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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन के कितने दिनों बाद उतार सकते हैं राखी, जानिए नियम

Sat, 09 Aug 2025 03:45 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Raksha Bandhan Shubh Muhurat Puja Vidhi in Hindi: आज रक्षाबंधन का पावन पर्व देशभर में मनाया जा रहा है। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व होता है और यह हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर भद्राकाल का विशेष ध्यान दिया जाता है,लेकिन इस वर्ष न तो भद्राकाल का साया रहेगा और न ही पंचक का। हिंदू पंचांग के अनुसार आज रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय मिलेगा। 
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रक्षा बंधन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Raksha Bandhan 2025 Shubh Muhurat Rakhi Bandhan Ka Muhurat And Bhadra Kaal Time: आज पूरे देशभर में भाई-बहन के स्नेह और प्यार का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। आज के दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और आरती उतारकर भाईयों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। बहनें रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त पर भाईयों का आरती उतारती हुए राखी बांधती हैं, भाई इसके बदले में बहनों को उपहार देते हैं और उनकी हमेशा रक्षा करने का वचन देता है। इस बार रक्षाबंधन पर करीब 100 वर्षों पर इस तरह का संयोग बना हुआ कि रक्षाबंधन के दिन ना तो भद्रा का साया रहेगा और और ना ही पंचक का। ऐसे में आइए जानते हैं आज किस शुभ मुहूर्त में राखी बांधें, साथ ही विधि, मंत्र और नियम समेत सब कुछ विस्तार से...

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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर कब खत्म होगी भद्रा और कब तक रहेगा राहुकाल ? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर श्रावण पूर्णिमा तिथि का महत्व

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी मानी जाती है। इस दिन रक्षाबंधन, यज्ञोपवीत संस्कार और ब्राह्मणों के उपाकर्म जैसे अनेक धार्मिक कार्य होते हैं। 

Rakhi Shubh Muhurat: रक्षाबंधन 2025 तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत कल यानी 08 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू हो चुकी है और इस तिथि का समापन आज यानी 09 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 24 मिनट होगा। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन का त्योहार आज ( 09 अगस्त 2025) पूरे देशभर में मनाया जा रहा है। 

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Rakhi Bandhan Ka Muhurat: आज कब से कब तक है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा जिसके चलते सुबह से ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। आज राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू है, जो दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। लेकिन सुबह के 9 बजकर 7 मिनट से लेकर 10 बजकर 47 मिनट तक राहुकाल रहेगा, इसलिए आप इस समय को छोड़कर अन्य अवधि में अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

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Raksha Bandhan Wishes 2025: रक्षाबंधन पर भेजें शुभकामना संदेश

Raksha Bandhan 2025 - फोटो : अमर उजाला
आज रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करती हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहनें एक दूसरे को राखी की शुभकामना संदेश भेजते हैं। 

माना तुमसे लड़ती हूं, झगड़ती हूं मैं
पर हक से तुमसे सब कह सकती हूं मैं
भाई का प्यार दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता है
तुम्हारे होने से दुनिया की सबसे लकी बहन हूं मैं।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

राखी का त्योहार है खुशियों की बौछार,
बहन का प्यार और भाई का उपहार।
रिश्तों में मिठास घोलता ये त्योहार,
मुबारक हो आपको राखी का त्योहार।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

नन्हे-नन्हे धागों में प्यार छुपा होता है,
हर बहन को भाई पर गर्व होता है।
राखी का दिन है रिश्तों का त्योहार,
खुश रहो भाई तुम बारंबार।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

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Raksha Bandhan 2025 Bhadra Kaal Time: क्या आज रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया ?

