अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि हमने रूस की वित्तीय प्रणालियों के खिलाफ और कदम उठाए हैं; हमने खुद पुतिन के खिलाफ प्रतिबंध लगाए हैं, हम प्रमुख रूसी बैंकों को स्विफ्ट से हटा रहे हैं, रूस के केंद्रीय बैंक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक उपाय लागू कर रहे हैं और एक संयुक्त कार्य बल खड़ा कर रहे हैं।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच बने गंभीर हालात के मद्देनजर यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल बेलारूस के गोमेल पहुंचा है। यहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हो गई है।
यूक्रेन-रूस के बीच छिड़ी जंग में नाटो ने भी यूक्रेन का समर्थन किया है। नाटो की ओर से कहा गया है कि संगठन के सभी देश यूक्रेन को एयर डिफेंस मिसाइलें, टैंक रोधी हथियार के अलावा मानवीय व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
रूस और यूक्रेन की बीच थोड़ी देर में बातचीत होने जा रही है। हालांकि, यूक्रेन बिल्कुल भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। वार्ता से ठीक पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वेलोदिमिर जेलेंस्की का बयान सामने आया है। उन्होंने रूसी सैनिकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, अपनी जान बचाओ और देश छोड़कर चले जाओ।
यूक्रेन-रूस के बीच बातचीत से ठीक पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि, रूस तुरंत संघर्षविराम की घोषणा करे और यूक्रेन से अपने सैनिकों को वापस बुला ले।
यक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की निकासी के लिए इंडिगो की दो फ्लाइट रोमिनिया और हंगरी भेजी जाएंगी। इंडिगो की ओर से एक बयान में कहा गया है कि, वह ऐसी और भी फ्लाइट संचालित करने के लिए अधिकारियों के साथ वार्ता कर रहे हैं।
यूक्रेन के समर्थन में लातविया की समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके मुताबिक, अगर लातविया के लोग रूस से लड़ने लातविया जाना चाहते हैं तो वे जा सकते हैं।
रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत शुरू होने से पहले रूसी सेना ने हमले की रफ्तार धीमी कर दी है। इसकी पुष्टि यूक्रेनी सेना की ओर से की गई है। बेलारूस में किसी भी पल दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, रूसी प्रतिनिधिमंडल, यूक्रेन के दल का इंतजार कर रहा है।
यूक्रेन संकट पर पीएम मोदी ने आपात बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, वहां फंसे छात्रों की निकासी के लिए कुछ केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में भेजा जा सकता है। ये मंत्री अन्य देशों के साथ छात्रों की निकासी में समन्वय स्थापित करने का काम करेंगे।
यूक्रेन संकट पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने एक बार फिर आज उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने रविवार को भी एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि पीएम की उच्च स्तरीय बैठक दो घंटे से ज्यादा समय तक चली। इस दौरान पीएम ने कहा कि हमारे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रूस की तरफ से कीव पर कब्जे के प्रयास और भी तेज हो गए हैं। सोमवार सुबह-सुबह कीव और खारकीव में दो धमाके हुए हैं।
यूक्रेन में फंसे 249 अन्य भारतीय छात्रों को लेकर पांचवी फ्लाइट दिल्ली पहुंच गई है। यह फ्लाइट करीब 6ः30 पर दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई। अब तक करीब 1100 से ज्यादा भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकाला जा चुका है।
कोर्युकोव्का में दाखिल हो चुकी रूसी सेना को रोकने के लिए आम लोग सामने आए हैं। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग रूसी टैंकों के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। वीडियो में रूसी सैनिक आम लोगों से चारों ओर से घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं।