फ्रांस ने रोमांचक मैच में इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया है। दोनों टीमों ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की, लेकिन 17वें मिनट में फ्रांस के ओरेलियेन चुआमेनी ने बॉक्स के बाहर से गोल दाग अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। हाफ टाइम तक स्कोर यही रहा। इंग्लैंड की टीम ने पहले हाफ में पिछड़ने के बाद वर्ल्ड कप में कभी मैच नहीं जीता है। इस स्थिति में इंग्लिश टीम ने दो मैच ड्रॉ कराए हैं और सात मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, फ्रांस की टीम हाफ-टाइम में बढ़त बनाने के बाद वर्ल्ड कप में कभी नहीं हारी है। इस मैच को मिलाकर पिछले 26 में से 25 मैचों में फ्रांस की टीम को जीत मिली है। एक मैच ड्रॉ रहा।
78वें मिनट में फ्रांस के ओलिवर जिरूड ने ग्रीजमैन के शानदार पास पर हेडर से गोल दाग एक बार फिर अपनी टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। जिरूड 36 से ज्यादा उम्र के होने के बाद एक वर्ल्ड कप एडिशन में कम से कम चार गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले रोजर मिल्ला ने 1990 में कैमरून के लिए ऐसा किया था। तब उनकी उम्र 38 थी। जिरूड ने ग्रीजमैन के असिस्ट पर गोल किया। इससे पहले चुआमेनी ने भी ग्रीजमैन के असिस्ट पर गोल किया था। किसी एक वर्ल्ड कप मैच में फ्रांस के लिए दो असिस्ट करने वाले ग्रीजमैन चौथे खिलाड़ी हैं। इससे पहले जीन टिगाना, डोमिनिक रोचेटियाऊ और कारीम बेंजेमा ऐसा कर चुके हैं।
इसके बाद 81वें मिनट में फ्रांस के हर्नांडीस ने इंग्लैंड के मेसन माउंट पर फाउल किया। इससे इंग्लैंड को पेनल्टी ऑफर किया गया। हैरी केन फिर से पेनल्टी स्ट्रोक लेने आए, लेकिन इस बार चूक गए और गेंद गोल पोस्ट के ऊपर से निकल गई। इस तरह इंग्लैंड बराबरी से चूक गया और यहीं से फ्रांस ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली। आठ मिनट का इंजरी टाइम दिया गया, लेकिन इंग्लिश टीम वापसी नहीं कर सकी। इस तरह फ्रांस ने लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। अब फ्रांस का सामना सेमीफाइनल में मोरक्को से होगा। वहीं, अर्जेंटीना की टीम दूसरे सेमीफाइनल में क्रोएशिया से भिड़ेगी।
78वें मिनट में ओलिवर जिरूड ने ग्रीजमैन के पास पर शानदार गोल दाग फ्रांस को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 81वें मिनट में फ्रांस के हर्नांडीस ने इंग्लैंड के मेसन माउंट पर फाउल किया। इससे इंग्लैंड को पेनल्टी ऑफर किया गया। हैरी केन फिर से पेनल्टी स्ट्रोक लेने आए, लेकिन इस बार चूक गए और गेंद गोल पोस्ट के ऊपर से निकल गई। इस तरह इंग्लैंड बराबरी से चूक गया।
जिरूड 36 से ज्यादा उम्र के होने के बाद एक वर्ल्ड कप एडिशन में कम से कम चार गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले रोजर मिल्ला ने 1990 में कैमरून के लिए ऐसा किया था। तब उनकी उम्र 38 थी।
जिरूड ने ग्रीजमैन के असिस्ट पर गोल किया। इससे पहले चुआमेनी ने भी ग्रीजमैन के असिस्ट पर गोल किया था। किसी एक वर्ल्ड कप मैच में फ्रांस के लिए दो असिस्ट करने वाले ग्रीजमैन चौथे खिलाड़ी हैं। इससे पहले जीन टिगाना, डोमिनिक रोचेटियाऊ और कारीम बेंजेमा ऐसा कर चुके हैं।
