भारत और ईरान के बीच जबरदस्त टक्कर चल रहा है। दोनों के स्कोर 5-5 से बराबर हैं। मैच के आठवें मिनट में भारत को दो पॉइंट और दिए गए। भारत 7-5 से आगे है।
हॉकी में भारत-जापान का मुकाबला जारी है। मुकाबला अब भी कड़ा बना हुआ है और दोनों टीमों ने गोल करने के अच्छे मौके बनाए हैं। इस क्वार्टर में जापान को कुछ बेहतर मौके मिले, लेकिन गोलकीपर मोहित ने शानदार बचाव करते हुए भारत की बढ़त बरकरार रखी। क्रेग फुल्टन चाहेंगे कि भारतीय टीम अपने पास और सर्कल में प्रवेश को ज्यादा प्रभावी बनाए और अगले क्वार्टर में कुछ और गोल करे। फिलहाल भारत 1-0 से आगे है।
पुरुष कबड्डी का फाइनल शुरू हो चुका है। भारत की टक्कर ईरान से जारी है। फिलहाल भारत ने ईरान पर 5-4 की बढ़त बना ली है। आज ही महिलाओं में भारत ने ईरान को हराकर स्वर्ण जीता था।
बॉक्सिंग में महिलाओं के 60 किग्रा भारवर्ग में भारत की प्रिया घंघास क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। प्रिया ने सर्वसम्मति से 5-0 से मैच अपने नाम किया। इससे पहले पुरुषों के 90 किग्रा भारवर्ग में कपिल पोखरिया ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
बैडमिंटन में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला जोड़ी दूसरे राउंड में पहुंच गई है। उन्होंने जापान की मातसुमोतो और फुकुशिमा की जोड़ी को लगातार गेमों में 24-22, 21-18 से हरा दिया।
त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार वापसी करते हुए महिला युगल के मुकाबले का पहला गेम जीत लिया है। भारतीय जोड़ी जापान की मात्सुमोतो और फुकुशिमा के खिलाफ 18-20 से पिछड़ रही थी, लेकिन इसके बाद लगातार संघर्ष करते हुए 24-22 से गेम अपने नाम किया। यह मैराथन गेम 30 मिनट से कुछ ज्यादा समय तक चला।

महिला रिकर्व व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में कुमकुम मोहोड़ 611 अंक के साथ 10वें स्थान पर रहीं। कीर्ति 598 अंक के साथ 18वें और अंकिता भकत 589 अंक के साथ 26वें स्थान पर रहीं। महिला रिकर्व टीम क्वालिफिकेशन में भारत सातवें स्थान पर रहा। पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में साहिल जाधव 709 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। तिरुमुरु गणेश मणि रत्नम और कुशल दलाल ने 704-704 अंक हासिल किए और क्रमश: 14वें और 16वें स्थान पर रहे। भारतीय तिकड़ी ने पुरुष कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में भी तीसरा स्थान हासिल किया।
एचएस प्रणय ने एशियन गेम्स में बैडमिंटन के शेड्यूल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ही दिन दो एकल मुकाबले खेलना खिलाड़ियों के लिए काफी मुश्किल है। प्रणय के मुताबिक, एक दिन में दो सिंगल्स मैच खेलना थोड़ा ज्यादा है।
नागोया में मौसम सर्फिंग के लिए अनुकूल नहीं होने के कारण आज होने वाले सभी मुकाबले स्थगित कर दिए गए हैं। भारत की शुगर शांति, कमाली और सिवराज को आज प्रतिस्पर्धा करनी थी। अब तीनों को कम से कम कल तक इंतजार करना होगा।
पीवी सिंधू ने महिला एकल बैडमिंटन के तीसरे दौर में जगह बना ली है। दिन में इससे पहले लक्ष्य सेन को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने अपने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। सिंधू ने चीनी ताइपे की चू पिन-चियान को 21-19, 21-14 से सीधे गेम में हराया। उन्हें कोर्ट पर जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन स्टार शटलर ने सीधे गेम में मुकाबला खत्म कर राहत की सांस ली होगी। एशियन गेम्स में बैडमिंटन का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। सिंधू आज ही तीसरे दौर का मुकाबला खेलने उतरेंगी, जहां उनका सामना मेजबान जापान की और विश्व नंबर-सात तोमोका मियाजाकी से होगा।
