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Krishna Janmashtami 2025: ब्रज में छाया उल्लास...मथुरा में नंदोत्सव की धूम, मंदिरों में भक्तों पर लुटाए उपहार

Sun, 17 Aug 2025 09:14 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

Mathura Krishna Janmashtami Live Darshan Updates:  कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। रात के 12 बजते ही कन्हैया के जन्म की खुशी में भक्त झूमने लगे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और लीला स्थली मथुरा में जन्मोत्सव शुरू हो गया है। इस दौरान शोभायात्रा में ब्रज संस्कृति की अद्भुत, अलौकिक और अकल्पनीय छटा दिखाई दी। कहीं रास तो कहीं मयूर नृत्य देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को लुभा रहा हैं। जन्मोत्सव को भव्य और दिव्य रूप में मनाए जाने की तैयारियां पूरी हो गई है। 
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 जन्मोत्सव में शामिल होंगे सीएम योगी
शनिवार 11:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ मथुरा आएंगे। इसके बाद वह 12 बजे कन्हैया के जन्मोत्सव में शामिल होंगे। पूजा अर्चना करने के बाद वह पांचजन्य प्रेक्षागृह में साधु संतों को सम्मानित करेंगे और कई योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। सीएम योगी के आगमन पर शुक्रवार को दिनभर अधिकारी तैयारी में जुटे रहे। हालांकि जन्मोत्सव कार्यक्रम शुक्रवार सुबह से ही शुरू हो गए हैं। सुबह करीब 10:00 बजे जन्मस्थान से विभिन्न मार्गो से होते हुए पांचजन्य पेक्षाग्रह तक शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान कलाकार बीन और ढोल नगाड़ों धुन पर जमकर झूमे। यही हाल शनिवार को रहेगा। लाखों की तादात में श्रद्धालु मथुरा पहुंचे हैं। वह जन्मोत्सव में शामिल होंगे।

टोलफ्री नंबर भी किया जारी
नगर निगम ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए टोलफ्री नंबर भी जारी कर दिया है। किसी भी समस्या पर 1533 और 14420 पर वह फोन कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा नगर निगम ने व्यवस्थाओं के लिए अलग से कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो राउंड द क्लॉक संचालित होगा।

मध्यरात्रि से 12:43 तक पूजन का शुभ मुहूर्त
जन्माष्टमी पर आज मध्यरात्रि से 12:43 तक पूजन का शुभ मुहूर्त, इन नियमों का कजन्माष्टमी पर शनिवार को 190 साल बाद दुर्लभ योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जन्माष्टमी तिथि शुक्रवार रात 11:49 बजे से शनिवार रात 9:34 बजे तक है। शुक्रवार को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में, गुरु मिथुन राशि में और मंगल कन्या राशि में होगा। ऐसे में 190 साल के बाद जन्माष्टमी पर गौरी, बुध आदित्य, वेशी, अमृत सिद्धि, गजलक्ष्मी और राजराजेश्वर योग बन रहा है।


 

भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा करने का विधान
जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर पड़ता है। इस दिन भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि जन्माष्टमी पर मध्य रात्रि को प्रभु के जन्म होने के बाद उन्हें झूला झुलाने से व्यक्ति के समस्त दुखों का अंत और जीवन में खुशियां वास करती हैं। साथ ही प्रेम जीवन भी सुखमय बनता है।

जन्मभूमि पर जन्माभिषेक कार्यक्रम
श्री गणपति एवं नवग्रह स्थापना-पूजन आदि रात 11:00
सहस्त्रार्चन (पुष्प एवं तुलसीदल से) रात 11: 55 बजे तक
प्राकट्य दर्शन के लिए पट बंद रात 11:59 मिनट पर
प्राकट्य दर्शन और आरती रात 12:00 बजे से 12: 10 बजे तक
पयोधर महाभिषेक (कामधेनु) रात 12: 10 बजे से 12: 25 बजे तक
ठाकुर जी का जन्म-महाभिषेक रात 12: 25 बजे से 12: 40 बजे तक
श्रंगार आरती रात 12: 45 बजे से 12: 50 बजे तक
शयन आरती रात 01:55 बजे से 2:00 बजे तक

