पूनिया ने कसा तंज बोले- है तो “क़िस्सा कुर्सी का”, लेकिन जनता को क्या मिला?
राजस्थान विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर लिखा कि "है तो “क़िस्सा कुर्सी का” लेकिन जनता को क्या मिला? सिर्फ बदहाल क़ानून व्यवस्था, रोते किसान, हैरान जवान, त्रस्त अवाम, रोती अबला। जनता कांग्रेस को कभी माफ़ नहीं करेगी।"
खबर थी कि अपनी ही सरकार से नाराज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट आज 11 से पांच बजे तक मौन व्रत रखने वाले थे। 11 बजे शुरू हुए अनशन के महज दो घंटे बाद ही पायलट लोगों से बातचीत करते नजर आने लगे। पायलट की नाराजगी वसुंधरा राजे की सरकार में हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध थी। इसके लिए उन्होंने आज मौन व्रत रखने का संकल्प लिया था।
वसुंधरा राजे के खिलाफ अनशन पार्टी विरोधी कैसे हो गया। अडानी के खिलाफ जब पूरी पार्टी एकजुट होकर लड़ रही है तो वसुंधरा राजे के घोटाले के विरोध में होने वाला अनशन पार्टी विरोधी कैसे हो गया। आचार्य प्रमोद ने लिखा कि किसी भी पोस्टर या बैनर में पार्टी विरोधी कुछ भी नहीं लिखा गया है।