बुडापेस्ट (हंगरी) से 240 भारतीय नागरिकों को लेकर ऑपरेशन गंगा के तहत तीसरी उड़ान दिल्ली के लिए रवाना हुई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि पीएम मोदी को रूस की आक्रामकता को लेकर यूक्रेन के रुख की जानकारी दी। एक लाख से अधिक रूसी आक्रमणकारी हमारे देश में हैं। वो आवासीय भवनों पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। हमने भारत से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में समर्थन देने का अनुरोध किया है।
अपने बाल्टिक पड़ोसी एस्तोनिया और लात्विया के बाद अब लिथुआनिया ने भी रूस के विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पहले पोलैंड, यूके, चेक गणराज्य और बुल्गारिया भी रूस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर चुके हैं।
यूक्रेन सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमले में अब तक कम से कम 198 लोगों की मौत हुई है। यूक्रेनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मारे गए लोगों में से तीन बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1115 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। इनमें भी 33 बच्चे हैं। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि मारे गए सिर्फ आम लोग हैं या इनमें सैनिक भी शामिल हैं।
भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बुराकोव्स्की ने कहा है कि पोलैंड और यूरोपीय संघ के अन्य देश रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले की निंदा करते हैं। उन्होंने बताया कि पोलैंड और अन्य देश यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन पर हुए रूस के हमले को लेकर आज ही पोलैंड, लिथुआनिया और जर्मनी के नेताओं ने बैठक की है और प्रतिबंधों को लेकर चर्चा की है।
यूक्रेन की सीमा से रोमानिया के बुखारेस्ट तक पहुंचे भारतीय छात्रों को लेकर एयर इंडिया का एक विमान भारत के लिए उड़ान भर चुका है। बताया गया है कि यह फ्लाइट रात में 8 बजे भारत पहुंचेगी। फ्लाइट की लैंडिंग के लिए मुंबई एयरपोर्ट ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूरोपिय संघ की अध्यक्ष उर्सला वॉन डर लिन से बात करने के बाद यूरोपिय संघ की सदस्यता मांगी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यूक्रेन के संघर्ष और यहां को लोगों के आजाद भविष्य के लिए यूरोप से मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन फिलहाल अपनी आजादी के साथ यूरोप के भविष्य के लिए भी लड़ रहा है।
रूस और यूक्रेन की बीच युद्ध जारी है। यह संघर्ष जहां आम लोगों पर भारी पड़ रहा है, वहीं अमीरों को भी भारी नुकसान करा रहा है। इस युद्ध का सबसे ज्यादा असर रूसी अरबपतियों पर पड़ रहा है। जी हां, एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने जैसे ही यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई का एलान किया, जिसके बाद अमेरिका समेत कई देश रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाने लगे। इसके चलते शेयर बाजार भरभराकर गिर गया और एक दिन में ही रूसी अरबपतियों को 39 अरब डॉलर (करीब 3 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा। क्लिक कर जानें किन प्रतिबंधों की आर्थिक मार सबसे ज्यादा...