54वें मिनट में फ्रांस के लिए गोल दागने वाले चुआमेनी ने बॉक्स के अंदर इंग्लैंड के बुकायो साका पर फाउल किया। इस पर रेफरी ने पेनल्टी शूट ऑफर किया। हैरी केन ने इस पर गोल दाग इंग्लैंड की वापसी कराई। स्कोर फिलहाल 1-1 से बराबर है। हैरी केन ने साथ ही इंग्लैंड के लिए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने वेन रूनी के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह हैरी केन का इंग्लैंड के लिए 53वां गोल रहा। रूनी ने 120 मैचों में इतने गोल किए थे। वहीं, केन का यह 80वां मैच है। फ्रांस के गोलकीपर ह्यूगो लोरिस ने इस मैच में चार शानदार सेव किए। सिर्फ 2010 में लोरिस ने वर्ल्ड कप में इससे ज्यादा सेव किए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लोरिस ने छह गोल बचाए थे। हालांकि, हैरी केन के शॉट को वह नहीं बचा सके।
हाफ-टाइम तक फ्रांस ने इंग्लैंड पर 1-0 की बढ़त बना ली है। 17वें मिनट में चुआमेनी ने गोल दाग फ्रांस की टीम को बढ़त दिलाई। इंग्लैंड की टीम ने पहले हाफ में पिछड़ने के बाद वर्ल्ड कप में कभी मैच नहीं जीता है। इस स्थिति में इंग्लिश टीम ने दो मैच ड्रॉ कराए हैं और छह मैच में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, फ्रांस की टीम हाफ-टाइम में बढ़त बनाने के बाद वर्ल्ड कप में कभी नहीं हारी है। पिछले 25 में से 24 मैचों में फ्रांस की टीम को जीत मिली है। एक मैच ड्रॉ रहा।
हाफ-टाइम तक दोनों टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा है। इंग्लिश टीम ने ज्यादा चांस बनाए, लेकिन गोल करने में कामयाब नहीं हो सकी। इंग्लैंड ने पांच शॉट अटेम्प्ट किए। इसमें से तीन ऑन टारगेट रहे, लेकिन फ्रांस के गोलकीपर ह्यूगो लोरिस ने शानदार बचाव किए। वहीं, फ्रांस ने तीन शॉट अटेम्प्ट किए और दो ऑन टारगेट रहे। दो में से एक शॉट पर फ्रांस ने गोल दागा। बॉल पजेशन में इंग्लैंड का पलड़ा भारी रहा। 58 प्रतिशत बॉल पजेशन इंग्लैंड के पास रहा। वहीं, 42 प्रतिशत बॉल पजेशन फ्रांस के पास रहा।
चुआमेनी के गोल में असिस्ट करने वाले ग्रीजमैन का यह वर्ल्ड कप में कुल मिलाकर गोल के 16 मौके बनाए हैं। उन्होंने इस मामले में लियोनल मेसी के रिकॉर्ड की बराबरी की। इन दोनों से ज्यादा किसी ने वर्ल्ड कप में ऐसा नहीं किया है। 43वें मिनट में ग्रीजमैन को यलो कार्ड भी दिखाया गया।
डिफेंडिंग चैंपियंस फ्रांस ने 17वें मिनट में ही इंग्लैंड पर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। ओरेलियेन चुआमेनी ने बॉक्स के बाहर से शानदार गोल दागा। 2014 वर्ल्ड कप के बाद इंग्लैंड ने इस टूर्नामेंट में बॉक्स के बाहर से पहला गोल दिया है। 2014 वर्ल्ड कप में इटली के क्लाउडियो मार्चिसो ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा किया था। इस टूर्नामेंट में बॉक्स के बाहर से यह फ्रांस का पहला गोल भी है।