भारत के अभय सिंह ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष एकल के फाइनल में जगह बना ली है। इसी के साथ उन्होंने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। अभय अब स्वर्ण के लिए दावेदारी पेश करेंगे। अभय ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को एकतरफा अंदाज में सीधे गेम में 3-0 से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। मुकाबला खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने हाथ मिलाया। इसके बाद अभय ने जीत का जश्न मनाया।
18 साल की अनाहत सिंह ने जापान की विश्व नंबर-6 सातोमी वातानाबे को हराकर महिला एकल के फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही भारत का कम से कम रजत पदक पक्का हो गया है। हालांकि, अनाहत अब स्वर्ण पर कब्जा करना चाहेंगी। अनाहत ने शुरुआती दो गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने तीसरा गेम 12-10 से जीतकर मुकाबले में वापसी की और चौथे गेम में भी अपना दबदबा बनाए रखा। चौथा सेट अनाहत ने 11-6 और पांचवां और निर्णायक सेट 11-3 से अपने नाम किया और मैच 3-2 के अंतर से अपने नाम किया और फाइनल में जगह बनाई। अब फाइनल में उनका सामना चान सिन युक और शिवसंगरी सुब्रमण्यम के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। सुब्रमण्यम विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं। फाइनल में पहुंचकर अनाहत ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह अब एशियन गेम्स में महिला एकल के स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगी।

लक्ष्य सेन की निराशाजनक हार के बाद आयुष शेट्टी ने दूसरे दौर के मुकाबले में कोर्ट पर उतरकर शानदार प्रदर्शन किया। आयुष ने कजाखस्तान के मखसुत ताजिबुल्लायेव को सीधे गेम में 21-7, 21-7 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। अगले दौर में उनका सामना चीनी ताइपे के चोउ तिएन चेन से होगा। चोउ तिएन चेन ने बांग्लादेश के जेमैन इब्न को 21-1, 21-10 से हराया। पहले गेम का स्कोर बेहद एकतरफा रहा।
2026 राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता जदूमणि सिंह पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग से बाहर हो गए हैं। जादूमणि को फिलीपींस के मुक्केबाज के खिलाफ स्प्लिट डिसीजन से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला बेहद करीबी रहा। दो जजों ने 29-27 का स्कोर दिया, जबकि दो जजों ने 28-28 से मुकाबला बराबर माना। हालांकि, पांचवें जज ने फिलीपींस के मुक्केबाज के पक्ष में 30-26 का स्कोर दिया। इस फैसले के साथ जदूमणि का अभियान समाप्त हो गया।
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|
| भारत | 3 | 11 | 13 | 27 |
| एथलेटिक्स | 0 | 3 | 3 | 6 |
| बैडमिंटन | 0 | 0 | 1 | 1 |
| क्रिकेट | 1 | 0 | 0 | 1 |
| कबड्डी | 1 | 0 | 0 | 1 |
| मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स | 0 | 0 | 1 | 1 |
| नौकायन | 0 | 0 | 1 | 1 |
| निशानेबाजी | 1 | 6 | 4 | 11 |
| सॉफ्ट टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| स्क्वैश | 0 | 0 | 1 | 1 |
| टेबल टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| भारोत्तोलन | 0 | 1 | 0 | 1 |
| वुशु | 0 | 1 | 0 | 1 |
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण जीत लिया है। फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 के अंतर से हराया। सांस रोक देने वाले इस मैच में आखिरकार भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीत हासिल की। ओवरऑल भारतीय महिला कबड्डी टीम ने चौथी बार स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इससे पहले 2010, 2014 और 2022 एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण जीता था। यह इस एशियाड में भारत का तीसरा स्वर्ण है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम (कमलजीत और सुरुचि) ने स्वर्ण जीता था। ओवरऑल इस एशियाड में भारत का यह 27वां पदक है। भारत ने अब तक तीन स्वर्ण, 11 रजत और 13 कांस्य जीते हैं। भारत अभी भी पदक तालिका में 12वें स्थान पर है।