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन को अपने साथियों से हथियार मिलने जारी हैं। उन्होंने कहा कि अभी मेरी बात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई। उन्होंने आश्वासन दिया है कि हथियार रास्ते में हैं। हमें अपने दोस्तों से मदद मिल रही है। युद्ध विरोधी गठबंधन काम कर रहा है।
यूक्रेन की तरफ से दावा किया गया है कि रूसी सेना कीव में तेजी से आगे बढ़ने के लिए अब रिहायशी इमारतों पर मिसाइल से हमला कर रही है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की प्रेस सर्विस की तरफ से जो वीडियो जारी किया गया है, उसमें साफ है कि रूस की एक मिसाइल कीव के एक अपार्टमेंट तक में घुस गई और इससे बाहरी कमरे को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, बमबारी में कितनों की मौत हुई, इसका अभी कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है।
विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकाले जाने की कोशिशों का ब्योरा दिया है। उन्होेंने कहा कि 4,000 से ज्यादा लोग वापस आ गए हैं, लेकिन कुछ लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है और हम लोगों को वहां से निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं,यूक्रेन का एयरस्पेस बंद है इसलिए हम भूमि मार्गों का उपयोग कर रहे।
यूक्रेन में फंसे छात्र रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। रूस की ओर से यूक्रेन पर जारी हमलों के बीच भारत सरकार ने एलान किया था कि वह अपने नागरिकों को बुखारेस्ट के जरिए निकालेगा। अब एयर इंडिया का विमान रूस की सीमा तक पहुंचने वाले भारतीयों को लेकर जल्द उड़ान भरेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को देश में लाने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा, "यूक्रेन में फंसे लोगों को भारत सरकार अपने खर्च पर लाएगी। वहां से कई लोग आ भी चुके थे। हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री से बातचीत की है। उन्हें यहां सुरक्षित लाने की व्यवस्था चल रही है। हम चाहते हैं कि हालात सामान्य हों।"
यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी सेना काफी अंदर तक घुस चुकी है। इस बीच एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों सेनाओं की जंग कीव की सड़कों तक पहुंच गई है। अब यूक्रेनी अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे सड़कों पर न निकलें और घर में ही रहें। नागरिकों से खिड़की या बाल्कनी पर न आने के लिए कहा गया है, ताकि वे मलबे या गोली की चपेट में आने से बच जाएं।
भारत में जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने यूक्रेन संकट को लेकर रूस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह पुतिन का युद्ध है। यह शर्म की बात है ऐसा हो रहा है। हम आर्थिक प्रतिबंधों के साथ प्रतिक्रिया देंगे। हम दूसरे देश पर कब्ज़े की अनुमति नहीं दे सकते। हम ऐसा अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहते हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित है।:
सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने एलान किया है कि उसके किसी भी प्लेटफॉर्म पर अब रूस की सरकारी मीडिया के एडवर्टाइजमेंट नहीं दिखेंगे। कंपनी की सुरक्षा नीति के प्रमुख नैथेनियल ग्लेइशर ने कहा कि हमने रूस के बाकी मीडिया समूहों को चिह्नित करना भी शुरू कर दिया है। यह बदलाव पूरे हफ्ते लागू रहेंगे।
यूक्रेन पर रूस के हमलों के बीच यूएन में यूक्रेनी राजदूत सर्गिय किस्लित्सिया ने सभी सदस्यों देशों से मौन प्रार्थना की अपील की। उन्होंने कहा कि रूस के हमले में जिन लोगों की जान गई है, उनकी आत्मा की शांति के लिए यह प्रार्थना जरूरी है।
रूस की ओर से यूक्रेन पर जारी हमलों के बीच भारत ने अपने नागरिकों को निकालने की कोशिश तेज कर दी है। एयर इंडिया का एक रेस्क्यू विमान शनिवार सुबह ही रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंच गया। यह विमान रूस की सीमा तक पहुंचने वाले भारतीयों को लेकर वापस आएगा।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के प्रयासों के बीच यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने नागरिकों से उसके अधिकारियों के साथ समन्वय के बिना सीमा चौकियों पर नहीं जाने को कहा है। भारतीय दूतावास ने कहा, ‘‘सीमा जांच चौकियों पर स्थिति संवेदनशील है। भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए हम पड़ोसी देशों में हमारे दूतावासों के साथ काम कर रहे हैं।’’ उसने कहा,‘‘ हमारे लिए उन भारतीयों को निकालना मुश्किल हो रहा है जो बिना सूचना दिए सीमा जांच चौकियों पर पहुंच गए हैं। जो भारतीय नागरिक पूर्वी क्षेत्र में हैं, उनसे अगले निर्देश तक अपने निवास स्थान पर रहने का अनुरोध किया जाता है।’’ दूतावास ने भारतीय नागरिकों से कहा कि वे अनावश्यक गतिविधि से बचे, सावधानी बरतें, अपने आसपास की घटनाओं और हाल के घटनाक्रम को लेकर चौकन्ना रहें।
रूस के दूसरे इल्युशीन 1आई-76 सैन्य परिवहन विमान को बिला सेरकवा के निकट मार गिराया गया। यह स्थान राजधानी कीव से 85 किलोमीटर दक्षिण में है। यूक्रेन में जमीनी हकीकत पर निगाह रखने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शुक्रवार को यूक्रेन की सेना ने कहा था कि उसने रूस के सैन्य परिवहन विमान को मार गिराया है। सेना के जनरल स्टॉफ की ओर से जारी बयान के अनुसार पहले 1आई-76 भारी परिवहन विमान को कीव के दक्षिण में स्थित शहर वासेकीव के निकट मार गिराया गया। रूस की सेना ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है और खबर की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को अमेरिकी सरकार ने राजधानी कीव से निकलने को कहा था, लेकिन जेलेंस्की ने इससे इनकार कर दिया। अमेरिका के खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा,‘‘ यहां युद्ध चल रहा है। मुझे गोला बारूद चाहिए, यात्रा नहीं।’’ इसे लेकर अमेरिकी अधिकारी ने जेलेंस्की को जोशीला व्यक्ति बताया। जानें वीडियो जारी कर जेलेंस्की क्या बोले...
