जामा मस्जिद के नजदीक से शुरू हुए बवाल ने शहर की आधी आबादी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह जगह उपद्रवियों ने आगजनी की और तोड़फोड़ कर उत्पात मचाया। गली मोहल्ले और प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। पुलिस और प्रशासन के पास ऐसे वीडियो और फोटो हैं। जिसमें वह बवाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन उपद्रवियों ने जो सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। उसकी वसूली भी इन्हीं उपद्रवियों से की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में पुलिस के लोगों को गुंडा मवाली में बदल दिया गया है। ये दुर्भाग्यपूर्ण है... भाजपा नफरत ही नहीं फैला रही, ये किसी भी प्रकार से देश को तोड़ना चाहते हैं। अगर इस तरह का प्रयास बिहार में कोई करेगा तो हम चुप बैठने वाले नहीं हैं।
संभल की घटना पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि लोग लाशों पर राजनीति करने का ख्वाब देखते हैं। जिनकी मृत्यु हुई वो दुखद है। जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि किसी चीज को उकसाने की बजाय शांतिपूर्ण वातावरण बने इसके लिए कोशिश करनी चाहिए।
संभल में हुए हिंसा के मामले में जामा मस्जिद के सदर जफर अली को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार उन पर हिंसा भड़काने का आरोप है। इसके अलावा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सांसद बर्क और विधायक के बेटे पर मस्जिद में आयोजित सर्वे को लेकर उकसाने वाली बातें प्रचारित करने का आरोप लगाया है। इसके बाद विवाद बढ़ा और हिंसा फैल गई। हिंसा के दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर भी हमले हुए, जिससे कई लोग घायल हो गए।
संभल हिंसा पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "यह घटना विपक्ष की वजह से हुई, यह गोधरा कांड की तरह विपक्ष की पूर्व नियोजित रणनीति थी। यह सर्वेक्षण टीम पर हमला नहीं था बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र पर हमला था। वे देश को जलाना चाहते हैं...वे संभल को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं...जो लोग मारे गए, वे हमलावरों की गोली से मारे गए, पुलिस की गोली से नहीं, यह पोस्टमार्टम से स्पष्ट है...देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
संभल हिंसा के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अन्य कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय पर मौन रहकर प्रदर्शन किया और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। प्रदेश अध्यक्ष ने पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और फिर मौन धरने पर बैठे। कांग्रेस ने मामले में राज्य सरकार पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। संभल हिंसा पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर बयान देकर कहा कि संभल, उत्तर प्रदेश में हालिया विवाद पर राज्य सरकार का पक्षपात और जल्दबाजी भरा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंसा और फायरिंग में जिन्होंने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
sambhal violence news: अखिलेश यादव का आरोप, सरकार ने जानबूझकर कराया दंगा
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि संभल में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और शहर में शांति स्थापित है। जहां हिंसा हुई थी वहां कुछ दुकाने बंद हैं, लेकिन बाकी इलाकों में सामान्य स्थिति है और कोई तनाव नहीं है। सभी जगहों पर पुलिस तैनात है। कमिश्नर ने बताया कि हिंसा के दौरान कुछ युवाओं ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन इस मामले में पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान कुछ लोगों ने मस्जिद पर पथराव करने की कोशिश की थी, जिनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज से की जा रही है। पुलिस ने इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया है। कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन पर रासूका तक लगाया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों की मौत देसी बंदूक से हुई है। पुलिस जांच कर रही है कि इस हिंसा के पीछे किसका हाथ था। कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तैयारी की गई है और भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने हिंसा में युवाओं के शामिल होने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह उकसावे के बाद माैके पर पहुंचे।
मुरादाबाद मंडलायुक्त अंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि फिलहाल स्थिति शांत है। उन्होंने बताया कि हिंसा के मामले में जांच जारी है और कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। मंडलायुक्त ने कहा, "सपा सांसद जिआउर्रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे पर भीड़ को उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। हिंसा में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो दोषियों पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) भी लगाया जाएगा। प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
हिंसा के बाद सोमवार सुबह डीआईजी मुरादाबाद रेंज मुनिराज जी के नेतृत्व में पुलिस बल ने हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया। शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात है। शहर में सन्नाटा पसरा हुआ है, और सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। हिंसा के बाद संभल में इंटरनेट सेवाएं अगले चाैबीस घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं।
यूपी के संभल जिले में हिंसा मामले में दो थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे समेत 1500 लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने संभल हिंसा को बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, "यह एक गंभीर घटना है, लोगों की जान जा चुकी है। इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। मैं इसका समर्थन नहीं करता। मामले की जांच होनी चाहिए। यह पुलिस, प्रशासन और सरकार की विफलता है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संभल की घटना को लेकर कहा, "कोर्ट के आदेश पर वहां सर्वे किया जा रहा था। जो घटना हुई, वह बहुत दुखद है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
डीआईजी मुरादाबाद रेंज मुनिराज जी ने संभल की स्थिति पर कहा कि फिलहाल संभल में स्थिति शांतिपूर्ण है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस तैनात है। स्थिति को देखते हुए इंटरनेट पर लगा निलंबन हटाया जा सकता है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संभल के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। अब तक कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।
उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद पर पत्थरबाजी की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रविवार को भड़की हिंसा के बाद सोमवार सुबह से पूरे शहर में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। डीआईजी मुनिराज जी के नेतृत्व में पुलिस बल ने हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया। शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है, और प्रवेश मार्गों पर पुलिस तैनात है।
यह था मामला
संभल शहर की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए दाखिल वाद के आधार पर सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर की टीम पहुंची तो संभल में बवाल हो गया। रविवार सुबह अचानक टीम के आने पर जुटी भीड़ मस्जिद में दाखिल होने कोशिश करने लगी। रोकने पर पुलिस पर पथराव कर दिया। हिंसक हुई भीड़ ने सीओ की गाड़ी समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी और आग लगा दी। इसी बीच फायरिंग भी शुरू हो गई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। बवाल में घिरकर पांच लोगों की मौत हो गई। कई अधिकारियों समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं। तनाव को देखते हुए संभल में इंटरनेट सेवा और स्कूल बंद कर दिए गए थे।