आज भारत को चार पदक मिले हैं। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल हैं। कबड्डी से पहले सावन बरवाल ने मैराथन में रजत जीता था। वहीं, महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम इवेंट में भारत को रजत मिला था। जोशना चिनप्पा और सेंथिलकुमार ने स्क्वैश का मिक्स्ड टीम इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया।
महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में दोनों भारतीय निशानेबाज पदक की दौड़ से बाहर हो गई हैं। तीसरे स्थान के लिए हुए एलिमिनेशन राउंड में तिलोत्तमा सेन ने 9.4 का शॉट लगाया। वह चौथे स्थान पर रहीं, जबकि विदर्सा विनोद ने पांचवां स्थान हासिल किया। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने इस स्पर्धा में स्वर्ण और कांस्य पदक जीते थे। इस बार भारतीय निशानेबाज पदक हासिल नहीं कर सकीं। चीन के पास ही स्वर्ण और रजत आया है। चीन की जिआयू हान ने स्वर्ण और चीन की लियूआन झांग ने रजत जीता। दक्षिण कोरिया की जियुन किम ने कांस्य जीता। हान ने एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता।
भारतीय महिला टीम ने अब मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली है। निकिता ने मल्टी-पॉइंट हासिल कर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, इसके बाद संजू देवी ने बोनस अंक के साथ एक और शानदार रेड की। भारतीय डिफेंस ने भी शानदार टैकल करते हुए ईरान को रोक दिया। भारत की बढ़त अब 22-12 हो गई है।
फाइनल में भारत ने शानदार शुरुआत की है। कुछ मौकों पर ईरान ने भारत पर दबाव बनाया और मुकाबला काफी देर तक बराबरी पर रहा। हालांकि, ईरानी डिफेंस की एक बड़ी गलती का भारत ने फायदा उठाया और पहला ऑलआउट लगाकर 13-10 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सुपर रेड की जांच हुई और भारत को दो अंक मिले। अब स्कोर 15-10 हो गया है।
तिलोत्तमा सेन और विदर्सा विनोद ने धीमी शुरुआत की है, लेकिन दोनों अभी भी पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। 10 शॉट के बाद स्थिति:
महिला कबड्डी का फाइनल मुकाबला शुरू हो गया है। गत चैंपियन भारत का सामना स्वर्ण पदक के मुकाबले में मजबूत ईरानी टीम से हो रहा है। भारत की नजर खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने पर है। फिलहाल स्कोर 8-8 की बराबरी पर है।
तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन के व्यक्तिगत फाइनल में उतर गई हैं। दोनों की नजर भारत के लिए डबल पोडियम फिनिश पर है। तिलोत्तमा और विदरसा ने आज टीम स्पर्धा में आशी चौकसे के साथ मिलकर भारत को रजत पदक दिलाया था। अब तीनों के शानदार प्रदर्शन के बाद तिलोत्तमा और विदरसा व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक मुकाबले में एक और पदक हासिल करने की कोशिश करेंगी।
भारत की जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों ने 2-5 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल की और उनके पास तीन मैच प्वाइंट भी थे। हालांकि, महत्वपूर्ण मौकों पर हुई गलतियां भारत पर भारी पड़ीं। मुकाबले के आखिरी पलों में चिनप्पा और सेंथिलकुमार को लगा कि उन्होंने मैच जीत लिया है, लेकिन रेफरी ने उस अंक को दोबारा खेलने का फैसला किया। इसके बाद चिनप्पा की एक गलती का हॉन्गकॉन्ग की जोड़ी ने फायदा उठाया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारतीय जोड़ी को अंततः कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। यह भारत का आज का तीसरा और ओवरऑल 26वां पदक है। इससे पहले सावन बरवाल ने मैराथन में और महिला टीम ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में रजत पदक अपने नाम किया था।