कृष्ण जन्माष्टमी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि आरंभ: 15 अगस्त 2025 को रात 11:49 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 16 अगस्त 2025 को रात 09:34 बजे
रोहिणी नक्षत्र आरंभ: 17 अगस्त 2025 को सुबह 04:38 बजे
रोहिणी नक्षत्र समाप्त: 18 अगस्त 2025 को तड़के 03:17 बजे
चंद्रोदय का समय: 16 अगस्त को रात 10:46 बजे

बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती का समय
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक साल में 1 बार जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती की जाती है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं। इस दौरान न केवल आरती बल्कि कान्हा जी का महाभिषेक भी की जाता है, जो बेहद शुभ होता है। इस बार 16 अगस्त 2025 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर रात 12 बजे मंगला आरती होगी।

कान्हा के जन्मोत्सव पर दीपदान से झिलमिलाया विश्राम घाट
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा विश्राम घाट पर शुक्रवार की शाम दीपदान किया गया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अंतर्गत यमुना पर दीपदान का शुभारम्भ गन्ना विकास और चीनी मिले मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने दीप जलाकर किया। उन्होंने यमुना महारानी की पूजा भी की।  उफनती यमुना के बीच दीपदान का दृश्य मनोहरी था। 5252 दीपों से विश्राम झिलमिला उठा। इस दौरान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, भाजपा नेता नरदेव चौधरी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने दीपदान किया।

 38वीं बार मथुरा आ रहे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले आठ वर्षों में 38वीं बार भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा का दौरा कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार के मुख्य एजेंडों में मथुरा का विकास भी शामिल है। मुख्यमंत्री रहते हुए सर्वाधिक बार मथुरा की यात्रा करने का उनका यह रिकॉर्ड, सनातन आस्था के प्रति उनकी सरकार के गहरे सम्मान और समर्पण को दर्शाता है। काशी और अयोध्या की तरह ही, अब मथुरा भी योगी सरकार के विकास के केंद्र में आ गया है।

सीएम गर्भगृह में हुए दाखिल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएम योगी पहुंचे जन्मस्थान
उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कृष्ण जन्मस्थान पहुंच चुके हैं। इस दौरान जन्मस्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर आए। सीएम योगी द्वारा यहां विधि विधान से ठाकुर जी का पूजना किया गया।


 

 सीएम योगी ने दिया ये संदेश
मथुरा में कृष्ण जन्मस्थान पहुंचे सीएम योगी ने जन्माष्टमी की बधाई दी। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि काशी दुनिया को आकर्षित कर रहा है। अयोध्या भी आकर्षित कर रही है। इसी तरह मथुरा को भी 5000 साल पुराने पौराणिक स्थल के विकास के लिए कार्य करना होगा। सीएम  योगी ने कहा कि बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा। सनातन का ध्वज दुनिया का मार्गदर्शन करता रहेगा।
 
 

सीएम योगी ने दी जन्माष्टमी की बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज पावन जन्माष्टमी का शुभ आयोजन है। मैं इस अवसर पर देश और दुनिया के अंदर जहां कहीं भी सनातन धर्मावलंबी निवास करते हैं और हमारे कान्हा के प्रति श्रद्धा का भाव रखते हैं उन सबको मैं आज के पावन तिथि की बधाई देता हूं...हमारी सरकार ने तय किया कि हम लोग मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन और राधा कुंड को तीर्थ के रूप में उसकी पौराणिक मान्यता को फिर से बहाल करेंगे।"
 
 

पांचजन्य सभागार पहुंचे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांचजन्य सभागार पहुंचे। यहां सीएम योगी का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने बाल स्वरूप कान्हा को तिलक लगाया। 


जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण जन्मभूमि में उमड़ पड़ा आस्था का सैलाब 
शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालु अपने कृष्ण कन्हैया के दर्शन को पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जन्मभूमि पहुंचकर कान्हा का आशीर्वाद लिया और लोगों को जन्माष्टमी की बधाई दी साथ ही मथुरा और सनातन के विकास का संकल्प दोहराया। भीषण गर्मी के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी।तपती धूप में लोग कन्हैया के दर्शन के लिए जन्मभूमि में जुटे रहे कोई गुजरात कोई हिमाचल तो कोई मध्य प्रदेश से कन्हैया के दर्शन के लिए पहुंचा।

जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण जन्मभूमि में उमड़ पड़ा आस्था का सैलाब 
शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालु अपने कृष्ण कन्हैया के दर्शन को पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जन्मभूमि पहुंचकर कान्हा का आशीर्वाद लिया और लोगों को जन्माष्टमी की बधाई दी साथ ही मथुरा और सनातन के विकास का संकल्प दोहराया। भीषण गर्मी के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी।तपती धूप में लोग कन्हैया के दर्शन के लिए जन्मभूमि में जुटे रहे कोई गुजरात कोई हिमाचल तो कोई मध्य प्रदेश से कन्हैया के दर्शन के लिए पहुंचा।

रात दो बजे होंगे ठाकुरजी के दर्शन
जन्मभूमि संस्थान के पदाधिकारियों ने मंगलवार को सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी बांट दी है। जन्मभूमि संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 16 अगस्त को रात 11 बजे से मंदिर में ठाकुरजी के जन्मोत्सव के कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। रात 12 बजे ठाकुरजी का अभिषेक किया जाएगा। साथ ही रात 2:00 बजे तक भक्त कान्हा के दर्शन कर सकेंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
 

द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव, नोट कर लें समय
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन के समय में परिवर्तन किया गया है। नए समय के अनुसार 16 अगस्त को प्रात:काल 6 बजे से 6:15 तक ठाकुरजी के पंचामृत अभिषेक के दर्शन 6:30 से और शृंगार के दर्शन लगभग 8:30 पर होंगे।
 

राधा रमण लाल और राधा दमोदर लाल मंदिर में दिन में हुआ महाभिषेक 
वृंदावन में जहां एक ओर देश भर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में रात को दुनिया भर मेंं अभिषेक किया जाता है वहीं वृंदावन के प्रमुख सप्तदेवायलों में शामिल राधा दमोदर लाल मंदिर और राधा रमण मंदिर में दिन में भी आराध्य का महाभिषेक किया जाता है। इस पल के साक्षी बनने के लिए लाखों श्रृद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इस दिन के लिए काफी समय पहले ही होटल आश्रमों में बुकिंग शुरू हो जाती हैं।

नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां
भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली नंदगांव में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां श्री कृष्ण जन्माष्टमी 17 तथा नंदोत्सव 18 अगस्त को मनाया जाएगा। यहां जन्माष्टमी खुर गिनती विधि से मनाई जाती है। यानी रक्षा बंधन के बाद ठीक 8 दिन गिनकर। 17 अगस्त को मध्यरात्री में अजन्मे कृष्ण अवतरित होंगे। 18 अगस्त को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन नंदभवन में होगा। जिसमें नंदगांव बरसाना के समाजियों द्वारा बधाई गायन, बांस बधाई, दधी कंधौ लीला, प्रतीकात्मक मल्ल युद्ध आदि आकर्षण के होंगे।

सीएम के जाने के बाद उमड़ा भक्तों का हुजूम
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जाने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशासन ने बैरियर हटा दिए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु  श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

 

ब्रज क्षेत्र के लिए 30 हजार करोड़ की कार्ययोजना की घोषणा 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की नई कार्ययोजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कार्ययोजना मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोकुल जैसे तीर्थ स्थलों को द्वापर युग की स्मृतियों से जोड़ेगी। उन्होंने कहा हमारी सरकार पूज्य संतों की भावनाओं का सम्मान करने और बृजक्षेत्र को संवर्धित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम उन कार्यों को संभव बना रहे हैं, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि 10 साल पहले इनकी कल्पना भी असंभव लगती थी, लेकिन आज ये साकार हो चुके हैं। काशी में जहां पहले 50 श्रद्धालु एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे, वहां आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर त्रेतायुग की स्मृति को जीवंत कर रहा है। इसी तरह, विंध्यवासिनी धाम में भी भव्य कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो चुका है।
 

