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Mahakumbh 2025 Live: शाम के समय भी श्रद्धालुओं में स्नान को लेकर उत्साह, आसानी से डुबकी लगाकर लौट रहे लोग

Tue, 04 Feb 2025 09:08 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

खास बातें

Prayagraj Maha Kumbh Snan Live: भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने सीएम योगी के साथ संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने त्रिवेणी संगम पर आरती भी की।
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स्नान करके लौटते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

07:38 PM, 04-Feb-2025

अखिलेश यादव ने पीएम के संबोधन के बाद फिर महाकुंभ को लेकर सरकार को घेरा
लोकसभा में पीएम मोदी के संबोधन पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बोले, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब कुंभ में इतनी बड़ी घटना घटी, तो यह सिर्फ विपक्ष का सवाल नहीं है, कुंभ में क्या हुआ, यह पूरी दुनिया ने देखा है। सरकार लापता लोगों और मौतों की संख्या छिपा रही है। हमने 2 मिनट मौन की मांग की थी, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं है। सरकार को लोगों की जान जाने की कोई चिंता नहीं है। उन्हें (केंद्र सरकार) कोई परवाह नहीं है कि गरीब लोग मरें या जिएं।'

07:13 PM, 04-Feb-2025

सीएम योगी ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कथा का श्रवण किया
आज मंगलवार को तीर्थराज प्रयाग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से भेंट कर उनका आशीर्वाद किया। साथ ही उनकी कथा का श्रवण किया।

06:15 PM, 04-Feb-2025

संगम में आसानी से लोग करके आ रहे स्नान
त्रिवेणी घाट पर शाम के समय भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। घाट पर भी बहुत ज्यादा संख्या में भीड़ नहीं है। श्रद्धालु बड़े ही आराम से संगम में डुबकी लगाकर लौट रहे हैं।

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05:31 PM, 04-Feb-2025

'विपक्ष ने संगम और गंगा के महत्व को नहीं जाना': साक्षी महाराज
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के बयान पर भाजपा नेता साक्षी महाराज ने कहा, 'मैं लगभग दिसंबर के आखिरी सप्ताह से यहां (महाकुंभ) हूं। मैं यहां के महत्व को समझता हूं। वे (विपक्ष) लोग जिस तरह गंगा और संगम की आलोचना करते हैं, उन्होंने इसके महत्व को नहीं जाना है। पूरे हिंदुस्तान का संत समाज आज एकजुट है। पीएम मोदी का जो संकल्प है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र होगा, उसमें यह महाकुंभ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।'

04:52 PM, 04-Feb-2025

षड्यंत्रकारियों को बेनकाब करेंगे: सीएम योगी
'मैंने बार-बार कहा कि महाकुंभ-2025, प्रयागराज के आयोजन में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु भागीदार बनेंगे। विगत 22 दिनों में महाकुंभ में 38 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। 29 जनवरी को हुए हादसे की तह तक हम लोग जाएंगे, षड्यंत्रकारियों को बेनकाब करेंगे।'

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04:35 PM, 04-Feb-2025

शरारती तत्व लगातार झूठ फैला रहे: सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा, 'जहां एक ओर आमजन सनातन धर्म के इस सबसे बड़े आयोजन का साक्षी बनकर गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर षड्यंत्र कर रहे तत्वों के द्वारा लगातार शरारत पर शरारत करते हुए झूठ के नए प्रतिमान गढ़े जा रहे हैं।' 


03:57 PM, 04-Feb-2025

सनातन विरोधी बड़ा हादसा चाहते थे: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी ने महाकुंभ हादसे पर विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से दिए गए बयानों के जवाब में कहा, 'सपा और कांग्रेस में सनातन विरोधी प्रतिस्पर्धा है। अखिलेश यादव का बयान निंदनीय है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान गुमराह करने वाला और शर्मनाक है। सनातन विरोधी बड़ा हादसा चाहते थे। सरकार ने घायलों का इलाज करवाया। सरकार हर पहलु की जांच करा रही है।'

02:32 PM, 04-Feb-2025

डिजिटल स्वरूप का भी किया अवलोकन

इसके बाद दोनों नेताओं ने बड़े हनुमान मंदिर के नजदीक बने डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र पहुंचकर महाकुंभ के दिव्य-भव्य और डिजिटल स्वरूप का भी अवलोकन किया। भूटान नरेश का यह दौरा भारत-भूटान मित्रता एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

