले ही ट्रंप अपने मंत्रिमंडल के चेहरों को तय कर लेंगे। रिपब्लिकन नेता के कैबिनेट में कई नए और अहम चेहरों को लाए जाने का अनुमान है। हालांकि, इनमें एक नाम पुराने सहयोगी माइक पोम्पियो का भी हो सकता है। इतना ही नहीं ट्रंप कई बड़े नामों के साथ एक भारतवंशी कश्यप पटेल को भी कैबिनेट में जगह दे सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...
इतिहास बनाने से चूकीं कमला
कमला हैरिस अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद पर दूसरी महिला प्रत्याशी थीं। डेमोक्रेट्स ने ही 2016 में हिलेरी क्लिंटन को प्रत्याशी बनाया था। दिलचस्प है कि दोनों ही इतिहास बनाने से चूक गईं। दोनों को ट्रंप से ही हार का सामना करना पड़ा।
अमेरिका को खतरनाक कमांडर-इन-चीफ की जरूरत: विवेक रामास्वामी
उद्यमी से राजनेता बने विवेक रामस्वामी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति-चुने गए डोनाल्ड ट्रंप की वापसी अमेरिकी वापसी है, और वर्तमान समय में देश को एक "बद्दास कमांडर-इन-चीफ" की जरूरत थी, और यही उसे मिला है। उन्होंने कहा कि केवल 5 नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में लोकप्रिय मतों और चुनावी कॉलेज वोटों दोनों में जीत हासिल की, बल्कि उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट पर भी नियंत्रण दिलाया।
रामस्वामी ने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने आधुनिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति से सबसे बड़े मार्जिन से क्यों जीत हासिल की। वह एक विचारक नहीं हैं, वह एक नीति विशेषज्ञ नहीं हैं। वह एक अमेरिकी बद्दास हैं। उन्होंने उन्हें अपात्र ठहराने, जेल भेजने, और दो बार जान से मारने की कोशिश की। इनमें से कोई भी काम नहीं आया।
वाशिंगटन में कमला हैरिस ने समर्थकों को किया संबोधित
चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप से मिली हार के बाद कमला हैरिस ने वाशिंगटन डीसी में हावर्ड विश्वविद्यालय में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इस चुनाव को स्वीकार करती हूं, लेकिन मैं उस लड़ाई को जारी रखूंगी जो इस अभियान को बढ़ावा देती है।
इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, "अब समय है स्वतंत्रता, न्याय और भविष्य के लिए एकजुट होने, संगठित होने और मिलकर काम करने का। हम सब जानते हैं कि हम यह साथ में कर सकते हैं।
वकील जैक स्मिथ का मुल्यांकन
डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद विशेष वकील जैक स्मिथ इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विरुद्ध दो संघीय मामलों को किस प्रकार समाप्त किया जाए।
बाइडन ने दी ट्रंप को बधाई
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी चुनाव जीतने पर जो बाइडन ने बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप को सत्ता हस्तांतरण बैठक के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित किया।
भारत-अमेरिका रिश्ते पर बोले जॉन बोल्टन
डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद भारत-यूएस रिश्तों पर प्रभाव के बारे में अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा मुझे लगता है कि भारत और यूएस के बीच संबंध मजबूत हैं और बढ़ रहे हैं, और यह एक बहुत अच्छी बात है। मुझे लगता है कि QUAD (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका का समूह) क्षेत्र में रुचि रखने वाले देशों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण माध्यम है और मैं चाहूंगा कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में इस QUAD व्यवस्था को और बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि पहले कार्यकाल में दुर्भाग्यवश हम ट्रम्प को सिर्फ टैरीफ और व्यापार मुद्दों पर बात करने के लिए ही राजी कर पाए जो प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय बातचीत में प्रमुख मुद्दे थे और जब मैं वहां था तो एक ही QUAD बैठक में भी ये मुद्दे हावी थे। लेकिन यह एक बहुत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंध है। मुझे लगता है कि ट्रम्प का प्रधानमंत्री मोदी के साथ अच्छा व्यक्तिगत संबंध है।
इसके साथ ही बोल्टन ने कहा कि दो नेताओं के बीच अच्छा व्यक्तिगत संबंध इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश, दुनिया उतनी सीधी नहीं है और मुझे लगता है कि अमेरिकी कूटनीति का एक प्रमुख उद्देश्य यह होना चाहिए कि द्विपक्षीय संबंधों में मौजूद विभिन्न समस्याओं को हल किया जाए। भारत के ऐतिहासिक संबंधों की बात करें तो रूस के साथ उसकी सैन्य और उन्नत हथियारों की साझेदारी, जो चीन से उत्पन्न खतरे के कारण है, इसे सुलझाने में समय लगेगा, जैसे किसी भी जटिल संबंध को सुलझाने में समय लगता है, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक उच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अपने समर्थकों को संबोधित करेंगी कमला हैरिस
राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस हावर्ड विश्वविद्यालय में अपने समर्थकों को संबोधित करेंगी। गौरतलब है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को हराकर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होंगे। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में जरूरी 270 इलेक्टोरल वोट का बहुमत हासिल कर जीत अपने नाम की। ट्रंप ने पेन्सिलवेनिया, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना समेत अन्य स्विंग राज्यों में भी जीत हासिल की, वहीं डेमोक्रेट कमला हैरिस को अब तक केवल 20 राज्यों में जीत हासिल हुई है। कई काउंटियों में अभी भी मतपत्रों की गिनती चल रही है।