दाऊजी महाराज मंदिर में भक्तों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दाऊजी महाराज मंदिर में भक्तों की भीड़
मथुरा के बलदेव में श्रीकृष्ण भगवान के बड़े भैया श्री दाऊजी महाराज मंदिर में जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। हर ओर श्रद्धा व भक्ति भाव नजर आया। सभी श्रद्धालुओं ने श्री दाऊजी महाराज के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। श्री दाऊजी महाराज का विशेष अभिषेक व श्रृंगार के दर्शन किए। मध्य रात्रि में विशेष अभिषेक व श्रृंगार के दर्शन होंगे, उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ेंगे। 

सज्जनों का किया संरक्षण
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के उद्देश्य को याद करते हुए कहा कि उनका अवतार सज्जनों के संरक्षण और दुष्टों के संहार के लिए हुआ था। उन्होंने युद्धभूमि को धर्मभूमि में बदल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण की निष्काम कर्म की प्रेरणा हमें ताकत देती है। जब तक यह प्रेरणा हमारे बीच है, कोई हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकता। उन्होंने भारत की आजादी के 78 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता के शताब्दी महोत्सव (2047) के लिए नए संकल्प रखे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुई 24 घंटे की चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक उत्तर प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।


 

परिक्रमा मार्ग से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक की परियोजनाएं हैं शामिल
मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन के लिए 646 करोड़ रुपये की 118 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 80 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनकी लागत करीब 273 करोड़ रुपए है। वहीं 38 परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया, जिनकी लागत करीब 373 करोड़ रुपए है। इन परियोजनाओं में परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार, कुंडों का जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं की सुविधा, कनेक्टिविटी, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने पांचजन्य सभागार में भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण लीलाओं के आयोजन को भक्तिमय माहौल का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और संतों के प्रयासों की सराहना की, जिनके सहयोग से ब्रज क्षेत्र के विकास के प्रस्ताव स्वीकृत हुए। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज मिलकर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए कटिबद्ध हैं।
 

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर भक्तों की भीड़
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे हैं। यहां सुरक्षा के चाक-चाैबंद इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए भीड़ प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया है। आला अधिकारी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
 

#WATCH मथुरा, उत्तर प्रदेश: कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर श्रद्धालुओं ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। pic.twitter.com/v5MCoMtDrR

— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 16, 2025

जन्माष्टमी पर रमणरेती आश्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ 
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर हर ओर उल्लास छाया हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थल कहे जाने वाले गोकुल महावन स्थित कार्ष्णि उदासीन रमणरेती आश्रम में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। झालर एवं फूलों से सजावट की गई है। सुबह पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरु शरणानंद जी द्वारा ठाकुर जी के विग्रह का दुग्धाभिषेक किया। दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। यहां ठाकुर रमण बिहारी के दर्शन किए।

चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहकर निगरानी कर रहे हैं। मथुरा को 4 जोन व 18 सेक्टरों में बांटा गया है। जन्मभूमि समेत शहर के प्रमुख मठ मंदिरों में भी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था है। जन्माष्टमी पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंचे हैं।
 

श्रद्धालुओं से घंटे के हिसाब से वसूला जा रहा पार्किंग शुल्क
मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की ओर से पार्किंग व्यवस्था की गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं की जेब पर अधिक बोझ न पड़े, इसका भी ध्यान रखा गया है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने पार्किंग शुल्क की दरें निर्धारित की हैं। वाहन चालकों से निर्धारित समय के हिसाब से शुल्क वसूला जा रहा है। इसमें बस, मिनी बस व मेटाडोर से एक घंटे के 100 रुपये, चार घंटे के 200 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। 4 घंटे बाद भी वाहन पार्किंग में खड़ा होने पर 2 घंटे के हिसाब से अतिरिक्त 40 रुपए वसूले जा रहे हैं। इसी तरह दोपहिया वाहनों से एक घंटे के 10 रुपये, चार घंटे के 20 रुपये और दो घंटे के हिसाब से पांच रुपये अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है।
 