Raksha Bandhan 2025 - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी तभी बांधनी चाहिए जब भद्राकाल न हो। भद्राकाल के दौरान किसी भी तरह का शुभ काम करना वर्जित होता है। भद्रारहित काल में भाई की कलाई में राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है। इस वर्ष रक्षाबंधन के त्योहार पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। 

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Raksha Bandhan Shubh Muhurat: आज रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया

Raksha Bandhan 2025 - फोटो : अमर उजाला
आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बार राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में राखी पूरे दिन बांधी जा सकेगी। अगर शुभ मुहूर्त का विचार करें तो आज राखी बांधने के तीन शुभ मुहूर्त मिलेंगे। पहला मुहूर्त सुबह से लेकर 9 बजे तक।  दूसरा दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से लेकर 4 बजकर 30 मिनट तक। तीसरा शुभ मुहूर्त शाम 06 बजे से लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक। 

Raksha Bandhan 2025: राखी बांधने की सही दिशा

Raksha Bandhan 2025 - फोटो : अमर उजाला
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए और सिर को रुमाल से ढ़कना चाहिए। राखी भाई की दाहिने हाथ की कलाई में बांधना शुभ होता है। 

Rakhi Bandhan Ka Shubh Muhurat: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2025 - फोटो : अमर उजाला
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहने के कारण आज सुबह से ही राखी बांधी जा सकती है। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो गया है जो दोपहर को 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा शाम के समय भी राखी बांधी जा सकती है। लेकिन आज राहुकाल के दौरान राखी बांधने से बचना होगा। 

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Raksha Bandhan 2025 Bhadra Kaal Timing: रक्षाबंधन के दिन राहुकाल का समय

आज रक्षाबंधन के दिन राहुकाल का समय प्रातः  09: 07 मिनट से लेकर 10:47 मिनट तक रहेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल के दौरान राखी बांधना और किसी भी शुभ कार्य को करना उचित नहीं माना जाता है।

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन शुभ तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि 08 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से लग चुकी है जो 09 अगस्त यानी आज दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इस तरह के उदया तिथि के अनुसार रक्षाबंधन आज मनाया जा रहा है। 
 

Bhadra Time Rakhi Shubh Muhurat: क्या होता है भद्राकाल ?

मुहूर्त चिन्तामणि शास्त्र के अनुसार जब भद्रा काल प्रारंभ होता है तो इसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। यहां तक कि यात्रा भी नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही भद्रा काल में राखी बांधना भी शुभ नहीं माना गया है। मान्यता के अनुसार चंद्रमा की राशि से भद्रा का वास तय किया जाता है। गणना के अनुसार चंद्रमा जब कर्क राशि, सिंह राशि, कुंभ राशि या मीन राशि में होता है। तब भद्रा का वास पृथ्वी में निवास करके मनुष्यों को क्षति पहुंचाती है। वहीं मेष राशि, वृष राशि, मिथुन राशि और वृश्चिक राशि में जब चंद्रमा रहता है तब भद्रा स्वर्गलोक में रहती है और देवताओं के कार्यों में विघ्न डालती है। जब चंद्रमा कन्या राशि, तुला राशि, धनु राशि या मकर राशि में होता है तो भद्रा का वास पाताल लोक में माना गया है। भद्रा जिस लोक में रहती है वहीं प्रभावी रहती है।

राखी बांधने की विधि 

राखी बांधने की विधि 
9 अगस्त शनिवार को शुभ मुहूर्त से पहले रक्षा बंधन की थाली तैयार करें। इसमें कुमकुम, चावल, मिठाई, राखी, पानी से भरा लोटा और नारियल रखें। मुहूर्त में भाई और बहन आमने-सामने आसन पर बैठें। बहन, भाई के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाए, उसके हाथ में नारियल रखे और दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधे। राखी बांधते समय मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं और वस्त्र या अन्य उपहार दें। भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले और उसे उपहार दे।

राखी बांधते समय इस मंत्र का करें जाप

"येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"


अर्थ- जिस पवित्र सूत्र से महान दानवीर राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांध रही हूँ। हे रक्षा सूत्र! तुम स्थिर रहो, कभी ढीले या विचलित न हो।
 

Raksha Bandhan 2025: कौन है भद्रा ?