भारत के राजू रावत और नेहा देवी लीचोनबाम मिश्रित कैनो डबल 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में आठवें स्थान पर रहे। इसके साथ ही दोनों पदक की दौड़ से बाहर हो गए।

पहले गेम में भारत की जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के बीच हॉन्गकॉन्ग की ली-तांग जोड़ी के खिलाफ कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लंबे रैलियों और मामूली अंतर के बीच हांगकांग ने पहला गेम 11-10 से अपने नाम किया। मैच के ज्यादातर हिस्से में दोनों जोड़ियों के बीच ज्यादा अंतर नहीं रहा। जोशना-सेंथिलकुमार ने बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन ली-तांग ने लगातार तीन अंक लेकर स्कोर 9-8 कर दिया। भारतीय जोड़ी ने फिर स्कोर 9-9 से बराबर किया। इसके बाद हॉन्गकॉन्ग की जोड़ी ने गेम प्वाइंट हासिल किया, लेकिन भारत ने फिर बराबरी कर ली। हालांकि, अगला अंक जीतकर ली-तांग ने पहला गेम अपने नाम किया और 1-0 की बढ़त बना ली।
यशस्विनी घोरपड़े का एशियन गेम्स अभियान खत्म हो गया है। उन्हें जापान की विश्व नंबर-3 खिलाड़ी मीवा हारिमोटो के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। यशस्विनी ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन हारिमोटो ने 11-9, 11-5, 4-11, 11-4, 11-5 से मुकाबला जीतकर अगले दौर में जगह बना ली। अब मनुष शाह ही एकमात्र भारतीय पैडलर हैं, जो एकल और युगल स्पर्धाओं में पदक की दौड़ में बने हुए हैं। वह फिलहाल शिल्डोंग लिन के खिलाफ मुकाबला खेल रहे हैं।
अनिमेष कुजूर ने पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में शानदार शुरुआत की। अनुकूल लेन-5 में दौड़ते हुए अनिमेष ने 21.10 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में शीर्ष स्थान हासिल किया। बाकी धावकों के साथ करीबी मुकाबले के बावजूद अनिमेष ने फिनिश लाइन के करीब अपनी गति काफी धीमी कर दी थी। इसके बावजूद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बना ली। वह क्वालिफिकेशन में आठवें स्थान पर रहे, जिससे अगले दौर में उन्हें एक अनुकूल लेन मिलने की उम्मीद है। वहीं, 100 मीटर स्पर्धा के कांस्य पदक विजेता मल्हाम अल बलूशी को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
भारतीय पुरुष साबरे और महिला फॉयल टीम ने राउंड ऑफ 16 में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः फिलीपींस और इंडोनेशिया को हराया। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में दोनों भारतीय टीमों को हार का सामना करना पड़ा। पुरुष साबरे टीम को कोरिया ने 45-25 से हराया, जबकि महिला फॉयल टीम को जापान के खिलाफ 45-14 से हार मिली। इस तरह दोनों भारतीय टीमों का अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया।
एशियन गेम्स 2026 की तीरंदाजी स्पर्धाओं में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है।
तिलोत्तमा सेन, विदार्सा विनोद और आशी चौकसे के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने निशानेबाजी में अपना 11वां पदक जीत लिया है। भारतीय तिकड़ी ने कुल 1763 अंक हासिल किए और दूसरा स्थान हासिल करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। कजाखस्तान तीसरे स्थान पर रहा, जबकि चीन ने शीर्ष स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का ओवरऑल 25वां पदक रहा। वहीं, आज का यह दूसरा पदक और दूसरा रजत पदक भी है। शूटिंग से पहले सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक जीता था। सावन बरवाल की कहानी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
तिलोत्तमा सेन पूरे मुकाबले में नियंत्रण में नजर आईं, जबकि विदार्सा विनोद ने शानदार वापसी करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आशी चौकसे ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन स्टैंडिंग सीरीज में उनकी लय बिगड़ गई, जहां उन्होंने 93 का स्कोर किया। तिलोत्तमा और विदार्सा अब व्यक्तिगत फाइनल में भी उतरेंगी। व्यक्तिगत फाइनल मुकाबला सुबह 9:30 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।