01:33 PM, 04-Feb-2025

भूटान के राजा ने लेटे हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इससे पहले, मंगलवार की सुबह महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने एयरपोर्ट पर तीर्थराज प्रयाग की पावन पुण्य भूमि पर पधारे भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। भूटान नरेश ने कहा तीर्थराज प्रयाग आकर मैं धन्य हो गया हूं इस धार्मिक क्षेत्र से मन आनंदित है। 
 

01:07 PM, 04-Feb-2025

भूटान नरेश प्रयागराज में

भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पूजा-अर्चना की। भूटान नरेश योगी आदित्यनाथ के साथ महाकुंभ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं।

12:51 PM, 04-Feb-2025

भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने सीएम योगी के साथ संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने त्रिवेणी संगम पर आरती भी की। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने त्रिवेणी संगम, प्रयागराज में पूजा-अर्चना भी की। 
 

11:34 AM, 04-Feb-2025

संगम घाट पर पहुंचे भूटान के राजा

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज पहुंच गए हैं। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में संगम घाट पर पहुंच गए हैं। 

 

10:53 AM, 04-Feb-2025

'सारे अधिकारी वहां व्यस्त रहते हैं कि वीआईपी लेन अच्छी होनी चाहिए'

महाकुंभ भगदड़ पर समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि "जब 1954 में बड़ी भगदड़ हुई थी, तो पहले ही दिन जवाहरलाल नेहरू ने सदन में कहा था कि 400 लोग मारे गए हैं और 2000 घायल हुए हैं। उसके बाद सरकार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आते हैं, बिना चिट्ठी दिए, बिना विज्ञापन दिए, इसलिए कोई वीआईपी नहीं जाना चाहिए जिससे लोगों को असुविधा हो। लेकिन हमारे मुख्यमंत्री वहां रोज होते हैं, सारे अधिकारी वहां व्यस्त रहते हैं कि वीआईपी लेन अच्छी होनी चाहिए और उन्हें वहां जाने वाले आम लोगों की चिंता नहीं है, चाहे वे डूब जाएं या मर जाएं... 15,000 लोग कह रहे हैं कि उनके परिवार के लोग नहीं मिल रहे हैं, सरकार कोई जानकारी नहीं दे रही है। 

09:56 AM, 04-Feb-2025

वैष्णव संत करेंगे त्रिजटा स्नान

वैष्णव परंपरा के संत यहां त्रिजटा स्नान तक ठहरेंगे। श्रीकृष्ण मंगल सनातन विचार मंच के डाॅ. विश्वनाथ निगम का कहना है कि माह भर तक स्नान न कर पाने वालों के लिए त्रिजटा स्नान विशेष फलदायी होता है। फाल्गुन मास की तृतीया तिथि पर त्रिजटा स्नान का मुहूर्त माना जाता है। तमाम वैष्णव संत भी इस स्नान के लिए खास तौर से प्रयाग आते हैं। इस वर्ष महाकुंभ होने की वजह से वह यहां रहकर ही त्रिजटा स्नान करेंगे। इसके बाद ही उनकी यहां से रवानगी होगी हालांकि मेले का औपचारिक समापन शिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व के बाद होगा।

09:40 AM, 04-Feb-2025

नए बने नागाओं को काशी में मिलेगा प्रमाण पत्र

जिन नागाओं की दीक्षा कुंभ नगरी में हुई है, उनको अखाड़ों का प्रमाण पत्र काशी से मिलेगा। इसके साथ ही नए बने महामंडलेश्वर, महंत समेत रमता पंच के सदस्यों को भी मोहर छाप काशी से ही नई बनवानी पड़ेगी।। महाकुंभ के साथ ही उनके पुराने सभी प्रमाण पत्र भी रद हो जाते हैं। अब इनको नए सिरे से बनवाया जाएगा।
 

09:28 AM, 04-Feb-2025

कढ़ी-पकौड़ी के बाद धूनी भी कर देंगे ठंडी

निरंजनी अखाड़ा के नागा संन्यासी महेंद्र पुरी के मुताबिक कढ़ी-पकौड़ी के बाद धूनी भी ठंडी कर देंगे। पिछले करीब एक माह से श्रद्धालुओं को आशीष बांट रहे नागा संन्यासी अब यहां से जाने के लिए ट्रक, ट्रैक्टर एवं वाहनों के बंदोबस्त मेंं लगे हैं। उनका कहना है कि अचला सप्तमी तक अधिकांश संन्यासी यहां से चले जाएंगे। अनी अखाड़े के संन्यासी धूना तपस्या पूरी करके के साथ ही त्रिजटा स्नान को यहां ठहरेंगे। इसके बाद वह भी यहां से रवाना हो जाएंगे।