रक्षाबंधन पर अगर भद्रा का साया रहता है तब उस दौरान राखी बांधना वर्जित होता है। भद्रा में किसी भी तरह का कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है।  पौराणिक कथा के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य नारायण और पत्नी छाया की कन्या व भगवान शनि की बहन है। मान्यता के अनुसार दैत्यों को मारने के लिए भद्रा गर्दभ के मुख और लंबी पूंछ और 3 पैर युक्त उत्पन्न हुई। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा का स्वभाव भी शनि की तरह है। दैनिक पंचांग में भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। माना जाता है कि ब्रह्मा जी ने भद्रा को पंचांग में विशेष स्थान प्रदान किया है।
 

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राखी बांधते समय कितनी गांठ लगाएं

रक्षाबंधन पर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। आमतौर पर राखी बांधते समय तीन गांठे लगाने की परंपरा होती है। 

राखी की पहली गांठ- रक्षा का संकल्प के साथ-साथ भाई की लंबी उम्र, सुरक्षा और सुख-समृद्धि के लिए बांधी जाती है। 
दूसरी गांठ- भाई-बहन के रिश्ते में अटूट प्रेम, सम्मान और भरोसे की। 
तीसरी गांठ- भाई को उसके कर्तव्यों की याद दिलाती है।
 

Aaj Rakhi Bandhan Ka Muhurat: आज राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 

आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त आज सुबह 5 बजकर 47 से शुरू हो चुका है जो दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इस तरह से राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय रहेगा। लेकिन इस बीच राहुकाल भी रहेगा जिसमें राखी बांधने से बचना होगा। राहुकाल सुबह 9 बजकर 07 मिनट से लेकर 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। 

Aaj Rakhi Bandhan Ka Muhurat: रक्षाबंधन पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग

आज रक्षाबंधन पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग बना हुआ है। आज के दिन न्याय के देवता शनि मीन और सूर्य कर्क राशि में रहेंगे। इसके अलावा मन के कारक चंद्रमा मकर में अपना स्थान लेंगे। वहीं ग्रहों के राजकुमार बुध कर्क व गुरु और शुक्र मिथुन में बने रहेंगे। यही नहीं छाया ग्रह राहु कुंभ और केतु सिंह में मौजूद होंगे। संयोग की बात यह है कि इस बार राखी पर भद्रा का साया भी नहीं रहेगा। रक्षाबंधन पर यह ऐसा संयोग कई वर्षों के बाद बन रहा है।
 

Rakhi Bandhne Ka Samay: आज इस समय ना बांधे राखी

इस बार गुलिक काल सुबह 5:47 से 7:27 बजे तक रहेगा। यह शनि ग्रह से जुड़ा होता है और इसका असर मिलाजुला हो सकता है, यानी न पूरी तरह शुभ और न ही पूरी तरह अशुभ।वहीं आज के दिन राहुकाल इस दिन सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक रहेगा। इस समय को बेहद अशुभ माना जाता है और इसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इसलिए रक्षाबंधन के दिन इस समय के दौरान राखी बांधने से बचें।  पंचांग के अनुसार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त आज सुबह 5 बजकर 47 से शुरू हो चुका है जो दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इस तरह से राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय रहेगा। 

Rakhi Shubh Muhurat: राहुकाल खत्म, इतने समय तक राखी बांधना रहेगा शुभ

आज श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि है और आज के दिन देशभर में राखी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बार रक्षाबंधन पर न तो भद्रा का साया बना हुआ और ना ही पंचक। शास्त्रों में भद्राकाल में राखी बांधना अच्छा नहीं माना जाता है। आज के दिन राहुकाल पर भी राखी नहीं बांधनी चाहिए। अब आज का राहुकाल का समय खत्म हो गया है, ऐसे में दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। 
 

Rakhi Bandhne Ka Samay: ऐसे बांधें भाई को राखी

आज रक्षाबंधन के दिन पूजा के लिए एक थाली में स्वास्तिक बनाकर उसमें चंदन, रोली, अक्षत, राखी, मिठाई, और कुछ ताज़े फूलों के बीच में एक घी का दीया रखें। दीपक प्रज्वलित कर सर्वप्रथम अपने ईष्टदेव को तिलक लगाकर राखी बांधें और आरती उतारकर मिठाई का भोग लगाएं। फिर भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। इसके बाद उनके सिर पर रुमाल या कोई वस्त्र रखें। अब भाई के माथे पर रोली-चंदन और अक्षत का तिलक लगाकर उसके हाथ में नारियल दें। इसके बाद  "येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:" इस मंत्र को बोलते हुए भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। भाई की आरती उतारकर मिठाई खिलाएं और उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए भगवान से प्रार्थना करें। 