तिलोत्तमा सेन और विदार्सा विनोद ने स्टैंडिंग सीरीज की अच्छी शुरुआत की है और लगातार शानदार निशाने लगा रही हैं। वहीं, आशी चौकसे की शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही और वह बाकी खिलाड़ियों से पीछे हो गई हैं। फाइनल सेट के शॉट्स से पहले भारतीय टीम फिलहाल दूसरे स्थान पर है और रजत पदक के करीब है।
भारत के तेजस्विन शंकर और थौफीक नौशाद पुरुष डेकाथलॉन में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छी शुरुआत की है। दो स्पर्धाओं के बाद तेजस्विन फिलहाल दूसरे स्थान पर हैं, जबकि थौफीक चौथे स्थान पर हैं। पुरुषों की 100 मीटर हीट में तेजस्विन ने 10.98 सेकंड का समय निकालकर पांचवां स्थान हासिल किया, जबकि थौफीक ने 11.02 सेकंड में दौड़ पूरी की और कुल सातवें स्थान पर रहे। इसके बाद पुरुषों की लंबी कूद में तेजस्विन शंकर ने 7.53 मीटर की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, थौफीक ने 7.37 मीटर की छलांग लगाई और तीसरे स्थान पर रहे। दो स्पर्धाओं के बाद खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है।
आशी चौकसे और विदार्सा विनोद ने प्रोन स्टेज में 199-199 का शानदार स्कोर किया, जबकि तिलोत्तमा सेन ने अपने खाते में 198 अंक जोड़े। आशी दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं और एक्स-काउंट के आधार पर तिलोत्तमा से आगे हैं। वहीं, विदार्सा ने भी बड़ी छलांग लगाते हुए 20वें स्थान के आसपास से 12वें स्थान पर पहुंच गई हैं। अब निशानेबाज निर्णायक स्टैंडिंग स्टेज में उतरेंगे। यही चरण व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन और टीम पदक की स्थिति तय करेगा। टीम स्पर्धा में भारत फिलहाल दूसरे स्थान पर है, जबकि चीन की टीम शीर्ष पर है।
बैडमिंटन के व्यक्तिगत अभियान में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। लक्ष्य सेन एशियन गेम्स के दूसरे दौर में सिंगापुर के लोह कीन यू से हारकर बाहर हो गए। लक्ष्य को 12-21, 21-15, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले कल भारत की शीर्ष रैंकिंग वाली पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। यह एक बार फिर लक्ष्य सेन की अहम मुकाबले के दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की क्षमता पर सवाल खड़ा करता है। बैडमिंटन सर्किल में एक मजाक अक्सर सुनने को मिलता है कि पता नहीं मुकाबले में लक्ष्य का कौन सा रूप देखने को मिले। पुरुष टीम क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ एक अजेय नजर आने वाले लक्ष्य सेन कोर्ट पर उतरे थे और उन्होंने भारत को इस अहम मुकाबले में 1-0 की बढ़त दिलाई थी। लेकिन आज लक्ष्य ने कई आसान अंक गंवाए और ऐसा कभी नहीं लगा कि वह मुकाबले में टिके हुए हैं। निर्णायक गेम में वह 12-14 से पीछे थे, जिसके बाद उन्हें 14-21 से हार का सामना करना पड़ा। इसे पचा पाना वाकई मुश्किल है।
प्रसन्ना कुमार और पार्वती गीता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिश्रित कयाक डबल 500 मीटर स्पर्धा के सेमीफाइनल में जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बना ली है। पदक के लिए फाइनल मुकाबला आज सुबह 8:30 बजे होगा।
लक्ष्य सेन ने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर राउंड-2 के मुकाबले को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया है। पहला गेम लोह कीन ने 21-12 से अपने नाम किया था। अब मुकाबला जीतने के लिए दोनों खिलाड़ियों को निर्णायक गेम में जीत दर्ज करनी होगी। निर्णायक गेम में लक्ष्य की शुरुआत धीमी रही और वह 8-14 से पीछे हो गए। हालांकि अच्छी बात यह है कि निर्णायक गेम के आखिरी हिस्से में लक्ष्य उसी तरफ से खेल रहे हैं, जहां से उन्होंने दूसरा गेम जीता था। लक्ष्य यहां से जोरदार वापसी करते हुए लोह कीन यू के खिलाफ मुकाबला जीतने की कोशिश करेंगे।
