अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा, "आपका ये आयोजन वाकई शानदार रहा है। यहां पर जो सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए वो अद्भुत थे। मुझे मालूम हुआ कि यहां हजारों लोग आना चाहते थे, लेकिन जगह कम पड़ गई। जो लोग यहां नहीं आ पाए, मैं उनसे क्षमा चाहता हूं, उनसे आगे मुलाकात होगी। किसी और दिन, किसी अन्य स्थान पर। उत्साह ऐसा ही होगा।"
'आप भारत में भी ओलंपिक के साक्षी बनेंगे'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ दिन पहले भी पेरिस ओलंपिक खत्म हुए हैं। जल्द ही आप भारत में भी आप ओलंपिक के साक्षी बनेंगे। हम ओलंपिक की मेजबानी के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
'आज भारत बोलता है, दुनिया सुनती है'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज जब भारत वैश्विक मंच पर बोलता है, तो दुनिया सुनती है। कुछ समय पहले जब मैंने कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है। तब सभी ने सुना था " उन्होंने आगे कहा, "आज भारत की प्राथमिकता दुनिया में दबाव बढ़ाने की नहीं, बल्कि अपने प्रभाव को बढ़ाने की है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "हम विश्व में दबदबा नहीं चाहते, हम विश्व में सहयोग देना चाहते हैं।"
'एक दशक में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, एक दशक में भारत दसवें नंबर से पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया। अब हर भारतीय चाहता है कि भारत जल्दी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। आज देश के एक बड़े वर्ग की उम्मीद पूरी हो रही है। पिछले दस साल में करोड़ों को ग्रीन कुकिंग गैस की सुविधा मिली है। उनके घरों में साफ पीने का पानी पहुंच रहा है। उनके घरों में बिजली पहुंची। अब भारत के लोग गुणवत्तापूर्ण जीवन चाहते हैं। अब भारत के लोगों को सिर्फ सड़क नहीं बल्कि एक्सप्रेसवे चाहिए। अब लोगों केवल ट्रेन नहीं बल्कि हाईस्पीड ट्रेन चाहिए।
'उर्जा और सपनों से भरा है आज का भारत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। भारत उर्जा से भरा हुआ है। सपनों से भरा हुआ है।
'भारत और अमेरिका लोकतंत्र के जश्न में एक साथ'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 2024 का ये साल पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है। एक तरफ दुनिया के कई देशों के बीच संघर्ष है, तनाव है, तो दूसरी तरफ कई देशों में लोकतंत्र का जश्न चल रहा है। भारत और अमेरिका लोकतंत्र के जश्न में भी एक साथ है।
पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले गायक आदित्य गढ़वी ने न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के नासाउ कोलिज़ियम में शानदार प्रस्तुति दी।
नासाउ कोलिसियम में जुटने शुरू हुए भारतीय समुदाय के लोग
भारतीय प्रवासी समुदाय के लोग आज न्यूयॉर्क के लॉन्ग आईलैंड के नासाउ कोलिसियम में पीएम मोदी के विशेष कार्यक्रम के लिए पहुंचना शुरू कर चुके हैं। इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा। पीएम मोदी के संबोधन से पहले एक रेस्तरां के मालिक और शेफ विकास खन्ना ने कहा कि यही एक मात्र तरीका है, जिससे भारतीय समुदाय आगे बढ़ सकता है और एकजुट रह सकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि पीए मोदी परिवार में सबसे बड़े हैं, जो सभी को एक साथ लाते हैं। एक साथ आने की हमारी असली ताकत को देखन न केवल भारतीयों के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।
एक अन्य प्रवासी भारतीय ने कहा, मैं दूरदराज के गांवों के वंचित समुदायों के लिए उनके (पीएम मोदी) के काम से प्रभावित हूं, जहां वह सभी बुनियादी जरूरतें, शिक्षा और वित्तीय मदद मुहैया करा रहे हैं। वहीं, ढोल-ताशा बजाने वाले समूह की एक सदस्य ने कहा, हम बहुत उत्साहित हैं कि पीएम मोदी यहां आ रहे हैं। हम भारत से हैं, लेकिन रहते यहीं हैं। हम भारत की जड़ों को जीवित रखने के लिए ढोल-ताशे बजाते हैं। हम प्रधानमंत्री के सामने इसे बजाने के लिए उत्साहित हैं।
आज दोपहर (स्थानीय समयानुसार) के आसपास आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीयों के साथ पीएम मोदी के संवाद कार्यक्रम से पहले नैसो कोलिजियम के बाहर नृत्य प्रस्तुति के लिए अभ्यास कर रहे हैं। नृत्य समूह के सदस्य भारत के तेलंगाना, बिहा और गुजरात राज्यों से हैं।
जिल बाइडन के लिए भी खास तोहफा
इसके साथ ही जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन के लिए भी पीएम मोदी ने खास तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने अमेरिका की प्रथम महिला को पश्मीना शॉल गिफ्ट किया है। असाधारण गुणवत्ता और बेजोड़ सुंदरता वाली पश्मीना शॉल जम्मू-कश्मीर से आती है। शॉल की कहानी लद्दाख के ऊंचे इलाकों में रहने वाली चंगथांगी बकरी से शुरू होती है। यह अविश्वसनीय रूप से महीन और मुलायम रेशा हाथ से कंघी करके बनाया जाता है। कुशल कारीगर पश्म को अक्सर पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करके हाथ से सूत में बदल देते हैं।