09:16 AM, 04-Feb-2025

नागा संन्यासी समेटने लगे अपना सामान

सोमवार को तीसरे स्नान के बाद से नागा संन्यासियों ने अपना समान एकत्र करना शुरू कर दिया। निरंजनी, महानिर्वाणी एवं जूना अखाड़े के बाहरी पटरी पर पिछले 22 दिनों से धूनी रमाए नागा संन्यासी अपना सामान समेटने लगे। धूनी के साथ जमीन पर गड़ा चिमटा उखाड़कर उसे कपड़े से बांध लिया। त्रिशूल एवं तलवार भी बक्से में रख ली।

08:55 AM, 04-Feb-2025

अब कढ़ी पकौड़ी का इंतजार

अंतिम अमृत स्नान पूरा होने के साथ ही अखाड़ों में अब विदाई का दौर आरंभ हो गया। छावनी में कढ़ी पकौड़ी की परंपरागत पंगत के बाद सभी साधु-महात्मा एक दूसरे से विदा लेकर काशी रवाना हो जाएंगे। अचला सप्तमी के बाद अलग-अलग अखाड़ों में कढ़ी पकौड़ी होगी। सबसे पहले शैव अखाड़े के संन्यासी विदाई लेंगे। उसके बाद अनी एवं उदासीन अखाड़ों के साधु-संत विदा होंगे। हालांकि, अखाड़ों की धर्मध्वजा महाशिवरात्रि के बाद ही छावनी से उतारी जाएगी। अब सभी अखाड़ों की अगली मुलाकात दो साल बाद हरिद्वार अर्द्धकुंभ में होगी।

08:28 AM, 04-Feb-2025

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां देखेंगे सीएम

भूटान नरेश को बमरौली एयरपोर्ट से विदा करने के बाद मुख्यमंत्री दोबारा हेलिकॉप्टर से अरैल पहुंचेंगे। इसके बाद वह सेक्टर 15 स्थित अखिल भारतीय संत समागम निवास पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद सेक्टर छह स्थित श्री रामभद्राचार्य शिविर में जाएंगे और वहां करीब 15 मिनट रहेंगे। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संगम स्नान का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इनके अलावा 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों को भी परखेंगे। इसके अलावा महाकुंभ की तैयारियों को भी देखेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री करीब पांच बजे अरैल से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। इस तरह से मुख्यमंत्री मंगलवार को करीब सात घंटे महाकुंभ नगर में रहेंगे।
 

08:10 AM, 04-Feb-2025

भूटान नरेश अक्षयवट और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे

संगम स्नान और पूजन के बाद भूटान नरेश अक्षयवट और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर के पास ही स्थित डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का अवलोकन करेंगे। वहां से अरैल स्थित त्रिवेणी शंकुल जाएंगे। भूटान नरेश करीब ढाई बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से करीब तीन बजे रवाना होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

08:09 AM, 04-Feb-2025

भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का सीएम करेंगे स्वागत

भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक मंगलवार को संगम में डुबकी लगाएंगे। इनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे। मुख्यमंत्री भूटान नरेश के स्वागत के साथ बुधवार को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। भूटान नरेश विशेष विमान से लखनऊ से करीब 10:10 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। बमरौली एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद मुख्यमंत्री उनका स्वागत करेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से वे लोग अरैल पहुंचेंगे। इसके बाद क्रूज से किला घाट जाएंगे। फिर संगम नोज पर स्नान करेंगे।

08:01 AM, 04-Feb-2025

Mahakumbh 2025 Live: शाम के समय भी श्रद्धालुओं में स्नान को लेकर उत्साह, आसानी से डुबकी लगाकर लौट रहे लोग

महाकुंभ के तीसरे और आखिरी शाही स्नान में रात आठ बजे तक 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाई। इसके साथ अब तक 37.54 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। वसंत पंचमी पर पूरी दुनिया एक तट पर एकता के महाकुंभ को परिभाषित करती रही। इस अनंत प्रेम, बंधुत्व के प्रवाह का संत-भक्त, कल्पवासी सभी साक्षी बने। रात 12 बजे के बाद से ही वसंत की डुबकी लगने लगी। पांच बजे भोर में संगम जाने वाले अखाड़ा मार्ग के दोनों तरफ व वॉच टावर से लेकर संगम अपर और संगम लोअर मार्ग के दोनों ओर की चकर्ड प्लेट सड़कों की पटरियों पर तिल रखने की जगह नहीं बची। त्रिवेणी पांटून पुल से संगम जाने वाले मार्ग पर ढोल, ताशे के बीच शाही सवारियों का हर किसी को इंतजार था। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ से लोग झूमते, ठिठकते संगम में डुबकी लगाने पहुंचे। अब 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा स्नान है। 
 

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