एशियन गेम्स के सबसे व्यस्त दिनों में अब प्रवेश हो चुका है। लगातार कई मुकाबले हो रहे हैं और भारतीय खिलाड़ी भी अलग-अलग खेलों में एक्शन में हैं। फिलहाल एशियन गेम्स में ये भारतीय खिलाड़ी मुकाबले में हैं:
महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन की व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन और टीम फाइनल जारी है। घुटने के बल शूटिंग का चरण अब समाप्त हो गया है। तिलोत्तमा सेन 197 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। आशी चौकसे 196 अंक के साथ आठवें स्थान पर हैं। विदार्सा विनोद के लिए घुटने के बल शूटिंग का चरण थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने 193 अंक हासिल किए और फिलहाल शीर्ष खिलाड़ियों से पीछे चल रही हैं।
लक्ष्य सेन पुरुष एकल के दूसरे दौर के मुकाबले में लोह कीन यू के खिलाफ खेल रहे हैं। भारतीय शटलर पहला गेम 12-21 से हार गए हैं। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उन्हें अब जोरदार वापसी करनी होगी। भारतीय बैडमिंटन दल की शुरुआत कल झटके के साथ हुई थी, जब सात्विक-चिराग की जोड़ी पहले ही दौर में प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी। एशियन गेम्स से बैडमिंटन के तमाम अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।
मैराथन में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि! सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन का रजत पदक जीत लिया है। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।
आखिरी सात किलोमीटर में किया बड़ा बदलाव
बरवाल शुरुआती 35 किलोमीटर तक शीर्ष धावकों के साथ बने रहे। इसके बाद उन्होंने आखिरी चरण में रफ्तार बढ़ाई और अंतिम सात किलोमीटर में बढ़त बना ली। उन्होंने चीन के पेइयू फेंग को 36 सेकंड से पीछे छोड़ते हुए रजत पदक अपने नाम किया। जापान के इचिटाका यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने बरवाल से 48 सेकंड पहले रेस पूरी की।
44 साल बाद मैराथन में भारत को पदक
बरवाल का रजत पदक एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत के 44 साल के इंतजार का अंत है। इससे पहले होसुर कुक्कप्पा सीतारन ने 1982 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था। इस तरह बरवाल ने 1982 के बाद भारत को पुरुष मैराथन में पहला पदक दिलाया। उनका 2:11:37 का समय व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और भारतीय रिकॉर्ड भी है। उन्होंने यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड इसी साल पहले बनाया था।
भारतीय तीरंदाज पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत और टीम क्वालिफिकेशन राउंड के साथ-साथ महिला कंपाउंड व्यक्तिगत और टीम क्वालिफिकेशन राउंड में हिस्सा ले रहे हैं। धीरज बोम्मादेवरा और नीरज चौहान फिलहाल व्यक्तिगत स्पर्धा में क्रमशः पहले और 15वें स्थान पर हैं। वहीं, भारत टीम स्पर्धा की अंकतालिका में दूसरे स्थान पर है। महिला वर्ग में पृथिका प्रदीप चौथे और चिकिता आठवें स्थान पर हैं। ज्योति वेन्नम 10वें स्थान पर हैं। इसके चलते टीम स्पर्धा की अंकतालिका में भी भारत फिलहाल शीर्ष टीमों में शामिल है।
सर्फिंग में शनिवार सुबह कमाली, शुगर शांति और सिवाराज बाबू को उतरना था। हालांकि, फिलहाल राउंड-2 के मुकाबलों का कार्यक्रम बदल दिया गया है। कमाली अब सुबह 10:13 बजे, शुगर शांति 11:09 बजे और सिवाराज बाबू दोपहर 12:05 बजे मुकाबले में उतरेंगे।
