06:15 PM, 29-Sep-2023
शिवालिक जंगल से खैर के 15 पेड़ काट ले गए तस्कर
सहारनपुर के बेहट में शिवालिक वन प्रभाग की बड़कला (बादशाहीबाग) रेंज क्षेत्र की करौंदी बीट के जंगल से तस्कर खैर के 15 पेड़ काटकर ले गये। इन बेशकीमती पेड़ों के कटान में दो वनकर्मियों की मिलीभगत की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई है।
पोर्टल पर की गई शिकायत में शिवालिक जंगल से सटे थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव जानीपुर निवासी अहसान पुत्र मकसूद का कहना है, कि तस्करों द्वारा करौंदी बीट से काटे गए खैर के कीमती पेड़ों के कटान की वीडियो एवं फोटो उसके पास साक्ष्य के रूप में है। उसका कहना है, कि विभाग के मुंशी व चौकीदार की मिलीभगत से पेड़ काटे गए है। उसकी सूचना पर पहुंचे वन दरोगा पान सिंह ने दोनों वनकर्मियों को मौके पर पकड़ भी लिया था, लेकिन तस्कर भाग निकले थे। शिकायतकर्ता का आरोप है, कि यदि ग्रामीण घर के लिए जंगल में लकड़ी बीनने जाते है, तो उन्हें डराया धमकाया जाता है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है, जबकि तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाति और उन्हें जंगल में जाने के लिए खुली छूट दी गई है। उसने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषी वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कत्था और चारकोल बनाने के काम आता है खैर
कत्था और चारकोल बनाने के अलावा आयुर्वेद में इस्तेमाल किए जाने वाले खैर की पेश कीमती लड़कियों पर तस्करों की नजर रहती है। शिवालिक जंगल में खैर बड़ी तादाद में है। इसका बाजार भाव पांच हजार रुपये से 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक है। यहीं कारण है, कि इस लकड़ी की तस्करी होती है।