इंग्लैंड के मैनेजर गैरी साउथगेट अपनी टीम को दो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले पहले इंग्लिश मैनेजर बनने से एक कदम दूर हैं। 2018 में भी साउथगेट की देखरेख में इंग्लैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी। इससे पहले इंग्लैंड की टीम दो बार सेमीफाइनल में पहुंची है। 1966 में आल्फ रामसे की कोचिंग में और 1990 में बॉबी रॉबसन की देखरेख में इंग्लैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी।
फ्रांस की टीम 2006 के बाद क्वार्टर फाइनल खेलने वाली पहली डिफेंडिंग चैंपियन टीम है। 2006 में ब्राजील ने ऐसा किया था। इसके बाद 2018 तक डिफेंडिंग चैंपियन टीमें ग्रुप-स्टेज से ही बाहर हुई थीं। फ्रांस ने इस विश्व कप में तीन मैच जीते हैं। वहीं, 2006 में ब्राजील ने चार मैच जीते थे। फ्रांस की टीम साल 2000 के बाद एक विश्व कप में डिफेंडिंग चैंपियन रहते हुए तीन या इससे ज्यादा मैच जीतने वाली दूसरी टीम है।
इंग्लैंड की टीम को यूरोपियन देशों के खिलाफ पिछले आठ वर्ल्ड कप नॉकआउट मैचों में से छह में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, फ्रांस की टीम पिछले 10 वर्ल्ड कप नॉकआउट मैचों में से आठ में यूरोपियन देशों के खिलाफ जीत दर्ज की है। इसमें तीसरे स्थान के लिए मैच और फाइनल मैच शामिल है।
हाल फिलहाल के प्रदर्शन की बात करें तो फ्रांस इंग्लैंड के खिलाफ पिछले आठ में से सिर्फ एक मैच हारा है। इसमें से पांच मैच फ्रांस ने जीते हैं और दो मैच ड्रॉ रहे। नवंबर 2015 में इंग्लैंड ने फ्रांस को पिछली बार हराया था। यह एक फ्रेंडली मैच था। जून 2017 के बाद दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने हैं। जून 2017 में जब एक फ्रेंडली मैच में पिछली बार दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं तो फ्रांस ने इंग्लैंड को 3-2 से हराया था।
यह फीफा वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच तीसरा मुकाबला है। इससे पहले इंग्लैंड और फ्रांस की टीम वर्ल्ड कप में दो बार आमने-सामने आ चुकी हैं। यह दोनों मैच इंग्लैंड ने आसानी से जीता था। 1966 में इंग्लैंड ने फ्रांस को 2-0 से और 1982 में 3-1 से हराया था। यह दोनों मैच ग्रुप स्टेज में खेले गए थे।
इंग्लैंड की टीम 4-3-3 और फ्रांस की टीम 4-5-1 की स्ट्रैटजी के साथ मैदान पर उतरी है।
इंग्लैंड की स्टार्टिंग लाइन अप: जॉर्डन पिकफोर्ड, काइल वाकर, ल्यूक शॉ, जॉन स्टोन्स, हैरी मैग्वायर, डेक्कन राइस, जॉर्डन हेंडरसन, जूड बेलिंघम, हैरी केन, बुकायो साका, फिल फोडेन।
फ्रांस की स्टार्टिंग लाइन अप: ह्यूगो लोरिस, राफेल वरान, जूल्स कुंडे, दयात उपमेकानो, थियो हर्नांडीस, एंटोनी ग्रीजमैन, ऑरेलियन टचौमेनी, कीलियन एम्बाप्पे, ओस्मान डेम्बेले, एड्रियन रैबियोट, ओलिवर जिरूड।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। चौथे और आखिरी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियंस फ्रांस और इंग्लैंड आमने-सामने है। दोनों के बीच जीतने वाली टीम का मुकाबले सेमीफाइनल में मोरक्को से होगा। फ्रांस ने प्री-क्वार्टरफाइनल में पोलैंड को और इंग्लैंड ने सेनेगल को हराया था।