जन्माष्टमी पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर इस बार सिंदूरी रंग से सजे पुष्प बंगला में ठाकुर जी के दर्शन
भगवान श्रीकृष्ण का 5252 वां जन्मोत्सव ऑपरेशन सिंदूर व सनातन के लिए समर्पित रहा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के बाहर सुंदर सजावट, लाइटिंग एवं प्रकाश की व्यवस्था की गई। जन्मोत्सव पर ठाकुरजी के इंद्रधनुषी रंगों से तैयार पोशाक में श्रद्धालुओं को दर्शन होंगे। श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर पूर्णावतार में सिंदूर पुष्प बंगला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। गर्भगृह का कायाकल्प करके रजत मंडित गर्भगृह 251 किलो चांदी से विशेष रूप से निखारा गया है। इसी के समीप राज राजेश्वरी अष्टभुजी मां योगमाया मंदिर को भी 51 किलो चांदी से भव्य रूप प्रदान किया गया है। 
 

मंदिरों में पहुंचने लगे कान्हा के भक्त
मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। कुछ घंटों का समय ही बचा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भक्तों की भीड़ है। रात के 12 बजते ही मंदिर घंटे-घड़ियाल और शंखों की ध्वनि से गूंज उठेंगे। कान्हा का जन्मोत्सव मनाने मथुरा पहुंचे भक्तों का उल्लास देखते ही बनता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में रात 11 बजे श्री गणपति एवं नवग्रह स्थापना-पूजन से जन्माभिषेक कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
 

बांकेबिहारी मंदिर में जुटने लगी भक्तों की भीड़
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में शाम से भक्तों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई है। हर कोई कान्हा की एक झलक पाना चाहता है। मंदिर से कुंज गलियों तक भक्तों की कतार लगी है। भीड़ के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
 

श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान से 10 किलोमीटर दूर तक फुटपाथ पर रात गुजारी
मथुरा में कान्हा के जन्मोत्सव के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न स्थानों पर डेरा डाल दिया। कान्हा की भक्ति से ओत-प्रोत श्रद्धालु ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान से 10 किलोमीटर दूर तक फुटपाथ पर रात गुजारी है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए 3 दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया जो कि शनिवार को भी जारी रहा। श्रद्धालुओं की आस्था का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि जन्मस्थान से 10 किलोमीटर दूर तक फुटपाथ पर रात गुजारने में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई है। शहर से लेकर टाउनशिप चौराहा तक श्रद्धालुओं अपना डेरा डाले हुए हैं। शहर के डैंपियर नगर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रुकी हुई है। नगर निगम ने शहर में रुके श्रद्धालुओं के लिए पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था की है। पानी के टैंकर और मोबाइल शौचालय जगह-जगह खड़े हुए हैं। शनिवार को शहर में सैकड़ों की संख्या में लगे भंडारों में श्रद्धालुओं ने प्रसाद खाया और रात को भगवान के जन्म के साक्षी बने।
 

नंदबाबा मंदिर में यमुना जल से होगा ठाकुरजी का अभिषेक
मथुरा के नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नंदबाबा मंदिर में इस बार विशेष परंपरा का पुनर्जीवन देखने को मिलेगा। ठाकुरजी के अभिषेक के लिए 300 लीटर यमुना जल हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनी कुंड बैराज से लाया गया है। मंदिर सेवायत सुशील गोस्वामी ने बताया कि इस जल का प्रयोग ठाकुरजी के अभिषेक, नित्य स्नान और भक्तों को चरणामृत वितरण के लिए किया जाएगा। कस्बा निवासी दानबिहारी चौधरी को इस पवित्र कार्य की प्रेरणा हुई। उन्होंने गोस्वामी समाज के लोगों को इस संकल्प के बारे में बताया। शुक्रवार को दानबिहारी चौधरी, भुवनेश गोस्वामी, सुशील गोस्वामी सहित अन्य लोग हथिनी कुंड बैराज पहुंचे और वहां से जल लेकर लौटे। 

