अतीक और अशरफ के शवों को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया गया। दोनों के जनाजे में अतीक के दो नाबालिग बेटे और अशरफ की बेटियों के अलावा करीबी रिश्तेदार शामिल हुए।
पुलिस ने अतीक की पत्नी शाइस्ता के कब्रिस्तान पहुंचने की बात का खंडन किया है। बुर्के में आने वाली महिलाओं की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि इनामी शाइस्ता भी कब्रिस्तान पहुंच सकती है।
अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता भी कब्रिस्तान पहुंची है। शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम था और फरार थी। इससे अतीक अहमद के दोनों नाबालिग लड़के अपने पिता और चाचा अशरफ के सुपुर्द ए खाक में शामिल होने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे।
अतीक अहमद के दोनों नाबालिग लड़के अपने पिता और चाचा अशरफ के सुपुर्द ए खाक में शामिल होने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे हैं। दोनों को बाल सुधार गृह से कब्रिस्तान ले जाया गया है। साथ ही अशरफ की दोनों बेटियां भी कब्रिस्तान पहुंची हैं।
अतीक-अशरफ के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। दोनों के शवों को अस्पताल से सीधे कब्रिस्तान ले जाया जा रहा है।
तीनों हमलावरों की प्रयागराज जिला कोर्ट में पेशी हुई। अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
प्रयागराज जिला कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ाई दी गई है। करीब 150 जवानों को तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि अब से कुछ देर बाद तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शूटर अरुण मौर्य के पिता दीपक कुमार अपने पिता मथुरा प्रसाद के साथ काफी पहले से पानीपत में रहकर मजदूरी का काम करते थे। गांव में उनके पास डेढ़ बीघा जमीन है जिससे गुजारा नहीं हो पाता था। पानीपत में ही अरुण का जन्म हुआ। उसके बाद भी उन्होंने कई वर्षों तक पानीपत में मजदूरी आदि का काम किया।
अतीक अहमद और अशरफ का पोस्टमार्टम शुरू हो गया है। अतीक के बहनोई और उसके चचेरे भाई को दोनों का शव सौंपा जाएगा। उधर हत्याकांड की रिपोर्ट लेकर डीजीपी सीएम हाउस पहुंचे हैं।
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद उसके मुहल्ले कसारी मसारी और आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कुछ कुछ देर में पुलिस की गाड़ियां तेज सायरन के साथ चक्रमण कर रही है। पूरे इलाके में फोर्स की तैनाती की गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मुस्लिम बाहुल्य इलाके करेली, खुल्दाबाद, अटाला, चौक, नखास कोहना, धूमनगंज, चकिया, राजरूपपुर आदि इलाकों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है।
माफिया अतीक और अशरफ के शवों को आज ही चकिया कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। दोनों शवों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। बताया जा रहा है कि दोनों को आज ही दफनाया जाएगा, इसकी तैयारी की जा रही है। शनिवार को ही अतीक अहमद के बेटे असद अहमद के शव को दफनाया गया था। असद का एनकाउंटर 13 अप्रैल को झांसी में कर दिया गया था। उसका अंतिम संस्कार 15 अप्रैल को अतीक अहमद के पैतृक निवासी चकिया कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में किया गया था।
अतीक और अशरफ की हत्या पर राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि यह एक राज्य का विषय है। हत्या हुई, धारा 144 लगाई गई, वहां की सरकार ने किया और वे सक्षम है यह करने में, यह उनका विषय है लेकिन दिनदहाड़े पुलिस के बीच अगर हत्या हुई है तो यह गंभीर बात है। यह कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
अतीक और अशरफ हत्याकांड में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307 के तहत एफआईआर दर्ज की है। आर्म्स एक्ट की धारा 3,7, 25, 27 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अतीक और अशरफ को मारने वाले आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। आरोपियों ने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी दी हैं। आरोपियों का कहना है कि हम अतीक गैंग का सफाया करना चाहते थे। हम प्रदेश में अपना नाम कमाना चाहते हैं। दोनों को मारने के लिए हम पत्रकार बनकर आए थे। हम हत्या करके भाग नहीं पाए।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री से पूछना चाहेंगे कि आप कुछ बोलेंगे या नहीं? प्रधानमंत्री भाषण में बोलते हैं कि 'मेरी सुपारी ली गई है' अब बताइए की जहां से आप सांसद हैं उस प्रदेश में क्या हो रहा है। भारत का हर नागरिक कल की घटना के बाद गैर-महफूज और कमज़ोर समझ रहा है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कल जो हत्या हुई है उसकी ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की है। अगर उनमें संवैधानिक नैतिकता ज़िंदा है तो उनको अपने पद को छोड़ना पड़ेगा...। हम मांग करते है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस्तीफा दें, सुप्रीम कोर्ट इसमें एक जांच दल मनाए और इस मामले का स्वता: संज्ञान ले वरना यह चलता रहेगा। संविधान के मुताबिक उन सब पुलिस वालों को उनकी सर्विस से निकालना चाहिए
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी बननी चाहिए। मैं सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश करता हूं वह इसका स्वत: संज्ञान ले और इस पर एक समय सीमा में जांच होनी चाहिए। इस कमेटी में उत्तर प्रदेश का कोई भी अधिकारी न हो क्योंकि उनकी मौजूदगी में यह हत्या हुई है। आप गोली मारकर धार्मिक नारा क्यों लगा रहे हैं? इनको आतंकवादी नहीं कहेंगे तो देश भक्त कहेंगे? क्या यह (भाजपा) फूल का हार पहनाएंगे? जो लोग एनकाउंटर का जश्न मना रहे थे, शर्म से ढूब मरो तुम लोग।