पीएम मोदी ने क्वाड समिट में बाइडन को दिया खास तोहफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वाड समिट में हिस्सा लेने के दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को एक खास गिफ्ट दिया है। बता दें कि पीएम मोदी और जो बाइडन की अच्छी दोस्ती है। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को चांदी से बनी प्राचीन हाथ से उकेरी गई ट्रेन का एक मॉडल गिफ्ट किया है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, 'आज बहुपक्षीय बैठकों में प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विभिन्न भागीदारों के साथ विकास के लिए सहयोग, संपर्क और जुड़ाव के लिए भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। अब भारत 2025 में क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।'
अमेरिकी शहर न्ययॉर्क के लॉन्ग आइलैंड स्थित नासाउ वेटरंस मेमोरियल कोलिसियम में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित करने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम भारतीय समयानुसार रविवार देर रात होने की संभावना है। आयोजन स्थल के अंदर के दृश्य सामने आए हैं, जहां मोदी एंड यूएस टाइटल से कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। प्रवासी भारतीयों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह है।
क्षमता 13 हजार लोगों की, 25 हजार से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया
उत्साह का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड स्थित जिस इनडोर स्टेडियम में उनका कार्यक्रम होना है उसकी क्षमता 13 हजार लोगों की है, जबकि उसमें भाग लेने के लिए 25 हजार से ज्यादा लोग पंजीकरण करा चुके हैं। तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के क्रम में पीएम मोदी स्थानीय समयानुसार 22 सितंबर को लॉन्ग आइलैंड के नासाउ वेटरंस मेमोरियल कोलिसियम में प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे। इस कार्यक्रम को 'मोदी और अमेरिका: प्रगति साथ-साथ' नाम दिया गया है।
पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कैंसर मूनशॉट से जुड़ी घोषणा हुई। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया यह घोषणा सर्वाइकल कैंसर से निपटने में क्वाड देशों के योगदान को दर्शाने की कवायद है। यह महिलाओं की कैंसर के इस रूप से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाने में मददगार होगा। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत का चार करोड़ मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगा। उन्होंने करोड़ों रुपये के आर्थिक सहयोग की घोषणा भी की। पीएम मोदी ने देश का विजन बताते हुए कहा कि वन अर्थ और सेहत की दृष्टि से वे स्वस्थ समाज तैयार करने में योगदान करना चाहते हैं।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि क्वाड देशों की नई पहल के तौर पर हिंद-प्रशांत में गश्त करने वाले जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत के तटरक्षक अपने जहाजों पर एक-दूसरे के कर्मियों को ले जाएंगे और सहयोग करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिका में क्वाड शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया तनाव और संघर्ष से घिरी हुई है। ऐसे में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वाड का एक साथ काम करना पूरी मानवता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम किसी के खिलाफ नहीं हैं। हम सभी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान और सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं। स्वतंत्र, खुला, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत हमारी साझा प्राथमिकता और साझा प्रतिबद्धता है। यहां पढ़ें सभी राष्ट्राध्यक्षों के विस्तृत बयान
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता के बाद क्वाड समिट के लिए पहुंचे पीएम मोदी की औपचारिक आगवानी खुद मेजबान देश अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष जो बाइडन ने की। इस दौरान एक पत्रकार के सवाल पर बाइडन ने पूरे आत्मविश्वास से कहा, उन्हें इस बात का भरोसा है कि क्वाड देशों का समूह आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी कायम रहेगा। क्वाड शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और बाइडन के अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी शामिल हुए।
US President Joe Biden tweets, "The United States' partnership with India is stronger, closer, and more dynamic than any time in history. Prime Minister Modi, each time we sit down, I'm struck by our ability to find new areas of cooperation. Today was no different." pic.twitter.com/XXHiRVTQsv