रूस की ओर से यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद यूरोपीय देशों के संघ- ईयू ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। अब इन प्रतिबंधों में अमेरिका ने भी ईयू का साथ दिया है। बताया गया है कि अमेरिका समेत अब तक कुल 30 देश रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके उच्चाधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने आगे आ चुके हैं। इन प्रतिबंधों से रूस को आगे आर्थिक और कूटनीतिक तौर पर बड़ा नुकसान होने की संभावना है। यहां पढ़ें पुतिन और उनके साथियों के लिए कैसे मुश्किल खड़ी करेंगे नए प्रतिबंध...
रूसी सेना को कीव की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए यूक्रेन की सांसद कीरा रुडिक ने बंदूक उठा ली है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, "मैंने कलाशनिकोव चलाना सीख लिया है और हथियार उठाने के लिए तैयार हूं। कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी दिन आएगा। हमारी महिलाएं देश को बचाने के लिए पुरुषों की तरह ही आगे आएंगी।" इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि उनकी बात पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से हुई है, जिन्होंने मदद का पूरा आश्वासन दिया है।
एयर इंडिया के एक विमान ने रूस के आक्रमण के चलते यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के वास्ते रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के लिए शनिवार सुबह मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि उड़ान संख्या एआई1943 ने तड़के करीब तीन बजकर 40 मिनट पर मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी और उसके भारतीय समयानुसार सुबह करीब दस बजे बुखारेस्ट हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जो भी भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंच गये हैं, उन्हें भारत सरकार के अधिकारी बुखारेस्ट ले जायेंगे ताकि उन्हें एअर इंडिया की उड़ानों के जरिए स्वदेश लाया जा सके। एयर इंडिया यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए बुखारेस्ट और हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के लिए शनिवार को और उड़ानें संचालित करेगी।
यूक्रेन के कीव में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक और एडवाजरी जारी की है। इसमें यूक्रेन से बाहर निकलने की कोशिश में जुटे भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि कि वे भारत सरकार के अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय के बिना किसी भी बॉर्डर पोस्ट पर न जाएं।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया है जिसमें मॉस्को से यूक्रेन पर हमला रोकने और सभी सैनिकों को वापस बुलाने की मांग की गई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक मत पड़ा। चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात मतदान से दूर रहे। वहीं अल्बानिया, ब्राजील, फ्रांस, गाबोन, घाना, आयरलैंड, केन्या, मैक्सिको, नार्वे, ब्रिटेन और अमेरिका सहित कुल मिलाकर 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। यह प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पारित नहीं हो सका क्योंकि परिषद के स्थायी सदस्य रूस ने इस पर वीटो किया।
सेंट्रल अमेरिकी देश ग्वाटेमाला ने यूक्रेन में जंग को लेकर रूस का विरोध किया है। इसी के साथ उसने रूस में तैनात अपने राजदूत को वापस भी बुला लिया है। ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति अलेहांद्रो गियामट्टेई ने कहा कि उनका देश रूस की हरकतों की कड़ी निंदा करता है और यूक्रेन का साथ देने वाले देशों के साथ खड़ा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि आज की रात बाकी सभी दिनों से मुश्किल होगी। हमारे देश के कई शहर हमले का सामना कर रहे हैं। शेरनिहिव, सुमी, खारकीव, डोनबास, देश के दक्षिण में मौजूद शहर भी। लेकिन हम अपनी राजधानी कीव को नहीं गंवा सकते।