कान्हा के जन्म का इंतजार
कान्हा के जन्म में कुछ घंटों का समय बचा है। मंदिरों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है। मथुरा के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी हुईं हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भक्त बेसब्री से कान्हा के जन्म का इंतजार कर रहे हैं। मंदिरों में पूजा की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।

 

मथुरा में भक्तों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कान्हा के जन्मोत्सव पर मथुरा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर रोड पर दूर-दूर तक भक्तों की कतार ही नजर आ रही है। हर किसी को कान्हा के जन्म का बेसब्री से इंतजार है।
 

मथुरा में श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भक्त कर रहे बेसब्री से इंतजार
एक ओर भक्त कान्हा के जन्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जल्द जन्माभिषेक कार्यक्रम की शुरुआत होगी। मंदिर में श्री गणपति एवं नवग्रह स्थापना-पूजन होगा। इसके बाद सहस्त्रार्चन (पुष्प एवं तुलसीदल से) रात 11: 55 बजे तक चलेगा। 

बस कुछ पलों का इंतजार
कान्हा के जन्म की वो घड़ी आ गई है, जिसका करोड़ों लोगों को इंतजार था। कान्हा की नगरी मथुरा में प्राकट्य दर्शन के लिए पट बंद रात 11:59 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद ठीक 12:00 बजे पट खुलेंगे। प्राकट्य दर्शन और आरती रात 12:00 बजे से 12: 10 बजे तक होगा।

कान्हा का हुआ जन्म
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात के 12:00 बजते ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ढोल-नगाडे़, झांझ-मंजीरे और मृदंग की आवाज गूंज उठी। भगवान के प्राकट्योत्सव की खुशी में भक्त झूमने लगे। मंदिर के कोने-कोने में कृष्ण कन्हैया की जय-जयकार होने लगी।
 

गोकुल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जन्माष्टमी पर गोकुल में छाया नंदोत्सव का उल्लास
मथुरा के महावन में शनिवार की मध्य रात्रि से ही ब्रज में चारों ओर भगवान श्री कृष्ण की जन्म की धूम मची हुई है। भगवान बाल कृष्ण के जन्म के बाद बृज में चारों ओर नन्द घर आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की से आकाश गुंजायमान हो रहा है। गोकुल में नंदोत्सव को लेकर चारों ओर हर्षोल्लास छाया हुआ है। लाला के जन्म की खुशी मनाई जा रही है।

भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। कंस के दर से राजा वासुदेव यमुना के रास्ते अपने मित्र नंद बाबा के महल गोकुल लेकर आए और वहां यशोदा मैया के पास लिटा दिया। वहां से योग माया से प्रकट हुई कन्या को अपने साथ ले गए, सुबह जब गोकुल के निवासी जागे तो पता चला कि यशोदा मैया के यहां लाल ने जन्म लिया है। इसके बाद सभी बृजवासी नंद बाबा को बधाई देने के लिए उनके महल पहुंचे। शहनाई व बैंडबाजे के साथ-साथ मधुर बधाइयों के गायन के साथ गोकुल में मच गयो हल्ला जसोदा ने जन्मों है लल्ला...आदि बधाइयां गाते हुए सभी श्रद्धालु  भक्ति के रस में भाव विभोर नजर आए।



 

दाऊजी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, नारियल लूटने की मची होड़
मथुरा के बलदेव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नंदोत्सव की खुशी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्री दाऊजी मंदिर में श्री दाऊजी महाराज ने आभूषण में दर्शन दिए। नंदोत्सव की खुशी में समाज गायन का आयोजन किया गया। विशेष पदों का गायन सेवायत श्रद्धालुओं ने किया। पदों का गायन करते हुए नगर परिक्रमा हुई। मंदिर में नंदोत्सव की खुशी में नारियल फल प्रसाद आदि लुटाए गए। सेवायत श्रद्धालुओं में नारियल फल प्रसाद लूटने को होड़ लगी रहीं। मल्ल विद्या का प्रदर्शन करते हुए चालकी व चतुराई से नारियल लूटने वालों ने धूम मचा दी। इस दृश्य को देखने हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल, बोल दाऊ जी महाराज की जय जयकार हो गई।