मेष राशि वाले भाई को बहनें इस रंग की राखी बांधे

मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगलदेव होते हैं। मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक ग्रह होते हैं। ऐसे में बहनों को भाई को लाल रंग की राखी बांधना सबसे अच्छा होता है। इससे जीवन में ऊर्जा, जोश और सफलता की प्राप्ति होती है। 
 

वृषभ राशि वाले इस रंग की बांधे राखी

वृषभ राशि वालों के स्वामी ग्रह शुक्र होते हैं। ऐसे में सफेद या फिर सिल्वर रंग की राखी बांधना सबसे अच्छा रहेगा। 

मिथुन राशि वाले इस रंग की बांधे राखी

मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध देव होते है और हरा रंग बुधदेव का है ऐसे में इस राशि के जातकों की कलाई पर हरे रंग की राखी बांध सकते हैं और हल्दी का तिलक लगा सकते हैं। इससे भाई को दीर्घायु प्राप्त हो सकती है और सुख-समृद्धि बनी रहने की संभावना है। भाई को बेसन की मिठाई खिलाएं।

कर्क राशि वाले इस रंग की राखी बांधे

इस राशि के स्वामी चंद्रमा है जिसकी वजह से भाई की कलाई में चमकीले सफेद रंग की राखी बांधे और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं। मिठाई के रूप में रबड़ी खिलाएं। 

सिंह राशि वालों के लिए इस रंग की राखी शुभ

सिंह राशि के जातकों का स्वामी सूर्य है और सूर्य का रंग पीला होता है। इस वजह से आप अपने भाई की कलाई में गोल्डन पीले रंग की राखी बांध सकती हैं और हल्दी मिश्रित रोली का तिलक भी लगा सकती हैं। 

कन्या राशि राशि वाले इस रंग की पहनें राखी

अगर आपके भाई की राशि कन्या है, तो आप उन्हे गणेश जी के प्रतीक वाला रक्षासूत्र बांधे और उन्हें गणेश जी की प्रिय मिठाई मोतीचूर का लड्डू खिलाएं। बता दें कि इस राशि के जातकों का स्वामी बुध है, जिसकी वजह से भाई-बहन के बीच हमेशा प्रेमभाव बने रहने की संभावना है।

राशिनुसार पहनें राखी

तुला- तुला राशि वाले भाइयों को आप हल्के पीले, सफेद और नीले रंग की चमकीली राखी बांध सकती हैं।

वृश्चिक- इस राशि वाले भाई के लिए यदि बहन लाल,हरे,पीले  रंग की राखी बांधती है तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है।

धनु- रक्षाबंधन पर इस राशि वाले भाइयों को पीले,केसरिया एवं सुनहरे  रंग की राखी बांधना सबसे शुभ माना गया है।

मकर- मकर राशि वाले भाइयों को रक्षाबंधन पर नीला या मिश्रित रंग की राखी बांध सकते हैं।

कुंभ- कुंभ राशि वालों के लिए नीला, काला या गहरा रंग शुभदायी होता है, इसलिए रक्षाबंधन पर इसी रंगों की राखी बांधें।

मीन- इस राशि वाले जातकों को सुनहरे और पीले रंग की राखी बंधवाना बहुत शुभ रहेगा।
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रक्षाबंधन के बाद कब और कैसे उतारनी चाहिए राखी ?

 राखी को कितने समय तक कलाई पर रखना उचित है। क्या इसे तुरंत उतार देना चाहिए या इसके लिए कोई विशेष धार्मिक परंपरा है?

जन्माष्टमी तक बांधने की प्रथा
कुछ मान्यताओं के अनुसार राखी को जन्माष्टमी तक कलाई पर बांधे रखना चाहिए।

16 दिनों का नियम
ज्योतिष के अनुसार राखी को 16 दिनों तक बांधे रखना अत्यंत फलदायी होता है। पूर्णिमा से अगले 15 दिन और 16वें दिन राखी को बहते जल में विसर्जित करने से भाई की आयु, सफलता और समृद्धि में वृद्धि होती है।

दशहरे तक पहनने की परंपरा
कुछ परंपरा यह भी है कि राखी को दशहरे तक बांधे रखा जाता है। दशहरा अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिन तक कलाई पर बंधी राखी भाई के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है और उसे हर प्रकार के संकट से बचाती है।
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