पुलिस को चकमा देकर कोर्ट पहुंचा इनामी भाजपा नेता, अदालत ने भेजा जेल
25 हजार रुपये के इनामी भाजपा नेता प्रिंस चौधरी ने पुलिस को चकमा देते हुए एक अन्य मामले में नगीना की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने प्रिंस चौधरी को जेल भेज दिया है।
बीते 30 जनवरी को थाना परीक्षितगढ़ में बिजनौर के भाजपा नेता प्रिंस चौधरी के काफिले में शामिल गाड़ियों ने दो युवकों को कुचल दिया था। पुलिस ने गाड़ी चालक और भाजपा नेता प्रिंस चौधरी को नामजद करते हुए मामला दर्ज किया था।
महापंचायत में मंच से भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह खूब गरजे। उन्होंने कहा कि किसान सरकार के एजेंडे में नहीं है। कहा कि बजट में किसान की आय पर कोई चर्चा नहीं हुई। सरकार ने छह साल पहले आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय घट गई। सरकार ने 2047 तक का झुनझुना दिया है और विश्व गुरु बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेच रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार खेती पर निवेश कम कर रही है। कहा कि सरकार एमएसपी नहीं, कर्जा देने की बात कर रही है। कहा कि खेती के लोन अडानी के माध्यम से दिए जाएंगे। उन्होंने किसानों को चेताया कि यह जमीन कुर्क करने की तैयारी है। अगर सरकार 85 करोड़ को मुफ्त राशन दे रही है तो समझ लो देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
युद्धवीर सिंह ने कहा कि 20 मार्च को पूरे देश का किसान एक साथ दिल्ली कूच करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश की निगाह मुजफ्फरनगर पर है। कहा कि यहां के किसान आंदोलन को मजबूत रखें। सिंह ने कहा कि किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ, अब दूसरा चरण 20 मार्च से शुरू होगा। किसान एमएसपी की लड़ाई जारी रखेंगे।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि नलकूपों पर मीटर नहीं लगने देंगे। वहीं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि खेती छोड़ो आंदोलन चलाना होगा। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य जगतार बाजवा ने कहा कि किसान शक्ति को एकजुट करना होगा। मजबूती से मोर्चे पर डटना होगा।
बताया गया कि रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी और अशरफ अली मंच के पास बैठे रहे, लेकिन कुछ देर बाद वापस लौट गए।
मुजफ्फरनगर में भाकियू की महापंचायत शुरू हो गई है। वहीं हरियाणा से आए किसान नेता जोगिंदर सिंह ने बताया कि 20 मार्च को दिल्ली में पूरे देश के किसानों की महापंचायत होगी। वहीं नरेश टिकैत भी मंच पर पहुंच गए हैं।
बता दें कि गन्ना मूल्य, बकाया भुगतान, आवारा पशु, बिजली की दरें और किसानों के उत्पीड़न समेत अन्य मुद्दों को लेकर यह महापंचायत हो रही है।