अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हर विधायक का भरोसा है। हमने अपनी बात रखी है और उम्मीद है कि आलाकमान द्वारा अंतिम निर्णय लेने पर हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा। हम चाहते हैं कि पार्टी उन लोगों का ख्याल रखे जो कांग्रेस के प्रति वफादार रहे हैं: राजस्थान के मंत्री महेश जोशी
जयपुर में स्पीकर सीपी जोशी के आवास से कांग्रेस विधायक वापस लौटे।
19 अक्तूबर के बाद सभी विधायकों की दिल्ली जाकर सोनिया गांधी से मुलाकात करने की योजना।
अजय माकन के साथ बातचीत के लिए प्रताप सिंह खाचरियावास, शांति धारीवाल, महेश जोशी, संयम लोढ़ा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था, लेकिन आपसी सहमति नहीं बनी। विधायकों का 19 अक्तूबर तक पार्टी की सभी बैठकों के बहिष्कार का एलान। विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने अजय माकन के सामने तीन मांगें रखी थीं-
1) 102 विधायकों में से ही चुना जाए मुख्यमंत्री
2) सचिन पायलट कबूल नहीं
3) मुख्यमंत्री का चेहरा गहलोत तय करें
अजय माकन ने कहा कि हम एक ही एजेंडा लेकर आए है, हमने जो तय कर लिया वो फाइनल है। विधायकों ने स्पष्ट किया कि 19 अक्तूबर तक कोई बैठक नहीं होगी और कोई बातचीत नहीं होगी।
विधायक दल की बैठक रद्द। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा विधानसभा अध्यक्ष के घर पहुंचे, संभावना है कि पीसीसी अध्यक्ष विधायकों को मुख्यमंत्री आवास ले जाने के लिए आए हैं।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, न आज सीएम अशोक गहलोत से बात हुई, न उन्होंने मुझे फोन किया, मामला जल्द सुलझ जाएगा।
जयपुर: राज्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और शांति धारीवाल ने सीएम अशोक गहलोत के आवास पर एआईसीसी पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की।
गहलोत इशारा करें
राजस्थान में मचे घमासान को लेकर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- अशोक गहलोत विधायकों को इशारा करें तो सब वापस चले जाएंगे। मुकाबला भाजपा से है, न कि यह सचिन पायलट से लड़ने का समय है।
क्या हमारी नहीं सुनी जाएगी?
मीडिया से बात करते हुए गहलोत गुट के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के आव्हान पर हम जान दे देंगे, लेकिन आलाकमान को हमारी सुननी होगी। लोकतंत्र संख्या बल से चलाता है। जब पार्टी 10 विधायकों की सुन रही है तो क्या 92 विधायकों की नहीं सुनी जाएगी। जरूरत पड़ने पर दिल्ली भी जाएंगे। बताया जा रहा है कि 92 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।
मीडिया ने उड़ा दिया मैं सीएम पद नहीं छोड़ना चाहता
विधायक दल की बैठक से पहले सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट किया। उन्होंन लिखा- अध्यक्ष के लिए तो मेरा नाम अभी चलने लगा है, उससे पहले मैं सोनियाजी और अजय माकनजी को भी कह चुका हूं कि अगला चुनाव उसके नेतृत्व में लड़ा जाए जिससे जीतने की संभावना बढ़े, चाहे वह मैं हूं या कोई दूसरा। कांग्रेस के पास बड़ा राज्य राजस्थान ही, अगर यहां जीतेंगे तो कांग्रेस का सभी राज्यों में जीतना प्रारंभ होगा। इससे पार्टी मजबूत होगी। यह मीडिया ने उड़ा दिया कि अशोक गहलोत राजस्थान का मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहते हैं, जबकि यह बात कभी मेरे दिमाग में नहीं रही। मीडिया को चौथा स्तंभ कहा गया है, मेरी नजर में डेमोक्रेसी के अंदर मीडिया का बड़ा महत्व है, उस महत्व को मीडिया कमजोर कर रहा है।
मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर जुटे 92 विधायक बस में सवार होकर विधानसभा अध्यक्ष के निवास पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी विधायक इस्तीफा देने के लिए यहां आए हैं। कुछ ही देर में विधायक सीपी जोशी से मुलाकात करने वाले हैं। विधायकों ने साफ कह दिया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत काे ही बने रहना चाहिए।
पायलट सीएम हाउस पहुंचे
विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए सचिन पायलट मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन, मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी वहां मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में बैठक में शामिल होने वाले अन्य विधायक भी आने वाले हैं। जिसके बाद विधायक दल की बैठक शुरू होगी।
मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने भी संयम लोढ़ा के बयान पर सहमति दी। मेघवाल ने कहा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही रहें, हम यही चाहते हैं। संयम लोढ़ा एक सुलझे हुए व्यक्ति हैं। उन्होंने जो भी कहा है सोच समझकर ही कहा है। वहीं, मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बने रहें। उन्हें बदला नहीं जाना चाहिए।
मंत्री के आवास पर हुई बैठक में 56 विधायक शामिल
गहलोत गुट के करीबी मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर 56 से ज्यादा विधायक पहुंचे हैं। इनमें निर्दलीय विधायक महादेव सिंह खंडेला। गोपाल मीणा, राजेंद्र पारीक, महेंद्र चौधरी, रामलाल जाट, महेश जोशी, नगराज मीणा, जेपी चंदेलिया और दीपचंद खेरिया सहित अन्य विधायक शामिल हैं। इधर, अचानक बदले समीकरण के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होटल मेरियट के लिए रवाना हो गए हैं। वह अजय माकन और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से ताजा हालातों को लेकर चर्चा करेंगे।