नंदोत्सव की धूम, कान्हा के जन्म की खुशी में लुटाए गए उपहार
भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव के बाद ब्रजभूमि में नंदोत्सव की धूम मची हुई है। रविवार को वृंदावन के मंदिरों में भक्तों ने नंदोत्सव मनाया। यशोदानंदन के धरा अवतरण पर ब्रज में चहुंओर आनंद उमंग छाया हुआ है। मंदिर देवालयों के साथ धार्मिक नगरी के जर्रे जर्रे से नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल के उद्घोष सुनाई दे रहे हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के बाद भक्तों को सेवायत गोस्वामी द्वारा फल, मिष्ठान,खिलौने ,वस्त्र उपहार स्वरूप लुटाए गए। इसी क्रम में ज्ञान गुदड़ी स्थित प्राचीन कांच का मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर सेवायत हरि लाडली किशोर गोस्वामी द्वारा भक्तों को खूब उपहार लुटाए। युवाओं की टोली नंदोत्सव में जमकर थिरकती नजर आई। कुंजगली स्थित दाऊजी नंदभवन में नंदोत्सव का उल्लास चरम पर दिखाई दिया। सेवाधिकारी बृजेश शर्मा गली वाले और उमेश शर्मा गली वाले ने भक्तों को विविध उपहार वितरित किए।

क्या है नंदोत्सव की परंपरा?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अगले दिन जब उनका स्वागत नंद बाबा के घर गोकुल में हुआ, तब पूरे गांव में उत्सव मनाया गया। इसी खुशी में हर साल जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव मनाया जाता है, जिसमें विशेष रूप से उपहार बांटना और भोग लगाना प्रमुख परंपराएं हैं।

ब्रज के मंदिरों में जन्माष्टमी का उल्लास, राधा-कृष्ण के स्वरूप में बच्चों ने किया नृत्य
मथुरा के फरह स्थित श्री भोलेबाबा सेवा समिति के ओर से फरह के प्राचीन थाने वाले शिव मन्दिर पर जन्माष्टमी के उपलक्ष में इस वर्ष भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। पूरे मन्दिर परिसर को फूलों से सजाया गया। राधाकृष्ण स्वरूपों का पंचाभिषेक करके दिव्य श्रृंगार किया गया। रात्रि में बच्चों की राधा-कृष्ण की नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। छोटे छोटे बच्चों को राधाकृष्ण स्वरुपों को देखकर हर कोई भावविभोर हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों एक साथ इतने कृष्ण राधा के साथ पृथ्वी पर महारास कर रहे हो। सभी बच्चों की नृत्य प्रस्तुति एक से बढ एक थी। पूरा मन्दिर परिसर अपार जनसमूह से भर गया। बच्चों की प्रस्तुति देखने के लिये अपार जनसमूह देर रात तक मन्दिर परिसर में जमा रहा। 



 
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नंदभवन में गूंजी बधाइयां, अवतरित हुए नंदलाल
मथुरा के नंदगांव में जायौ जसोदा जलेबी सी रानी ने, आज रबड़ी सी रात में लडुआ सौ लाला, ऐसे मधुर पदों की गूंज और समाज गायन की स्वर लहरियों के बीच रविवार को नंदगांव के नंदभवन में नंदलाल का जन्मोत्सव उल्लास और आस्था के साथ मनाया गया। नंदबाबा के नाम से बसे नंदगांव में विशेष परंपरा (खुर गिनती) के अनुसार, रक्षा बंधन के ठीक आठ दिन बाद जन्माष्टमी मनाई जाती है। दोपहर से ही नंदभवन में गोस्वामीवृंदों ने अष्टछाप के कवियों की वाणियों का गायन किया, जो तीन घंटे से अधिक समय तक चला। संध्या को बरसाना से पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे समाजियों ने नंदगांव के गोस्वामी समाज के साथ मिलकर संयुक्त समाज गायन किया।
 
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