अतीक और अशरफ अहमद की हत्या पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं शुरू से कह रहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार कानून के मुताबिक नहीं बल्कि बंदूक के दम पर चल रही है। हम लोग इसी बात को दोहरा रहे थे लेकिन सबको लगता था कि हम हवाई बातें कर रहे हैं। इससे लोगों में संविधान में विश्वास कम होगा। इस घटना की निंदा करने के लिए शब्द नहीं है।
गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोली मारने वाले उत्तर प्रदेश हमीरपुर के शूटर सनी सिंह के भाई पिंटू सिंह ने कहा कि यह कुछ नहीं करता था और इसके ऊपर पहले से भी मामले दर्ज हैं। हम लोग 3 भाई थे जिसमें से एक की मृत्यु हो गई। यह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था। हम उससे अलग रहते हैं और बचपन में ही भाग गया था। सनी पर 14 से 15 मुकदमे दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना आए इसका ध्यान रखने को भी कहा गया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने जनता से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीक और अशरफ की हत्या के बाद आज के लिए तय बैठक टाल दी है। पहले से तय सभी कार्यक्रम रोक दिए हैं। सीएम योगी ने हर दो घंटे में रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को हर दो घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद पुलिस द्वारा सुरक्षा कड़ी की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में सीआरपीसी की धारा-144 लागू की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अतीक और अशरफ को आज ही दफनाया जाएगा। कसारी मसारी कब्रिस्तान में दोनों को दफनाया जाएगा।
अतीक अहमद और अशरफ अहमद की हत्या पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो हो रहा है वह देश देख रहा है। क़ानून का राज नहीं रहेगा तो यह घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती हैं। यूपी में जो हुआ वह आसान है लेकिन कानून व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल है।
हत्याकांड के शूटर लवलेश तिवारी के पिता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि लवलेश का हमसे लेना-देना नहीं था। पांच से छह दिन पहले लवलेश बांदा स्थित घर आया था। पहले भी वो कभी-कभी घर आता था। पहले भी वो एक मामले में जेल गया था। लवलेश नशा करता है।
मायावती ने कहा कि देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर व अति-चिन्तनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वंय ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर। वैसे भी उत्तर प्रदेश में ’’कानून द्वारा कानून के राज’’ के बजाय, अब इसका इण्काउण्टर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात।
अतीक और अशरफ की हत्या पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सवाल खड़े गए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि गुजरात जेल से अतीक अहमद और बरेली जेल से लाए गए उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में कल रात पुलिस हिरासत में ही खुलेआम गोली मारकर हत्या हुई, उमेश पाल जघन्य हत्याकांड की तरह ही, यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि अतीक और अशरफ हत्याकांड में परिवार की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दोनों भाइयों की हत्या करने वाले आरोपियों के पुलिस पूछताछ कर रही है। अशरफ और अतीक हत्याकांड की न्यायिक जांच होगी।
सूत्रों के मुताबिकस प्रयागराज में हुई घटना के बाद प्रदेश पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खासकर प्रयागराज में बड़ी तादाद में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पूरे जिले में धारा-144 लागू कर दी गयी है। घटनास्थल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रयागराज पुलिस के अलावा एसटीएफ भी घटनास्थल से सुबूत बटोर रहे हैं। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी बल की तैनाती भी की गई है। डीजीपी आरके विश्वकर्मा और स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार पूरे घटनाक्रम की गहनता से मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद को प्रयागराज भेजा गया है।
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज में हालात देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है। इसी के साथ सीएम योगी ने जांच टीम का गठन किया है। तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग मामले की जांच करेगा।
अतीक और अशरफ की सरेआम हत्या को लेकर सीएम आवास पर हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई है। इसमें यूपी के डीजीपी आरके विश्वकर्मा, स्पेशल DG क़ानून व्यस्था प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद एवं अन्य अफ़सर मौजूद हैं।
अतीक-अशरफ की हत्या पर यूपी पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। बताया गया है कि इस घटना के बाद प्रयागराज में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
अतीक और अशरफ को गोली मारने वालों की पहचान उजागर हो गई है। बताया गया है कि इस घटना को अंजाम देने वालों के नाम लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्या हैं।
पुलिस के मुताबिक, अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना पर आगे की जानकारी जल्द ही जारी की जाने की बात भी कही गई है।
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घटना के ठीक बाद अतीक अहमद और अशरफ के हत्यारों को पुलिस ने पकड़ लिया। बताया गया है कि हमलावरों को भी जमीन पर गिराकर पकड़ा गया।
उस पल का वीडियो वायरल हो रहा है, जब मीडिया से बातचीत के दौरान गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
प्रयागराज के काल्विन हॉस्पिटल में जांच कराने के दौरान माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लाया गया था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही थी। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के पास दोनों की हत्या कर दी गई। दोनों के शवों के पास पिस्टल पड़ी हुई है। गत दिनों उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।