तेजस्विन शंकर ने 100 मीटर हीट में 10.98 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। वह शीर्ष स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी से 0.26 सेकंड पीछे रहे और उन्हें 865 अंक मिले। वह फिलहाल अंकतालिका में पांचवें स्थान पर हैं। तौफीक नौशाद ने 100 मीटर हीट में 11.02 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया। उन्हें 856 अंक मिले हैं और वह कुल अंकतालिका में सातवें स्थान पर हैं।
मैराथन में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि! सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन का रजत पदक जीत लिया है। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।
आखिरी सात किलोमीटर में किया बड़ा बदलाव
बरवाल शुरुआती 35 किलोमीटर तक शीर्ष धावकों के साथ बने रहे। इसके बाद उन्होंने आखिरी चरण में रफ्तार बढ़ाई और अंतिम सात किलोमीटर में बढ़त बना ली। उन्होंने चीन के पेइयू फेंग को 36 सेकंड से पीछे छोड़ते हुए रजत पदक अपने नाम किया। जापान के इचिटाका यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने बरवाल से 48 सेकंड पहले रेस पूरी की।
44 साल बाद मैराथन में भारत को पदक
बरवाल का रजत पदक एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत के 44 साल के इंतजार का अंत है। इससे पहले होसुर कुक्कप्पा सीतारन ने 1982 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था। इस तरह बरवाल ने 1982 के बाद भारत को पुरुष मैराथन में पहला पदक दिलाया। उनका 2:11:37 का समय व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और भारतीय रिकॉर्ड भी है। उन्होंने यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड इसी साल पहले बनाया था।
भारतीय समयानुसार सुबह 4:00 बजे सावन बरवाल और कार्तिक करकेरा पुरुष मैराथन के फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद सुबह 6:15 बजे महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज पदक की दावेदारी पेश करेंगी।
कैनो स्प्रिंट में भी पदक का मौका
कैनो स्प्रिंट में राजू रावत और एल नेहा देवी मिश्रित कैनो डबल 500 मीटर के फाइनल ए में उतरेंगे। भारत को इस स्पर्धा से भी पदक की उम्मीद होगी।
कबड्डी में दोनों टीमों का फाइनल
कबड्डी में भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमें स्वर्ण पदक के लिए ईरान से भिड़ेंगी। महिला टीम का फाइनल सुबह 9:30 बजे खेला जाएगा, जबकि पुरुष टीम का खिताबी मुकाबला दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा।
स्क्वैश में सेमीफाइनल मुकाबले
स्क्वैश में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार मिश्रित युगल सेमीफाइनल में उतरेंगे। वहीं अनाहत सिंह और अभय सिंह अपने-अपने एकल सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगे।
एथलेटिक्स में शाम को पदक की बारिश की उम्मीद
एथलेटिक्स में शाम का सत्र भारत के लिए खास रहने वाला है। तजिंदरपाल सिंह तूर और करणवीर सिंह पुरुष शॉट पुट के फाइनल में उतरेंगे। इसके बाद प्रवीण चित्रवेल और कार्तिक उन्नीकृष्णन पुरुष ट्रिपल जंप फाइनल में चुनौती पेश करेंगे। महिलाओं की 1500 मीटर फाइनल में पारुल चौधरी और पूजा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इन मुकाबलों में भी भारत की नजर पदक पर होगी।
इन खेलों में भी उतरेंगे भारतीय खिलाड़ी
भारत के खिलाड़ी और टीमें बैडमिंटन, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, तीरंदाजी, हॉकी, टेबल टेनिस, सर्फिंग, नौकायन और ई-स्पोर्ट्स में भी चुनौती पेश करेंगे। ऐसे में एशियन गेम्स का आठवां दिन भारतीय दल के लिए एक बार फिर बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण रहने वाला है।
एशियन गेम्स लाइव: 26 सितंबर का कार्यक्रम
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स का आठवां दिन भारत के लिए बेहद व्यस्त रहने वाला है। सुबह से ही कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदक की दावेदारी पेश करेंगे। दिन की शुरुआत मैराथन से होगी, जबकि शाम के सत्र में एथलेटिक्स में कई पदक मुकाबले होंगे।